{"_id":"6106e1558ebc3e83f64fcb80","slug":"contractors-paid-on-the-orders-of-dm-in-muzaffarnagar-muzaffarnagar-news-mrt5500317188","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम के आदेश पर ठेकेदारों का हुआ भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम के आदेश पर ठेकेदारों का हुआ भुगतान
विज्ञापन
डीएम के आदेश पर ठेकेदारों का हुआ भुगतान
मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद के द्वारा शहर के विकास के लिए कराए गए 14वें एवं 15वें वित्त आयोग के तहत कार्यों का भुगतान आखिरकार डीएम सीबी सिंह की सख्ती पर शनिवार की देर रात जारी कर दिया गया। लंबित रखी जा रही पत्रावलियों का निटपारा करते हुए करीब तीन करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया।
नगरपालिका परिषद ने शहर में 14वें और 15वें वित्त आयोग के तहत विकास कार्य कराए गए थे। इन निर्माण कार्यों के पूर्ण हो जाने के बाद भुगतान के लिए तत्कालीन डीएम सेल्वा कुमारी जे ने एडीएम वित्त एवं राजस्व आलोक कुमार और पीडब्लूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन की कमेटी बनाकर जांच के आदेश दिए थे। जांच समिति की संस्तुति के बाद ही भुगतान किया जाना था। इसमें शहर में हुए करीब 38 निर्माण कार्यों की जांच समिति के द्वारा जांच के बाद भुगतान की संस्तुति कर दी थी, लेकिन इसके बाद भी ठेकेदारों का भुगतान नहीं किया जा रहा था। जबकि 31 जुलाई भुगतान के लिए अंतिम तिथि निर्धारित थी। इस मामले में कान्ट्रैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आदेश त्यागी के नेतृत्व में ठेकेदार शनिवार को डीएम चंद्रभूषण सिंह से मिले थे। ठेकेदारों ने जांच में पास की गई 38 पत्रावलियों पर भी भुगतान नहीं किये जाने की शिकायत की।
इस पर डीएम ने एडीएम वित्त, एक्सईएन, सिटी मजिस्ट्रेट और पालिका के ईओ को अपने कार्यालय में तलब किया। उन्होंने पत्रावलियों को लंबित रखने पर कड़ी नाराजगी जताई। इसके साथ ही भुगतान कराने के निर्देश दिए। ठेकेदार आदेश त्यागी ने बताया कि डीएम की सख्ती के कारण देर रात करीब 38 पत्रावलियों का भुगतान जारी कर दिया गया है। अब शहर में बंद पड़े निर्माण कार्यों को भी शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद के द्वारा शहर के विकास के लिए कराए गए 14वें एवं 15वें वित्त आयोग के तहत कार्यों का भुगतान आखिरकार डीएम सीबी सिंह की सख्ती पर शनिवार की देर रात जारी कर दिया गया। लंबित रखी जा रही पत्रावलियों का निटपारा करते हुए करीब तीन करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया।
नगरपालिका परिषद ने शहर में 14वें और 15वें वित्त आयोग के तहत विकास कार्य कराए गए थे। इन निर्माण कार्यों के पूर्ण हो जाने के बाद भुगतान के लिए तत्कालीन डीएम सेल्वा कुमारी जे ने एडीएम वित्त एवं राजस्व आलोक कुमार और पीडब्लूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन की कमेटी बनाकर जांच के आदेश दिए थे। जांच समिति की संस्तुति के बाद ही भुगतान किया जाना था। इसमें शहर में हुए करीब 38 निर्माण कार्यों की जांच समिति के द्वारा जांच के बाद भुगतान की संस्तुति कर दी थी, लेकिन इसके बाद भी ठेकेदारों का भुगतान नहीं किया जा रहा था। जबकि 31 जुलाई भुगतान के लिए अंतिम तिथि निर्धारित थी। इस मामले में कान्ट्रैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आदेश त्यागी के नेतृत्व में ठेकेदार शनिवार को डीएम चंद्रभूषण सिंह से मिले थे। ठेकेदारों ने जांच में पास की गई 38 पत्रावलियों पर भी भुगतान नहीं किये जाने की शिकायत की।
विज्ञापन
इस पर डीएम ने एडीएम वित्त, एक्सईएन, सिटी मजिस्ट्रेट और पालिका के ईओ को अपने कार्यालय में तलब किया। उन्होंने पत्रावलियों को लंबित रखने पर कड़ी नाराजगी जताई। इसके साथ ही भुगतान कराने के निर्देश दिए। ठेकेदार आदेश त्यागी ने बताया कि डीएम की सख्ती के कारण देर रात करीब 38 पत्रावलियों का भुगतान जारी कर दिया गया है। अब शहर में बंद पड़े निर्माण कार्यों को भी शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन