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Muzaffarnagar News: ठंड से बचने के लिए जलाई गैस, दम घुटने से बालक की मौत, परिवार हो गया बेहोश
Mon, 08 Jan 2024 01:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 08 Jan 2024 01:05 AM IST
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मासूम की मौत के बाद विलाप करते परिजन स्रोत सोशल मीडिया
मुजफ्फरनगर। ठंड से बचने के लिए कमरे में जलाए गए गैस के बर्नर से निकली कार्बनडाई ऑक्साइड गैस में दम घुटने से दो साल के बालक की मौत हो गई। दंपती समेत परिवार के तीन सदस्य बेहोश हो गए। पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
थाना सिविल लाइन क्षेत्र में मेरठ रोड पर निधि काॅलोनी निवासी जब्बार और उसका बेटा वसीम (30) शहर की गैस एजेंसी पर वेंडर हैं। शनिवार रात जब्बार पत्नी बाना उर्फ शबाना, बेटे शेखू के साथ मकान के नीचे के हिस्से में सो रहा था, जबकि उसका बड़ा बेटा वसीम पत्नी अफसाना, बेटी इल्मा (04) और दो साल के बेटे अमन उर्फ चांद के साथ ऊपर के कमरे में सोया था। वसीम ने कमरे की खिड़की पर गत्ता लगाकर गैस सिलिंडर पर बर्नर लगाकर जलाया था। इससे कमरे में ऑक्सीजन कम हो गई और पूरा परिवार बेहोश हो गया। गैस एजेंसी पर जाने के लिए सुबह जब्बार ने बेटे वसीम को आवाज लगाई, लेकिन जवाब नहीं मिला।
पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो पूरा परिवार बेहोश मिला। सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने अमन को मृत घोषित कर दिया। अफसाना व इल्मा को जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। वसीम को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। सीओ सिटी व्योम बिंदल का कहना है कि कमरे में गैस बन जाने के कारण हादसा हुआ है।
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हवा का रास्ता बंद होते ही मौत का कुआं बन गया कमरा
मुजफ्फरनगर। जरा सी चूक से मासूम अमन की मौत हो गई। ठंड से बचाव के लिए परिवार ने कमरे तक हवा के आने के सारे रास्ते रोक दिए। धीरे-धीरे ऑक्सीजन कम होती चली गई। कार्बन डाईऑक्साइड गैस बनने से परिवार बेहोश हो गया।
शनिवार रात का न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री तक गिरा तो वसीम ने परिवार को ठंड से बचाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन अंजाने में ही परिवार हादसे का शिकार हो गया। बर्नर लगाकर बनाए गए गैस हीटर से कमरे में ऑक्सीजन कम हो गई और पूरा परिवार बेहोश हो गया। दिन निकला तो जब्बार ने बेटे वसीम को आवाज लगाई, लेकिन जवाब नहीं मिला। कमरे का दरवाजा बंद था। आशंका से भरे जब्बार ने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो पूरा परिवार बेहोश मिला। अफसाना व इल्मा को जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। वसीम को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
सावधानी से करें ठंड से बचाव का इंतजाम
फिजीशियन डाॅक्टर उमंग सिंघल बताते है कि ठंड केे मौसम में हीटर बंद कमरे में जलाने से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। अंगीठी जलाने से कार्बनडाई आक्साइड बनती है। दोनों ही अवस्था जानलेवा हैं। इसलिए कमरे में हवा के आने जाने की व्यवस्था जरूर रहनी चाहिए। लंबे समय तक कमरे में हीटर व अंगीठी नहीं जलानी चाहिए। इनके आसपास कागज, कपड़ा भी नहीं होना चाहिए। मुंह ढककर नहीं सोना चाहिए। गैस का गीजर भी बाथरूम नहीं होना चाहिए। इस अवस्था में सांस लेने में परेशानी होती है और हादसे का खतरा बना रहता है।
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थाना सिविल लाइन क्षेत्र में मेरठ रोड पर निधि काॅलोनी निवासी जब्बार और उसका बेटा वसीम (30) शहर की गैस एजेंसी पर वेंडर हैं। शनिवार रात जब्बार पत्नी बाना उर्फ शबाना, बेटे शेखू के साथ मकान के नीचे के हिस्से में सो रहा था, जबकि उसका बड़ा बेटा वसीम पत्नी अफसाना, बेटी इल्मा (04) और दो साल के बेटे अमन उर्फ चांद के साथ ऊपर के कमरे में सोया था। वसीम ने कमरे की खिड़की पर गत्ता लगाकर गैस सिलिंडर पर बर्नर लगाकर जलाया था। इससे कमरे में ऑक्सीजन कम हो गई और पूरा परिवार बेहोश हो गया। गैस एजेंसी पर जाने के लिए सुबह जब्बार ने बेटे वसीम को आवाज लगाई, लेकिन जवाब नहीं मिला।
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पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो पूरा परिवार बेहोश मिला। सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने अमन को मृत घोषित कर दिया। अफसाना व इल्मा को जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। वसीम को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। सीओ सिटी व्योम बिंदल का कहना है कि कमरे में गैस बन जाने के कारण हादसा हुआ है।
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हवा का रास्ता बंद होते ही मौत का कुआं बन गया कमरा
मुजफ्फरनगर। जरा सी चूक से मासूम अमन की मौत हो गई। ठंड से बचाव के लिए परिवार ने कमरे तक हवा के आने के सारे रास्ते रोक दिए। धीरे-धीरे ऑक्सीजन कम होती चली गई। कार्बन डाईऑक्साइड गैस बनने से परिवार बेहोश हो गया।
शनिवार रात का न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री तक गिरा तो वसीम ने परिवार को ठंड से बचाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन अंजाने में ही परिवार हादसे का शिकार हो गया। बर्नर लगाकर बनाए गए गैस हीटर से कमरे में ऑक्सीजन कम हो गई और पूरा परिवार बेहोश हो गया। दिन निकला तो जब्बार ने बेटे वसीम को आवाज लगाई, लेकिन जवाब नहीं मिला। कमरे का दरवाजा बंद था। आशंका से भरे जब्बार ने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो पूरा परिवार बेहोश मिला। अफसाना व इल्मा को जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। वसीम को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
सावधानी से करें ठंड से बचाव का इंतजाम
फिजीशियन डाॅक्टर उमंग सिंघल बताते है कि ठंड केे मौसम में हीटर बंद कमरे में जलाने से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। अंगीठी जलाने से कार्बनडाई आक्साइड बनती है। दोनों ही अवस्था जानलेवा हैं। इसलिए कमरे में हवा के आने जाने की व्यवस्था जरूर रहनी चाहिए। लंबे समय तक कमरे में हीटर व अंगीठी नहीं जलानी चाहिए। इनके आसपास कागज, कपड़ा भी नहीं होना चाहिए। मुंह ढककर नहीं सोना चाहिए। गैस का गीजर भी बाथरूम नहीं होना चाहिए। इस अवस्था में सांस लेने में परेशानी होती है और हादसे का खतरा बना रहता है।