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चंद्रवती का संयुक्त परिवार कसौली में बना मिसाल
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चरथावल। आधुनिकता की आंधी में एक चूल्हे पर पांच भाइयों के बड़े परिवार का निर्भर होना आश्चर्यचकित करता है। कसौली गांव में चंद्रवती के परिवार की चार पीढ़ियों के सदस्यों का आज भी एक चूल्हे पर खाना बनता है। बुजुर्गों के संस्कारों से सुखपाल सहित पांचों भाइयों का संयुक्त परिवार मिसाल बनी है।
चरथावल ब्लॉक के कसौली गांव में प्रकाश सिंह का परिवार अलग पहचान बनाए हैं। प्रकाश सिंह को दुनिया से गए 15 साल हो गए है। उनकी पत्नी चंद्रवती की उम्र के 90 वें पायदान पर है। खेती किसानी से जुड़े परिवार के पांचों बेटों सुखपाल सिंह, कंवर पाल, महिपाल सिंह, श्रीपाल सिंह और सतवीर सिंह को उन्होंने कुटुंब की अनमोल कीमत समझाई थी। कैसे बुजुर्गों के मार्गदर्शन में परिवार प्रगतिशील बनते हैं। पूरा परिवार बुजुर्गों का विरासत को संभाले हैं।
चंद्रवती के 30 परिजनों में पुत्र पुत्रवधू और पौत्र-पौत्री शामिल हैं। मां का मार्गदर्शन और बड़े भाई सुखपाल सिंह की आज्ञा पूरी परिवार की सरपरस्ती बनती है। उनकी पत्नी सुधा सिंह ग्राम प्रधान रहीं। चंद्रवती की पांच पुत्रवधू सुधा रानी, ब्रज बाला देवी, प्रवेश देवी, अनीता रानी और कोमल हैं। इस पीढ़ी के बच्चों में प्रदीप, प्रीति, अंशु, सचिन, मनीषा, दुष्यंत, निशा, भावना, काजन, अनुराग, सूर्य प्रताप, शेखर, आकाश, आंचल और छवि है। प्रदीप की पत्नी शोभा और सचिन की पत्नी ज्योति है। परिवार की चौथी पीढ़ी में प्रदीप के बच्चे अवि और युगांक है। चंद्रवती बताती हैं आज भी किसी भी शादी समारोह और त्योहार में सभी सदस्य एक छत के नीचे रहकर मनाते हैं।
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चरथावल ब्लॉक के कसौली गांव में प्रकाश सिंह का परिवार अलग पहचान बनाए हैं। प्रकाश सिंह को दुनिया से गए 15 साल हो गए है। उनकी पत्नी चंद्रवती की उम्र के 90 वें पायदान पर है। खेती किसानी से जुड़े परिवार के पांचों बेटों सुखपाल सिंह, कंवर पाल, महिपाल सिंह, श्रीपाल सिंह और सतवीर सिंह को उन्होंने कुटुंब की अनमोल कीमत समझाई थी। कैसे बुजुर्गों के मार्गदर्शन में परिवार प्रगतिशील बनते हैं। पूरा परिवार बुजुर्गों का विरासत को संभाले हैं।
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चंद्रवती के 30 परिजनों में पुत्र पुत्रवधू और पौत्र-पौत्री शामिल हैं। मां का मार्गदर्शन और बड़े भाई सुखपाल सिंह की आज्ञा पूरी परिवार की सरपरस्ती बनती है। उनकी पत्नी सुधा सिंह ग्राम प्रधान रहीं। चंद्रवती की पांच पुत्रवधू सुधा रानी, ब्रज बाला देवी, प्रवेश देवी, अनीता रानी और कोमल हैं। इस पीढ़ी के बच्चों में प्रदीप, प्रीति, अंशु, सचिन, मनीषा, दुष्यंत, निशा, भावना, काजन, अनुराग, सूर्य प्रताप, शेखर, आकाश, आंचल और छवि है। प्रदीप की पत्नी शोभा और सचिन की पत्नी ज्योति है। परिवार की चौथी पीढ़ी में प्रदीप के बच्चे अवि और युगांक है। चंद्रवती बताती हैं आज भी किसी भी शादी समारोह और त्योहार में सभी सदस्य एक छत के नीचे रहकर मनाते हैं।
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