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तेज बारिश से टापू बना शहर

Sat, 01 Jul 2017 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Sat, 01 Jul 2017 12:27 AM IST
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City with fast rain
बारिश से सड़कें तालाब बन गईं। शिवचौक पर जलभराव से गुजरती कार। - फोटो : amar ujala
मुजफ्फरनगर। बारिश की फुहारों ने पारा तो लुढ़का दिया, लेकिन जलभराव से शहर टापू बन गया। शुक्रवार को डेढ़ घंटे तक जमकर हुई बारिश से पालिका के नाला सफाई अभियान पोल खोल दी। गली, चौराहों पर जलभराव होने से नागरिकों को परेशानी हुई। शहर निचले इलाकों में अधिक बुरा हाल रहा।         
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बुधवार से शहर में मानसूनी बारिश ने मौसम बदल दिया है। शुक्रवार को भी सुबह से आसमान में काले बादल छा गए। दोपहर को हुई तेज बारिश ने पारे को लुढ़का दिया। डेढ़ घंटे तक बारिश होने से शहर टापू बन गया। बारिश ने नगर पालिका प्रशासन की नाला सफाई अभियान और सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। शिवचौक, बालाजी चौक, कचहरी मार्ग, शामली रोड, सुभाष नगर, गांधी कॉलोनी, नवीन मंडी आदि क्षेत्रों में जलभराव होने से नागरिक परेशान हो गए। हालात इतने बुरे रहे कि नालों का गंदा पानी लोगों के घरों में घुस आया। घरों में पानी भरने से लोगों के खाद्यान्न भी खराब हो गए। उधर, बारिश के कारण लोग घरों में दुबक गए। रोजमर्रा के काम करने में भी दिक्कत सहन करनी पड़ी। जलभराव से गुजरे कई बाइक सवार गिरकर चोटिल हो गए। शहर में शुक्रवार को 29.2 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई, जबकि अधिकतम तापमान 29.9 और न्यूनतम 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।            
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दुकानों के शटर तक पहुंचा पानी            
शुक्रवार दोपहर तेज बारिश के कारण कारोबार भी प्रभावित रहा। नाले चोक होने से गंदा पानी व्यापारियों की दुकानों में भी भर गया। सड़कों पर जलभराव रहने से ग्राहक भी नदारद रहे। व्यापारियों ने बाल्टी और अन्य उपकरणों के माध्यम से दुकानों में भरे गंदे पानी को बाहर निकाला।             
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32 लाख रुपये में साफ होने थे नाले             
बारिश ने पालिका की पोल खोलने के साथ नाला सफाई के दावों की भी हवा निकाल दी। पालिका ने हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में 32 लाख रुपये शहर के मुख्य 65 नालों की सफाई के लिए खर्च करने का बजट बनाया था। यदि ऐसे ही हालात रहे तो बरसात में शहर चारों ओर गंदगी और जलभराव से जूझेगा।             
        
यातायात की भी बिगड़ गई चाल            
जलभराव से होने से मुख्य मार्गों पर यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई। जिस कारण वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों को यातायात व्यवस्था बनाने में घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी। 

खेतों में भरा पानी, सब्जी उत्पादक मायूस      
चरथावल। कस्बे एवं देहातों में बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव ने लोगों की परेशानी में इजाफा कर दिया। कस्बे के राजीव मार्केट में जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कत उठानी पड़ी। यहां दुकानों के सामने कई फीट पानी भरने से परेशानी हुई। गहरे खेतों में पानी भरने से सब्जी उत्पादकों को मायूसी मिली।      

बिरालसी-रोनी हरजीपुर मार्ग पर लोगों को समुचित जल निकासी नहीं होने से मंदिर के पास सड़क पर बने गड्ढों में गंदे पानी में होकर लोगों को गुजरना पड़ा। दधेडू खुर्द और कलां में नाला निकासी माकूल नहीं होने से सड़कों पर पानी भर गया। उधर, गहरे खेतों में चरथावल-लुहारी मार्ग पर तालाब के निकट सब्जी के खेतों में पानी भरने से गोभी, भिंड़ी, तोरई आदि की फसल बर्बाद हो गई। रोहताश कश्यप, मुकेश कुमार का कहना है कि पानी निकासी ठीक नहीं होने से चरथावल की अगैती प्रजाति की फूलगोभी की फसल बेहद प्रभावित हुई है।
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