फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Children are not getting good food in mid-day meal in government schools of Muzaffarnagar

UP: स्कूलों में मिड-डे मील की हकीकत, छात्र बोले- दाल पतली और रोटी भी छोटी, हमारा पेट नहीं भरता

Fri, 24 Jun 2022 04:33 PM IST
कपिल kapil मदन बालियान, अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
मदन बालियान, अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Fri, 24 Jun 2022 04:33 PM IST
सार

पश्चिमी यूपी के स्कूलों से मिड-डे मील की हकीकत सामने आ रही है। बच्चे भी बोल रहे हैं कि दाल पतली और रोटी छोटी मिल रही, जिससे पेट भी नहीं भरता है।

विज्ञापन
Children are not getting good food in mid-day meal in government schools of Muzaffarnagar
स्कूल में खाना खाते छात्र। - फोटो : amar ujala

विस्तार

परिषदीय स्कूलों का नया शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है। धीरे-धीरे बच्चों की संख्या बढ़ने लगी है। मगर, सत्र के शुरुआत में मिड-डे मील योजना में भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। मुजफ्फरनगर और खतौली नगर में कई स्कूलों के बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने खुद गुणवत्ता खराब बताई है। पूर्व माध्यमिक कंपोजिट विद्यालय कानूनगोयान खतौली में गुरुवार को बच्चों को दाल दी गई, जिसे अधिकतर बच्चों ने छोड़ दिया। 

विज्ञापन


छात्रा जूही कहती हैं कि जिस दिन से स्कूल खुले हैं, तब से दाल पतली और रोटी भी पहले के मुकाबले छोटी दी जा रही है। हमारा पेट भी नहीं भरता। स्कूल में खाना बनता था तो सब बच्चे अच्छे से खाना खा लेते थे। छात्र आशु ने कहा कि भोजन से संतुष्ट नहीं है। स्कूल आना शुरू किया तो पहले तीन दिन तो भोजन स्कूल में मिला ही नहीं। अब मिल रहा है तो उसे खाने में बिल्कुल भी स्वाद नहीं आ रहा है। खतौली के स्कूल में अलग और शहर के स्कूल में अलग एनजीओ वितरण कर रहा है।
विज्ञापन


हां, बच्चे नाराज है, डिप्टी से करेंगे शिकायत
पूर्व माध्यमिक कंपोजिट विद्यालय कानूनगोयान खतौली के प्रधानाध्यापक सचिन कुमार स्वीकार करते हैं कि बच्चे खाना छोड़ रहे हैं। दाल और रोटी की गुणवत्ता बच्चों ने खराब बताई। पहले स्कूल में खाना बनता था, अब एनजीओ से वितरण करा रहे हैं। डिप्टी निरीक्षण पर आएंगे तो शिकायत की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: UP: जुमे की नमाज पर हाई अलर्ट, पश्चिमी यूपी के हर शहर पर एडीजी की पैनी नजर, मस्जिदों के बाहर फोर्स तैनात

शहर में शिकायत, बीएसए कराएंगे जांच
नगर क्षेत्र में एनजीओ श्रीबालाजी सामाजिक विकास समिति के माध्यम से परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मिड-डे मिल का वितरण किया जा रहा है। 16 जून से स्कूल खुले हैं तो समिति ने मिड-डे मिल का वितरण भी शुरू कर दिया है। कई जगह बच्चों ने भोजन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। ताहरी की गुणवत्ता को खराब बताया।  

बच्चों को नहीं होने देंगे परेशानी :  बीएसए
अभी तक कोई शिकायत नहीं आई थी। अब हम मिड-डे मिल की जांच कराएंगे। मानकों के अनुसार ही मिड-डे मिल का वितरण कराया जाएगा। बच्चों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - मायाराम, बीएसए  

प्रधानाध्यापक ने नहीं की शिकायत
बच्चों की अच्छी गुणवत्ता का भोजन दिया जा रहा है। किसी प्रधानाध्यापक की ओर से अभी तक शिकायत नहीं मिली है। अगर किसी स्कूल में दिक्कत है तो जांच कराई जाएगी और बच्चों को अच्छा भोजन दिया जाएगा। - राजकुमार, एनजीओ संचालक, श्रीबालाजी सामाजिक विकास समिति

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed