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31 अक्तूबर तक पूरी कराएं जिला बार एसोशिएशन की चुनाव प्रक्रिया
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31 अक्तूबर तक पूरी कराएं जिला बार एसोसिएशन की चुनाव प्रक्रिया
मुजफ्फरनगर। बार काउंसिल आफ इंडिया की तीन सदस्यीय कमेटी ने जिला बार एसोसिएशन मुजफ्फरनगर कार्यकारिणी की वार्षिक चुनाव प्रक्रिया 31 अक्तूबर तक कराने के आदेश पारित किए हैं। मौजूदा अध्यक्ष और महासचिव को 30 सितंबर तक कार्यभार एल्डर कमेटी को सौंपने का फरमान सुनाया है।
जिला बार का चुनाव अप्रैल 2019 में एक वर्ष के लिए हुआ था, जिसका कार्यकाल 31 मार्च 2020 तक नियत था। पंजीकृ़त नियमावली के अनुरूप 31 मार्च तक चुनाव नहीं हो पाते, तो अधिवक्ताओं की आम सभा में दो तिहाई बहुमत से एक महीने के लिए समय बढ़ाया जा सकता है। कोरोना महामारी में लॉकडाउन में कोई जनरल हाउस नहीं हुआ और ना ही कार्यभार एल्डर कमेटी को नहीं सौंपा गया। इस संबंध में पूर्व जिला बार अध्यक्ष अनिल जिंदल एवं आठ अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष को पत्र भेजकर मौजूदा अध्यक्ष और महासचिव द्वारा नियम विरुद्ध कार्य करने का तर्क रखा और बार काउंसिल ऑफ यूपी के मॉडल बायलॉज के नियम 18 का हवाला देते हुए एल्डर कमेटी को चार्ज दिलवाकर चुनाव कराने की बात कहीं। 24 जुलाई को भी अनिल जिंदल ने एक पत्र भेजा और चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति पर सवाल उठाए। मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 26 अगस्त को सुनवाई की। अध्यक्ष नसीर अहमद, महासचिव प्रदीप मलिक, पूर्व अध्यक्ष अनूप सिंह और पूर्व महासचिव सुरेंद्र मलिक की तरफ उनके द्वारा नियत अधिवक्ताओं और पूर्व अध्यक्ष अनिल जिंदल ने खुद अपने मौखिक तर्क प्रस्तुत किए। साथ ही समिति द्वारा मांगे गए लिखित तर्क सभी पक्षकारों द्वारा पांच सितंबर तक दिल्ली भेज दिए। तीन सदस्यीय कमेटी ने आदेश किया कि 30 सितंबर तक अध्यक्ष नसीर और सचिव प्रदीप मलिक बार एसोसिएशन का कार्यभार एल्डर कमेटी के अधिवक्ता विजेंद्र जैन, अब्दुल रऊफ, पद्म सैन गोयल, सुरेंद्र शर्मा और आनंद प्रकाश त्यागी को सुपुर्द कर दें। एल्डर कमेटी को निर्देश किया कि वह एसोसिएशन की नियमावली के मुताबिक 31 अक्तूबर कार्यकारिणी के चुनाव संपन्न कराना सुनिश्चित करें। यह भी स्पष्ट किया कि कोविड महामारी के कारण कोई आकस्मिक स्थिति होने पर वह चुनाव कार्यक्रम पुन: निर्धारित करें।
पर्यवेक्षकों की निगरानी में होगा चुनाव
पक्षकार अनिल जिंदल ने जिला बार एसोसिएशन की चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया से तीन सदस्यों को पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त करने की मांग रखी। समिति ने उक्त तर्क को मानते हुए उप्र बार काउंसिल को तीन सदस्यों को पर्यवेक्षक नामित करने के लिए निर्देश दिए। इस आदेश के बाद पर्यवेक्षकों की निगरानी में चुनाव प्रक्रिया संपन्न होगी।
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मुजफ्फरनगर। बार काउंसिल आफ इंडिया की तीन सदस्यीय कमेटी ने जिला बार एसोसिएशन मुजफ्फरनगर कार्यकारिणी की वार्षिक चुनाव प्रक्रिया 31 अक्तूबर तक कराने के आदेश पारित किए हैं। मौजूदा अध्यक्ष और महासचिव को 30 सितंबर तक कार्यभार एल्डर कमेटी को सौंपने का फरमान सुनाया है।
जिला बार का चुनाव अप्रैल 2019 में एक वर्ष के लिए हुआ था, जिसका कार्यकाल 31 मार्च 2020 तक नियत था। पंजीकृ़त नियमावली के अनुरूप 31 मार्च तक चुनाव नहीं हो पाते, तो अधिवक्ताओं की आम सभा में दो तिहाई बहुमत से एक महीने के लिए समय बढ़ाया जा सकता है। कोरोना महामारी में लॉकडाउन में कोई जनरल हाउस नहीं हुआ और ना ही कार्यभार एल्डर कमेटी को नहीं सौंपा गया। इस संबंध में पूर्व जिला बार अध्यक्ष अनिल जिंदल एवं आठ अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष को पत्र भेजकर मौजूदा अध्यक्ष और महासचिव द्वारा नियम विरुद्ध कार्य करने का तर्क रखा और बार काउंसिल ऑफ यूपी के मॉडल बायलॉज के नियम 18 का हवाला देते हुए एल्डर कमेटी को चार्ज दिलवाकर चुनाव कराने की बात कहीं। 24 जुलाई को भी अनिल जिंदल ने एक पत्र भेजा और चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति पर सवाल उठाए। मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 26 अगस्त को सुनवाई की। अध्यक्ष नसीर अहमद, महासचिव प्रदीप मलिक, पूर्व अध्यक्ष अनूप सिंह और पूर्व महासचिव सुरेंद्र मलिक की तरफ उनके द्वारा नियत अधिवक्ताओं और पूर्व अध्यक्ष अनिल जिंदल ने खुद अपने मौखिक तर्क प्रस्तुत किए। साथ ही समिति द्वारा मांगे गए लिखित तर्क सभी पक्षकारों द्वारा पांच सितंबर तक दिल्ली भेज दिए। तीन सदस्यीय कमेटी ने आदेश किया कि 30 सितंबर तक अध्यक्ष नसीर और सचिव प्रदीप मलिक बार एसोसिएशन का कार्यभार एल्डर कमेटी के अधिवक्ता विजेंद्र जैन, अब्दुल रऊफ, पद्म सैन गोयल, सुरेंद्र शर्मा और आनंद प्रकाश त्यागी को सुपुर्द कर दें। एल्डर कमेटी को निर्देश किया कि वह एसोसिएशन की नियमावली के मुताबिक 31 अक्तूबर कार्यकारिणी के चुनाव संपन्न कराना सुनिश्चित करें। यह भी स्पष्ट किया कि कोविड महामारी के कारण कोई आकस्मिक स्थिति होने पर वह चुनाव कार्यक्रम पुन: निर्धारित करें।
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पर्यवेक्षकों की निगरानी में होगा चुनाव
पक्षकार अनिल जिंदल ने जिला बार एसोसिएशन की चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया से तीन सदस्यों को पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त करने की मांग रखी। समिति ने उक्त तर्क को मानते हुए उप्र बार काउंसिल को तीन सदस्यों को पर्यवेक्षक नामित करने के लिए निर्देश दिए। इस आदेश के बाद पर्यवेक्षकों की निगरानी में चुनाव प्रक्रिया संपन्न होगी।
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