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क्रिसमस पर कारोबार को लगा लाखों का फटका
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सदर बाजार में क्रिसमस पर्व पर खरीददारी करती महिला।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
क्रिसमस पर कारोबार को लगा लाखों का फटका
मुजफ्फरनगर। शहर में हुए बवाल और स्कूलों की छुट्टियों से त्योहारी उल्लास भी कम हो गया है। क्रिसमस को लेकर चल रही तैयारी ठंडी पड़ गई, इसका सीधा असर बाजार पर आया। क्रिसमस के लिए पहले से तैयारी किए बैठे व्यापारियों को लाखों का नुकसान हुआ है। सेंटा क्लाज के कास्ट्यूम, गिफ्ट, क्रिसमस ट्री व अन्य सामान की बिक्री नहीं होने से दुकानदार निराश हैं।
दिसंबर के अंतिम सप्ताह में लोग क्रिसमस और नववर्ष के स्वागत के उल्लास में डूबे रहते हैं। स्कूल-कॉलेजों में अनेक कार्यक्रम होते हैं। इनमें बच्चे सेंटा क्लॉज की ड्रेस पहनकर विद्यालय पहुंचते हैं। क्रिसमस ट्री सजाए जाते हैं और लोग एक-दूसरे को गिफ्ट देते हैं। जिले में 17 दिसंबर से स्कूल-कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया गया था। बीते शुक्रवार को शहर में हुए उपद्रव के बाद दो दिन तक शहर में चहल-पहल भी कम ही रही थी। अब स्कूलों में 25 दिसंबर तक का अवकाश है। सदर बाजार के दुकानदार सचिन गर्ग बताते हैं कि इस बार न तो कास्ट्यूम बिके और न ही क्रिसमस से जुड़े अन्य सामान की बिक्री हुई। स्कूल खुले होते तो बाजार में रौनक रहती। उन्होंने पहले से ही कई हजार रुपये का सामान मंगवाया था, लेकिन यह सब रखा हुआ है। अन्य दुकानदारों के भी यही हाल है। सदर बाजार में गिफ्ट सेंटर संचालक अवनीश बताते हैं कि शहर में प्रतिवर्ष क्रिसमस पर काफी अच्छा कारोबार होता था, लेकिन इस बार सब कुछ ठंडा है। जिले में कई थोक व्यापारी भी हैं जो आसपास के जिलों तक में सप्लाई करते हैं। एक अनुमान के मुताबिक जिले में क्रिसमस पर करीब आठ से दस लाख रुपये का कारोबार होता था। शहर के माहौल और स्कूलों की छुट्टी के कारण इस बार बिक्री नहीं हुई।
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मुजफ्फरनगर। शहर में हुए बवाल और स्कूलों की छुट्टियों से त्योहारी उल्लास भी कम हो गया है। क्रिसमस को लेकर चल रही तैयारी ठंडी पड़ गई, इसका सीधा असर बाजार पर आया। क्रिसमस के लिए पहले से तैयारी किए बैठे व्यापारियों को लाखों का नुकसान हुआ है। सेंटा क्लाज के कास्ट्यूम, गिफ्ट, क्रिसमस ट्री व अन्य सामान की बिक्री नहीं होने से दुकानदार निराश हैं।
दिसंबर के अंतिम सप्ताह में लोग क्रिसमस और नववर्ष के स्वागत के उल्लास में डूबे रहते हैं। स्कूल-कॉलेजों में अनेक कार्यक्रम होते हैं। इनमें बच्चे सेंटा क्लॉज की ड्रेस पहनकर विद्यालय पहुंचते हैं। क्रिसमस ट्री सजाए जाते हैं और लोग एक-दूसरे को गिफ्ट देते हैं। जिले में 17 दिसंबर से स्कूल-कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया गया था। बीते शुक्रवार को शहर में हुए उपद्रव के बाद दो दिन तक शहर में चहल-पहल भी कम ही रही थी। अब स्कूलों में 25 दिसंबर तक का अवकाश है। सदर बाजार के दुकानदार सचिन गर्ग बताते हैं कि इस बार न तो कास्ट्यूम बिके और न ही क्रिसमस से जुड़े अन्य सामान की बिक्री हुई। स्कूल खुले होते तो बाजार में रौनक रहती। उन्होंने पहले से ही कई हजार रुपये का सामान मंगवाया था, लेकिन यह सब रखा हुआ है। अन्य दुकानदारों के भी यही हाल है। सदर बाजार में गिफ्ट सेंटर संचालक अवनीश बताते हैं कि शहर में प्रतिवर्ष क्रिसमस पर काफी अच्छा कारोबार होता था, लेकिन इस बार सब कुछ ठंडा है। जिले में कई थोक व्यापारी भी हैं जो आसपास के जिलों तक में सप्लाई करते हैं। एक अनुमान के मुताबिक जिले में क्रिसमस पर करीब आठ से दस लाख रुपये का कारोबार होता था। शहर के माहौल और स्कूलों की छुट्टी के कारण इस बार बिक्री नहीं हुई।
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