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गन्ना मूल्य बढ़ोत्तरी को बताया नाकाफी
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 19 Nov 2016 12:54 AM IST
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गन्ना।
- फोटो : Getty
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प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना मूल्य में 25 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोत्तरी किए जाने को किसान नेताओं ने नाकाफी बताया है। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि चार साल से कोई पैसा नहीं बढ़ा, कम से कम 15 रुपये साल के हिसाब से साठ रुपये तो बढ़ा देते। वहीं रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी ने कहा कि गन्ना मूल्य 450 रुपये कुंतल होना चाहिए।
भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जो रुपये बढ़ाए है, बहुत कम है, हम इससे सहमत नहीं हैं। चार साल से प्रदेश में गन्ना मूल्य में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। एक साल के 15 रुपये भी माने तो कम से कम 60 रुपये तो बढ़ा देते। सरकार ने जितने रुपये बढ़ाए इससे ज्यादा का तो चीनी मिलों पर ब्याज माफ कर दिया।
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भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जो रुपये बढ़ाए है, बहुत कम है, हम इससे सहमत नहीं हैं। चार साल से प्रदेश में गन्ना मूल्य में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। एक साल के 15 रुपये भी माने तो कम से कम 60 रुपये तो बढ़ा देते। सरकार ने जितने रुपये बढ़ाए इससे ज्यादा का तो चीनी मिलों पर ब्याज माफ कर दिया।
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सरकार का फैसला किसान हित में नहीं है। रालोद के जिलाध्यक्ष अजीत राठी ने कहा कि गन्ना मूल्य मात्र 25 रुपये कुंतल बढ़ाकर प्रदेश सरकार ने किसानों के साथ मजाक किया है। प्रदेश सरकार को गन्ना मूल्य 450 रुपये कुंतल करना चाहिए था। प्रदेश सरकार 1200 करोड़ तो चीनी मिलों पर किसानों का ब्याज माफ कर चुकी है। किसान हितों की सरकार को कोई चिंता नहीं है। जिस तरह लागत बढ़ रही है, उस तरह फसलों का दाम नहीं बढ़ाया जा रहा है।
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