मुजफ्फरनगर: उपभोक्ताओं का करोड़ो डकार गया बिजली विभाग, बिल ठीक करने के नाम पर धोखा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विद्युत निगम में अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से उपभोक्ताओं के साथ खेल कर दिया गया। सैकड़ों ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें बिजली का बिल ठीक करने के बहाने जमा की गई सारी राशि डकार ली गई। उपभोक्ताओं को जो रसीद दी गई वह फर्जी निकली। रसीद का प्रारूप असली के जैसा ही है। उसी कंप्यूटर से निकाल कर दी गई, जिससे असली रसीद निकलती है।
साउथ अंबा विहार की दृक्षा ने एक उपभोक्ताओं की सूची और फर्जी बिल संलग्न कर मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से शिकायत की है। दृक्षा ने शिकायत में कहा है कि अधिशासी अभियंता नगर पंकज कुमार की आईडी पंकज के-9 के आधार पर ही घालमेल किया है।
बकाएदार उपभोक्ताओं से पूरा धन लेकर राशि की रसीद आईडी पंकज के-9 पर काट कर दे दी गई। भुगतान स्वयं रखकर यह धन सिक्योरिटी दर्शाकर डाल दिया गया। इस मामले में शामिल अफसरों और लिपिकों के खिलाफ जांच की मांग की गई है।
पांच-छह लाख का मामला है: पंकज
मुजफ्फरनगर। अधिशासी अभियंता नगर पंकज कुमार का कहना है कि कुछ उपभोक्ताओं के साथ धोखा हुआ है। जो फर्जी रसीद दी गई है, इसमें कंप्यूटर ऑपरेटर ने गड़बड़ी की है। अब मामला सामने आ रहा है। लगभग पांच-छह लाख का मामला है। सौ के लगभग उपभोक्ता है। पहले मामला मेरे संज्ञान में नहीं था।
कंप्यूटर ऑपरेटर की हो चुकी है मौत
विद्युत निगम के जिस कंप्यूटर ऑपरेटर पर खेल करने का आरोप लगाया है, उसकी आठ दिन पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। यह जानकारी खुद अधिशासी अभियंता ने दी।
पूरे मामले की होगी जांच
अधीक्षण अभियंता योगेंद्रपाल सिंह का कहना है कि बिजली के बिल की फर्जी रसीद दिए जाने का मामला मंगलवार को ही मेरे संज्ञान में आया है। यह मामला गंभीर है, इसकी एक्सपर्ट से जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।