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कोरोना ने तोड़ दी व्यापारी और व्यापार की कमर

Sun, 16 Jan 2022 11:39 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 11:39 PM IST
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Corona broke the back of merchant and business
कोरोना ने तोड़ दी व्यापारी और व्यापार की कमर
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मुजफ्फरनगर। व्यापारी और व्यापार कोरोना संक्रमण काल के मुश्किल समय से जूझ रहा है। छोटे व्यापारियों को छूट और ऋणमाफी की उम्मीद है। सरकार से कोई जीएसटी का सरलीकरण चाहता है तो कोई टैक्स में कमी। व्यापारियों का कहना है कि कोरोना काल में व्यापारी को कोई छूट नहीं मिली। व्यापारी को द्वितीय श्रेणी का व्यक्ति बनाकर खड़ा कर दिया गया। व्यापारी को हिसाब रखने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है छोटे व्यापारियों के पास सुविधा उपलब्ध नहीं है सरकार ने बिजली में सभी को छूट दी है व्यापारियों को इससे अलग रखा गया है यह दोहरा रवैया है जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए था
कोरोना ने बर्बाद कर दिया व्यापार
शाहपुर के युवा व्यापारी मनोज सिंघल का कहना है कि पिछले दो वर्षों से कोरोना संक्रमण काल के चलते व्यापार बुरी तरह बर्बाद हो चुके हैं । सरकार व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए योजना बनाए।
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बंदी और मंदी से व्यापारी पीड़ित
भोपा कस्बे के युवा व्यापारी प्रदीप वालिया का कहना है कि लॉकडाउन की बंदी और मंदी के कारण व्यापारी इस समय बहुत पीड़ित है। व्यापारियों को दिए जाने वाले ऋण में ब्याज की छूट होनी चाहिए।
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आर्थिक मंदी से चौपट हुए व्यापार
रतनपुरी निवासी दुकानदार जितेंद्र सोम का कहना है कि आर्थिक मंदी और बढ़ती महंगाई के कारण दुकानों पर ग्राहकों की संख्या कम हुई। व्यापारी हित में जीएसटी व अन्य व्यापारी ऋणों में छूट मिलनी चाहिए।
हॉल मार्किंग सेंटर अब तक नहीं बना
पुरकाजी के सराफ अर्जुन गुप्ता का कहना है कि सरकार ने हॉल मार्किंग अनिवार्य कर दिया है, लेकिन हॉल मार्किंग सेंटर मुजफ्फरनगर में भी अब तक नहीं बना है, जिससे व्यापारी को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को व्यापारी हित में कानून बनाने चाहिए।
जीएसटी में करना चाहिए संशोधन
खतौली के लोहा व्यापारी दर्पण गुप्ता का कहना है कि सामान पर लगने वाले जीएसटी के कारण भी व्यापारी परेशान है। बाजार में मंदी की मार है। सरकार को जीएसटी में संशोधन करना चाहिए।
मंडी शुल्क होना चाहिए समाप्त
खतौली के व्यापारी नेता राजेश जैन का कहना है कि मंडी शुल्क समाप्त होनी चाहिए। जिन प्रदेशों में मंडी शुल्क है, वहां 50 पैसे प्रति सैकड़ा है जबकि यहां पर एक रुपये 50 पैसे प्रति सैकड़ा है। जीएसटी का सरलीकरण होना चाहिए।

छोटे व्यापारी का नहीं रखा गया ध्यान
खतौली व्यापार मंडल के युवा नगर अध्यक्ष रवि ग्रोवर का कहना है कि खाद्य सुरक्षा विभाग के जो मापदंड है वह छोटे व्यापारी पूरा नहीं कर सकते। सरकार की तमाम नीतियां छोटे व्यापारी के विरुद्ध है। उनके हितों का कोई ध्यान नहीं रखा गया है।
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