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Muzaffarnagar News: फर्जी विवाह प्रमाण पत्र बनाने पर 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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संवाद न्यूज एजेंसी
रतनपुरी। फर्जी विवाह प्रमाण पत्र जारी करने का मामला सामने आया है। गांव मुजाहिदपुर निवासी युवक, उसकी पत्नी और चार अन्य के विरुद्ध कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
रतनपुरी थाना क्षेत्र के गांव मुजाहिदपुर निवासी सागर ने 25 अक्टूबर 2024 को अलीगढ़ जिले के थाना टप्पल के गांव बाजौता निवासी संजना के साथ आर्य समाज नैतिक वैदिक संस्कृत मंडल ट्रस्ट रजिस्टर्ड गाजियाबाद में शादी की थी। उक्त लोगों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में इसी संस्था का विवाह प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया था, जिसकी जांच हेतु न्यायालय ने एसएसपी मुजफ्फरनगर को निर्देशित किया था।
रतनपुरी पुलिस ने न्यायालय में प्रस्तुत विवाह प्रमाणपत्र का गाजियाबाद पहुंचकर भौतिक सत्यापन किया तो मौके पर इस नाम से कोई संस्था ही रजिस्टर्ड नहीं मिली। उक्त विवाह प्रमाणपत्र गाजियाबाद प्रताप विहार के आर्य समाज नैतिक वैदिक संस्कृत मंडल ट्रस्ट रजिस्टर्ड से निर्गत किया गया था। जिस पर बागपत के छपरौली निवासी प्रशांत एवं बड़ौत निवासी उपेंद्र के नाम गवाह के रूप में अंकित मिले।
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इसके अतिरिक्त विवाह पंजीकरण हेतु किए गए आवेदन पर तहसील कंपाउंड गाजियाबाद के एडवोकेट जीके चौधरी के हस्ताक्षर, मोहर भी अंकित पाई गई। दीपक शर्मा शास्त्री ने संजना और सागर का विवाह हिंदू रीति रिवाज से किए जाने का हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र जारी किया था।
जांच के उपरांत पाया गया कि उक्त विवाह प्रमाणपत्र सागर व संजना, गवाह प्रशांत, उपेंद्र, एडवोकेट जीके चौधरी, दीपक शर्मा शास्त्री ने कूटरचित तरीके से तैयार किया है। इसके संबंध में रतनपुरी थाने पर सागर, संजना, गवाहों प्रशांत, उपेंद्र, एडवोकेट जीके चौधरी, दीपक शर्मा शास्त्री के विरुद्ध कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।
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रतनपुरी। फर्जी विवाह प्रमाण पत्र जारी करने का मामला सामने आया है। गांव मुजाहिदपुर निवासी युवक, उसकी पत्नी और चार अन्य के विरुद्ध कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
रतनपुरी थाना क्षेत्र के गांव मुजाहिदपुर निवासी सागर ने 25 अक्टूबर 2024 को अलीगढ़ जिले के थाना टप्पल के गांव बाजौता निवासी संजना के साथ आर्य समाज नैतिक वैदिक संस्कृत मंडल ट्रस्ट रजिस्टर्ड गाजियाबाद में शादी की थी। उक्त लोगों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में इसी संस्था का विवाह प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया था, जिसकी जांच हेतु न्यायालय ने एसएसपी मुजफ्फरनगर को निर्देशित किया था।
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रतनपुरी पुलिस ने न्यायालय में प्रस्तुत विवाह प्रमाणपत्र का गाजियाबाद पहुंचकर भौतिक सत्यापन किया तो मौके पर इस नाम से कोई संस्था ही रजिस्टर्ड नहीं मिली। उक्त विवाह प्रमाणपत्र गाजियाबाद प्रताप विहार के आर्य समाज नैतिक वैदिक संस्कृत मंडल ट्रस्ट रजिस्टर्ड से निर्गत किया गया था। जिस पर बागपत के छपरौली निवासी प्रशांत एवं बड़ौत निवासी उपेंद्र के नाम गवाह के रूप में अंकित मिले।
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इसके अतिरिक्त विवाह पंजीकरण हेतु किए गए आवेदन पर तहसील कंपाउंड गाजियाबाद के एडवोकेट जीके चौधरी के हस्ताक्षर, मोहर भी अंकित पाई गई। दीपक शर्मा शास्त्री ने संजना और सागर का विवाह हिंदू रीति रिवाज से किए जाने का हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र जारी किया था।
जांच के उपरांत पाया गया कि उक्त विवाह प्रमाणपत्र सागर व संजना, गवाह प्रशांत, उपेंद्र, एडवोकेट जीके चौधरी, दीपक शर्मा शास्त्री ने कूटरचित तरीके से तैयार किया है। इसके संबंध में रतनपुरी थाने पर सागर, संजना, गवाहों प्रशांत, उपेंद्र, एडवोकेट जीके चौधरी, दीपक शर्मा शास्त्री के विरुद्ध कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।