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किसान आंदोलन में संजीवनी ढूंढ रही कांग्रेस

Sun, 21 Feb 2021 12:14 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 21 Feb 2021 12:14 AM IST
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Congress is looking for life in the farmers movement
किसान आंदोलन में संजीवनी ढूंढ रही कांग्रेस
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मुजफ्फरनगर। किसान आंदोलन को लेकर कांग्रेस यूपी में संजीवनी ढूंढ रही है। इसी संजीवनी की तलाश में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार रैली की जा रही है। किसान पंचायत में उमड़ी भीड़ को वोटों में तब्दील करना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है।

जिले में बीते तीन दशक से कांग्रेस की हालत बेहद पतली है। तीन दशक में यहां वर्ष 1999 में सईदुज्जमां एक बार सांसद का और 2007 में पंकज मलिक एक बार विधानसभा का चुनाव जीते हैं। इनके अलावा कांग्रेस खाता नहीं खोल पाई है। पंकज मलिक बघरा से ही विधायक का चुनाव जीते थे। कांग्रेस 14 साल से सांसद और विधायक का खाता तक नहीं खोल पाई हैं। कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी संगठन को मजबूत करते हुए किसान पंचायत में आने वाली भीड़ को वोट में तब्दील करना है। जिले में इस समय सांसद, विधायक, जिला सहकारी बैंक सभी पदों पर भाजपा का कब्जा है। भाजपा की जिस तरह की राजनीति है और उसने जातीय समीकरण बनाए हैं, इन समीकरणों को तोड़कर कांग्रेस को खड़ी करना एक बड़ी चुनौती है। प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी किसान आंदोलन के बाद लगातार रैली कर रही है। उनको सुनने के लिए अच्छी संख्या में लोग आ रहे है। ऐसे में दिखाई देने लगा है कि कांग्रेस इस आंदोलन के बहाने संजीवनी की तलाश में है। अब देखना यह है कि कांग्रेस जनता को अपनी ओर मोड़ने में कितना सफल होती है। भाजपा के मुकाबले सपा, रालोद, बसपा और कांग्रेस में सबसे अधिक मजबूत कौन रहता है।
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