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मौलाना कलीम सिद्दीकी के साथ हाफिज इदरीस , सलीम भी गिरफ्तार
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मौलाना कलीम सिद्दीकी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मौलाना कलीम सिद्दीकी के साथ हाफिज इदरीस , सलीम भी गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर। धर्मांतरण प्रकरण में एटीएस ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए मौलाना कलीम सिद्दीकी के बाद उसके करीबी हाफिज इदरीश और कार चालक मोहम्मद सलीम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सांप्रदायिक सौहार्द की आड़ में धर्मांतरण कराते थे। एटीएस की जांच में अभी कई अन्य लोग भी जांच के घेरे में हैं।
धर्मांतरण प्रकरण में फुलत में जमीयते इमाम वलीउल्लाह ट्रस्ट द्वारा मदरसा चलाने वाले मौलाना कलीम सिद्दीकी को हाल ही में एटीएस ने गिरफ्तार किया था। कस्टडी रिमांड पर की गई पूछताछ के बाद एटीएस ने मौलाना कलीम के सहयोगी हाफिज इदरीश और कार चालक मोहम्मद सलीम को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी धर्मांतरण में मौलाना सिद्दीकी का सहयोग करते थे। एटीएस जांच में सामने आया है कि पिछले कुछ समय में ही ट्रस्ट के नाम पर कई खातों में करीब 20 करोड़ रुपये की धनराशि आई है, जिसका आरोपी कोई हिसाब नहीं दे सके हैं। वहीं, आरोपी मदरसा संचालन के साथ ही वहां सांप्रदायिक सौहार्द संबंधित कार्यक्रम आयोजित करते थे, ताकि कोई उनकी तरफ उंगली न उठा सके। इसकी आड़ में लोगों खासकर युवतियों को विभिन्न लालच देकर उनका धर्मांतरण कराया जाता था, जिन्हें मदरसे में ही इस्लाम धर्म से संबंधित जरूरी शिक्षा देने के साथ ही मुस्लिम रीति-रिवाज भी सिखाए जाते थे।
17 साल से मौलाना की कार चला रहा है सलीम
खतौली। एटीएस की गिरफ्त में आया मौलाना कलीम सिद्दीकी का कार चालक मोहम्मद सलीम इनमें आर्थिक रूप से सबसे कमजोर है। वह गत 17 वर्षों से मौलाना सिद्दीकी की कार चला रहा है। पहले वह खतौली में मिशन कंपाउंड में किराए के मकान में रहता था, बाद में मदरसे में ही एक कमरे में परिवार सहित रहने लगा। यहां वह पत्नी वसीला, तीन बेटे शुएब, शाहिद व साहिब और दो बेटियों के साथ रहता है। मोहम्मद सलीम का बड़ा बेटा शुएब ई-रिक्शा चलाता है, दूसरा बेटा शाहिद दिल्ली में ठेली पर खजूर बेचता है और तीसरा साहिब खतौली में बाइक मैकेनिक का काम सीख रहा है।
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इदरीश व सलीम की गिरफ्तारी से दहशत में फुलत
मुजफ्फरनगर। धर्मांतरण प्रकरण में मौलाना कलीम सिद्दीकी के बाद उसके करीबी हाफिज इदरीश और कार चालक मोहम्मद सलीम की गिरफ्तारी होने से फुलत गांव में दहशत का माहौल है। हमेशा चहल-पहल से भरपूर रहने वाली गांव की गलियां आजकल सूनी रहती हैं। जो मदरसा हमेशा हजारों छात्रों के शोर-शराबे और दीनी तालीमों के शोर से गूंजता था, वह भी पूरी तरह से वीरान हो चुका है।
धर्मांतरण प्रकरण में मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी के बाद रतनपुरी थाना क्षेत्र का खतौली कस्बे से सटा गांव फुलत देश-विदेश में चर्चाओं में आ गया है। कभी सांप्रदायिक सौहार्द के कार्यक्रम आयोजित कर एकता का प्रतीक के रूप में जाने जाना वाला गांव फुलत वर्तमान में धर्मांतरण के मामलों को लेकर बदनामी का लबादा ओढ़ चुका है।
हाफिज सिद्दीकी के जिस मदरसे में हमेशा हजारों बच्चों की दीनी तालीम के इदारे गूंजते थे, वहां भी अब केवल वीरानी छाई हुर्ई है। मदरसे की तीनों मंजिलों के कमरे चैनर पर ताले लगाकर बंद कर दिए गए हैं। सभी कार्यालयों पर भी ताले लटके हुए हैं और वहां रहने वाले 56 लोगों का स्टाफ भी मदरसा छोड़कर अन्यत्र जा चुका है। मदरसे में स्थित मस्जिद खुली रहती है, लेकिन उसमें भी अब इक्का-द़ुक्का लोग ही नमाज अदा करने के लिए पहुंचते हैं। हालांकि, यहां के लोगों को अब भी मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी को लेकर यकीन नहीं हो रहा है। ग्रामीण अब भी स्पष्ट तौर पर इसे मौलाना कलीम के करीबी और विश्वासपात्र हाफिज इदरीश को ही इस पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड बताते हुए उसकी गलतियों की सजा मौलाना व कार चालक सलीम को मिलने की बात कह रहे हैं।
कलीम के करीबी हैं इदरीस, सलीम और कुणाल
लखनऊ। एडीजी ने बताया कि कलीम जहां भी धर्मांतरण के कार्यों के लिए जाता है वहां उसके सहयोग के लिए हाफिज इदरीस, मोहम्मद सलीम और कुणाल अशोक चौधरी उर्फ आतिफ साथ-साथ रहते हैं। सलीम 17 साल से और इदरीस 20 साल से कलीम के साथ है। यह दोनों धर्मांतरण के लिए लोगों से संपर्क करते थे और इस्लाम धर्म में शामिल होने की दावत देते थे। इदरीस कलीम की ट्रस्ट जमीअतुल इमाम वलीउल्लाह अल इस्लामिया के लिए फंड जुटाने का काम करता था। वह कलीम द्वारा संचालित मदरसे में भी सक्रिय भूमिका अदा करता था। यहां धर्मांतरण के लिए महत्वपूर्ण चरण तरबियत को अंजाम दिया जाता था।
कुणाल ने रूस में कुबूल किया इस्लाम
गिरफ्तार किए गए कुणाल अशोक चौधरी उर्फ आतिफ ने बताया कि उसने रूस में रहकर मेडिकल की पढ़ाई के दौरान उसने इस्लाम धर्म कुबूल किया। उसे भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने के लिए एमसीआई की परीक्षा पास करना जरूरी था, जो पास नहीं कर सका। इसके बावजूद वह नासिक में अवैध तरीकेसे मेडिकल क्लीनिक चलाता था। कुणाल को एमसीआई की परीक्षा पास कराने के प्रलोभन कलीम सिद्दीकी ने दिया था जिसके कारण वह कलीम सिद्दीकी से जुड़ा। पिछले दो साल से वह कलीम सिद्दीकी के साथ रहते हुए भी अवैध रूप से मेडिकल प्रैक्टिस करता था और प्रैक्टिस के साथ मरीजों पर इस्लाम धर्म कुबूल करने की दावत देने का काम भी करता था।
धर्मांतरण के लिए हुई फंडिंग से इदरीस ने मुजफ्फरनगर के रिहायशी इलाके में 60 लाख रुपये का मकान बनवाया है। यह मकान बीते तीन महीने के भीतर बनवाया गया है। इसके अलावा इदरीस ने ढाई लाख रुपये की कीमत की एक मोटर साइकिल भी खरीदी है। इन संपत्तियों के लिए पैसा कहां से आया इसका जवाब इदरीस नहीं दे सका। कलीम सिद्दीकी और इदरीस कुरैशी की नई दिल्ली और मुजफ्फरनगर में संपत्ति होने के जानकारी मिली है, जिनके सुबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।
अब तक 14 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में आज तीन लोगों को गिरफ्तारी को मिलाकर कुल 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एटीएस ने इसी साल 21 जून को उमर गौतम और जहांगीर आलम को गिरफ्तार कर अवैध तरीके से किए जा रहे धर्मांतरण का पर्दाफाश किया था।
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मुजफ्फरनगर। धर्मांतरण प्रकरण में एटीएस ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए मौलाना कलीम सिद्दीकी के बाद उसके करीबी हाफिज इदरीश और कार चालक मोहम्मद सलीम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सांप्रदायिक सौहार्द की आड़ में धर्मांतरण कराते थे। एटीएस की जांच में अभी कई अन्य लोग भी जांच के घेरे में हैं।
धर्मांतरण प्रकरण में फुलत में जमीयते इमाम वलीउल्लाह ट्रस्ट द्वारा मदरसा चलाने वाले मौलाना कलीम सिद्दीकी को हाल ही में एटीएस ने गिरफ्तार किया था। कस्टडी रिमांड पर की गई पूछताछ के बाद एटीएस ने मौलाना कलीम के सहयोगी हाफिज इदरीश और कार चालक मोहम्मद सलीम को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी धर्मांतरण में मौलाना सिद्दीकी का सहयोग करते थे। एटीएस जांच में सामने आया है कि पिछले कुछ समय में ही ट्रस्ट के नाम पर कई खातों में करीब 20 करोड़ रुपये की धनराशि आई है, जिसका आरोपी कोई हिसाब नहीं दे सके हैं। वहीं, आरोपी मदरसा संचालन के साथ ही वहां सांप्रदायिक सौहार्द संबंधित कार्यक्रम आयोजित करते थे, ताकि कोई उनकी तरफ उंगली न उठा सके। इसकी आड़ में लोगों खासकर युवतियों को विभिन्न लालच देकर उनका धर्मांतरण कराया जाता था, जिन्हें मदरसे में ही इस्लाम धर्म से संबंधित जरूरी शिक्षा देने के साथ ही मुस्लिम रीति-रिवाज भी सिखाए जाते थे।
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17 साल से मौलाना की कार चला रहा है सलीम
खतौली। एटीएस की गिरफ्त में आया मौलाना कलीम सिद्दीकी का कार चालक मोहम्मद सलीम इनमें आर्थिक रूप से सबसे कमजोर है। वह गत 17 वर्षों से मौलाना सिद्दीकी की कार चला रहा है। पहले वह खतौली में मिशन कंपाउंड में किराए के मकान में रहता था, बाद में मदरसे में ही एक कमरे में परिवार सहित रहने लगा। यहां वह पत्नी वसीला, तीन बेटे शुएब, शाहिद व साहिब और दो बेटियों के साथ रहता है। मोहम्मद सलीम का बड़ा बेटा शुएब ई-रिक्शा चलाता है, दूसरा बेटा शाहिद दिल्ली में ठेली पर खजूर बेचता है और तीसरा साहिब खतौली में बाइक मैकेनिक का काम सीख रहा है।
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इदरीश व सलीम की गिरफ्तारी से दहशत में फुलत
मुजफ्फरनगर। धर्मांतरण प्रकरण में मौलाना कलीम सिद्दीकी के बाद उसके करीबी हाफिज इदरीश और कार चालक मोहम्मद सलीम की गिरफ्तारी होने से फुलत गांव में दहशत का माहौल है। हमेशा चहल-पहल से भरपूर रहने वाली गांव की गलियां आजकल सूनी रहती हैं। जो मदरसा हमेशा हजारों छात्रों के शोर-शराबे और दीनी तालीमों के शोर से गूंजता था, वह भी पूरी तरह से वीरान हो चुका है।
धर्मांतरण प्रकरण में मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी के बाद रतनपुरी थाना क्षेत्र का खतौली कस्बे से सटा गांव फुलत देश-विदेश में चर्चाओं में आ गया है। कभी सांप्रदायिक सौहार्द के कार्यक्रम आयोजित कर एकता का प्रतीक के रूप में जाने जाना वाला गांव फुलत वर्तमान में धर्मांतरण के मामलों को लेकर बदनामी का लबादा ओढ़ चुका है।
हाफिज सिद्दीकी के जिस मदरसे में हमेशा हजारों बच्चों की दीनी तालीम के इदारे गूंजते थे, वहां भी अब केवल वीरानी छाई हुर्ई है। मदरसे की तीनों मंजिलों के कमरे चैनर पर ताले लगाकर बंद कर दिए गए हैं। सभी कार्यालयों पर भी ताले लटके हुए हैं और वहां रहने वाले 56 लोगों का स्टाफ भी मदरसा छोड़कर अन्यत्र जा चुका है। मदरसे में स्थित मस्जिद खुली रहती है, लेकिन उसमें भी अब इक्का-द़ुक्का लोग ही नमाज अदा करने के लिए पहुंचते हैं। हालांकि, यहां के लोगों को अब भी मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी को लेकर यकीन नहीं हो रहा है। ग्रामीण अब भी स्पष्ट तौर पर इसे मौलाना कलीम के करीबी और विश्वासपात्र हाफिज इदरीश को ही इस पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड बताते हुए उसकी गलतियों की सजा मौलाना व कार चालक सलीम को मिलने की बात कह रहे हैं।
कलीम के करीबी हैं इदरीस, सलीम और कुणाल
लखनऊ। एडीजी ने बताया कि कलीम जहां भी धर्मांतरण के कार्यों के लिए जाता है वहां उसके सहयोग के लिए हाफिज इदरीस, मोहम्मद सलीम और कुणाल अशोक चौधरी उर्फ आतिफ साथ-साथ रहते हैं। सलीम 17 साल से और इदरीस 20 साल से कलीम के साथ है। यह दोनों धर्मांतरण के लिए लोगों से संपर्क करते थे और इस्लाम धर्म में शामिल होने की दावत देते थे। इदरीस कलीम की ट्रस्ट जमीअतुल इमाम वलीउल्लाह अल इस्लामिया के लिए फंड जुटाने का काम करता था। वह कलीम द्वारा संचालित मदरसे में भी सक्रिय भूमिका अदा करता था। यहां धर्मांतरण के लिए महत्वपूर्ण चरण तरबियत को अंजाम दिया जाता था।
कुणाल ने रूस में कुबूल किया इस्लाम
गिरफ्तार किए गए कुणाल अशोक चौधरी उर्फ आतिफ ने बताया कि उसने रूस में रहकर मेडिकल की पढ़ाई के दौरान उसने इस्लाम धर्म कुबूल किया। उसे भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने के लिए एमसीआई की परीक्षा पास करना जरूरी था, जो पास नहीं कर सका। इसके बावजूद वह नासिक में अवैध तरीकेसे मेडिकल क्लीनिक चलाता था। कुणाल को एमसीआई की परीक्षा पास कराने के प्रलोभन कलीम सिद्दीकी ने दिया था जिसके कारण वह कलीम सिद्दीकी से जुड़ा। पिछले दो साल से वह कलीम सिद्दीकी के साथ रहते हुए भी अवैध रूप से मेडिकल प्रैक्टिस करता था और प्रैक्टिस के साथ मरीजों पर इस्लाम धर्म कुबूल करने की दावत देने का काम भी करता था।
धर्मांतरण के लिए हुई फंडिंग से इदरीस ने मुजफ्फरनगर के रिहायशी इलाके में 60 लाख रुपये का मकान बनवाया है। यह मकान बीते तीन महीने के भीतर बनवाया गया है। इसके अलावा इदरीस ने ढाई लाख रुपये की कीमत की एक मोटर साइकिल भी खरीदी है। इन संपत्तियों के लिए पैसा कहां से आया इसका जवाब इदरीस नहीं दे सका। कलीम सिद्दीकी और इदरीस कुरैशी की नई दिल्ली और मुजफ्फरनगर में संपत्ति होने के जानकारी मिली है, जिनके सुबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।
अब तक 14 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में आज तीन लोगों को गिरफ्तारी को मिलाकर कुल 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एटीएस ने इसी साल 21 जून को उमर गौतम और जहांगीर आलम को गिरफ्तार कर अवैध तरीके से किए जा रहे धर्मांतरण का पर्दाफाश किया था।