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हंगामे के बीच पालिका का 111 करोड़ का बजट पास
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 13 Apr 2018 12:01 AM IST
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नगरपालिका की बैठक में हंगामा करते सभासद।
- फोटो : अमर उजाला
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नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक में हंगामे के बीच 111 करोड़ के बजट का प्रस्ताव पास हुआ। सभासदों ने कमला नेहरू वाटिका में मॉर्निंग वॉक के दौरान पार्किंग वसूली का ठेका निरस्त कर दिया। स्वकर प्रणाली पर हंगामे के बीच अगली बैठक में बहस का निर्णय लिया गया। शहर में चरमराई सफाई व्यवस्था को लेकर सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाने को बोर्ड ने स्वीकृति दी।
नगर पालिका परिषद के सभाकक्ष में बजट पास कराने को लेकर बोर्ड मीटिंग का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन अंजू अग्रवाल और संचालन गोपाल त्यागी ने किया। मीटिंग में केवल दो प्रस्ताव का एजेंडा ही रखा गया। गत कार्यवाही की पुष्टि होने से पूर्व ही सभासदों ने नगरीय क्षेत्र में गंदगी व्याप्त रहने और सफाई की उंचित व्यवस्था न होने को लेकर अपनी नाराजगी चेयरमैन अंजू अग्रवाल के सामने रखी।
सभासद मनोज ने स्वकर और सफाई का मुद्दा उठाया। सभासद सलीम अंसारी ने कहा कि कुछ दिन चलने के बाद सफाई अभियान बंद कर दिया गया, यह निरंतर चलना चाहिए। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरएस राठी ने सदन को विश्वास दिलाया कि जल्द ही बचे वार्डों में सफाई अभियान चलेगा। सभासद नरेश गुप्ता, अहमद अली और नदीम खां ने बोर्ड मीटिंग में कमला नेहरू वाटिका में सुबह और शाम को सैर करने के आने वाले लोगों से पार्किंग शुल्क लिए जाने की व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इस ठेके को निरस्त करने की मांग की।
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इस पर कई अन्य सभासदों ने भी पालिका प्रशासन के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए ठेका निरस्त करने का प्रस्ताव रखा। सदन ने इस पर एकजुटता प्रदर्शित की। सभासद पिंकी ने क्षेत्र में मच्छरों और कीटों के प्रकोप को रोकने के लिए तत्काल फॉगिंग की व्यवस्था कराने की मांग की।
सभासद पूनम शर्मा, अरविंद धनगर, राजीव शर्मा, ओम सिंह आदि ने मीटिंग में लिखित प्रस्ताव देते हुए आरोप लगाए कि शहर में स्वकर निर्धारण करने के दौरान 75 प्रतिशत आवासों पर बिल ही नहीं भेजे गए हैं और वित्तीय वर्ष समाप्त हो जाने पर अब बिल जमा कराने आ रहे लोगों से 40 प्रतिशत सरचार्ज वसूला जा रहा है। इसमें छूट सीमा बढ़ाए जाने की मांग की गई है।
इस पर चेयरमैन ने सदन को अवगत कराया कि स्वकर निर्धारण गत बोर्ड के द्वारा पारित किया गया है। ये 2016 से लागू होना था, लेकिन इसको नवंबर 2017 से लागू किया गया है। करीब साढ़े चार माह का समय ही पालिका प्रशासन को बिल बनाने और वितरण कराने के लिए मिला, इसमें 41500 आवासों को बिल दिए गए, 17500 आवासों को बिल नहीं पहुंच पाए।
स्वकर निर्धारण शहर के विकास को दृष्टिगत रखते हुए लागू किया गया है, क्योंकि अमृत मिशन में केंद्र और राज्य सरकारों से मिलने वाला बजट इसके लागू हुए बिना नहीं मिल सकता था। इस पर सहमति बनी की अगली बोर्ड मीटिंग में छूट बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव पारित कराकर शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इसके पश्चात सदन ने नगरपालिका परिषद के वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 111.32 करोड़ रुपये का बजट ध्वनिमत से पारित कराया।
बोर्ड मीटिंग में चेयरमैन ने सभी का आभार जताया। मीटिंग पूरे एक घंटा चली। वंदेमातरम् से शुरु होकर राष्ट्रगान के साथ सम्पन्न हुई। इस मीटिंग में पालिका के 47 सभासद उपस्थित रहे, जबकि तीन सभासद नवनीत कुच्छल, विकल्प जैन और परवेज आलम गैर हाजिर रहे।
शहर में गंदगी देख शर्मिंदगी महसूस होती है: अंजू
मुजफ्फरनगर। पालिका बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष अंजू अग्रवाल का दर्द भी छलकता नजर आया। कहा कि जब उन्होंने शपथ ली वह चाहती थी कि शहर साफ सुथरा हो। ईओ और नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने जिम्मेदारी ली, लेकिन व्यवस्था आब सबके सामने है। आप लोग सीधे इन दोनों अधिकारियों से बात करें। मै तो खुद ही शहर में गंदगी से शर्मिंदा हूं। चेयरमैन ने सफाई पर सभासदों के आगे सीधे हाथ जोड़ लिए।
अनुशासन दिखा तार-तार
मुजफ्फरनगर। पालिका बोर्ड बैठक में शुरू से लेकर आखिर तक जिस तरह हो-होल्ला होता रहा, इसमें अनुशासन तार-तार दिखाई दिया। अनुशासित पार्टी कही जाने वाली भाजपा के सभासदों ने सबसे ज्यादा हंगामा किया। पालिका में अपनी बात कहने के लिए प्रस्ताव लिखाने का प्रावधान होता है। बोर्ड बैठक में किसी भी सभासद ने प्रस्ताव लिखाया तो नहीं, केवल फोटो खिंचाने के लिए केवल हंगामा किया।
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नगर पालिका परिषद के सभाकक्ष में बजट पास कराने को लेकर बोर्ड मीटिंग का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन अंजू अग्रवाल और संचालन गोपाल त्यागी ने किया। मीटिंग में केवल दो प्रस्ताव का एजेंडा ही रखा गया। गत कार्यवाही की पुष्टि होने से पूर्व ही सभासदों ने नगरीय क्षेत्र में गंदगी व्याप्त रहने और सफाई की उंचित व्यवस्था न होने को लेकर अपनी नाराजगी चेयरमैन अंजू अग्रवाल के सामने रखी।
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सभासद मनोज ने स्वकर और सफाई का मुद्दा उठाया। सभासद सलीम अंसारी ने कहा कि कुछ दिन चलने के बाद सफाई अभियान बंद कर दिया गया, यह निरंतर चलना चाहिए। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरएस राठी ने सदन को विश्वास दिलाया कि जल्द ही बचे वार्डों में सफाई अभियान चलेगा। सभासद नरेश गुप्ता, अहमद अली और नदीम खां ने बोर्ड मीटिंग में कमला नेहरू वाटिका में सुबह और शाम को सैर करने के आने वाले लोगों से पार्किंग शुल्क लिए जाने की व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इस ठेके को निरस्त करने की मांग की।
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इस पर कई अन्य सभासदों ने भी पालिका प्रशासन के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए ठेका निरस्त करने का प्रस्ताव रखा। सदन ने इस पर एकजुटता प्रदर्शित की। सभासद पिंकी ने क्षेत्र में मच्छरों और कीटों के प्रकोप को रोकने के लिए तत्काल फॉगिंग की व्यवस्था कराने की मांग की।
सभासद पूनम शर्मा, अरविंद धनगर, राजीव शर्मा, ओम सिंह आदि ने मीटिंग में लिखित प्रस्ताव देते हुए आरोप लगाए कि शहर में स्वकर निर्धारण करने के दौरान 75 प्रतिशत आवासों पर बिल ही नहीं भेजे गए हैं और वित्तीय वर्ष समाप्त हो जाने पर अब बिल जमा कराने आ रहे लोगों से 40 प्रतिशत सरचार्ज वसूला जा रहा है। इसमें छूट सीमा बढ़ाए जाने की मांग की गई है।
इस पर चेयरमैन ने सदन को अवगत कराया कि स्वकर निर्धारण गत बोर्ड के द्वारा पारित किया गया है। ये 2016 से लागू होना था, लेकिन इसको नवंबर 2017 से लागू किया गया है। करीब साढ़े चार माह का समय ही पालिका प्रशासन को बिल बनाने और वितरण कराने के लिए मिला, इसमें 41500 आवासों को बिल दिए गए, 17500 आवासों को बिल नहीं पहुंच पाए।
स्वकर निर्धारण शहर के विकास को दृष्टिगत रखते हुए लागू किया गया है, क्योंकि अमृत मिशन में केंद्र और राज्य सरकारों से मिलने वाला बजट इसके लागू हुए बिना नहीं मिल सकता था। इस पर सहमति बनी की अगली बोर्ड मीटिंग में छूट बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव पारित कराकर शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इसके पश्चात सदन ने नगरपालिका परिषद के वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 111.32 करोड़ रुपये का बजट ध्वनिमत से पारित कराया।
बोर्ड मीटिंग में चेयरमैन ने सभी का आभार जताया। मीटिंग पूरे एक घंटा चली। वंदेमातरम् से शुरु होकर राष्ट्रगान के साथ सम्पन्न हुई। इस मीटिंग में पालिका के 47 सभासद उपस्थित रहे, जबकि तीन सभासद नवनीत कुच्छल, विकल्प जैन और परवेज आलम गैर हाजिर रहे।
शहर में गंदगी देख शर्मिंदगी महसूस होती है: अंजू
मुजफ्फरनगर। पालिका बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष अंजू अग्रवाल का दर्द भी छलकता नजर आया। कहा कि जब उन्होंने शपथ ली वह चाहती थी कि शहर साफ सुथरा हो। ईओ और नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने जिम्मेदारी ली, लेकिन व्यवस्था आब सबके सामने है। आप लोग सीधे इन दोनों अधिकारियों से बात करें। मै तो खुद ही शहर में गंदगी से शर्मिंदा हूं। चेयरमैन ने सफाई पर सभासदों के आगे सीधे हाथ जोड़ लिए।
अनुशासन दिखा तार-तार
मुजफ्फरनगर। पालिका बोर्ड बैठक में शुरू से लेकर आखिर तक जिस तरह हो-होल्ला होता रहा, इसमें अनुशासन तार-तार दिखाई दिया। अनुशासित पार्टी कही जाने वाली भाजपा के सभासदों ने सबसे ज्यादा हंगामा किया। पालिका में अपनी बात कहने के लिए प्रस्ताव लिखाने का प्रावधान होता है। बोर्ड बैठक में किसी भी सभासद ने प्रस्ताव लिखाया तो नहीं, केवल फोटो खिंचाने के लिए केवल हंगामा किया।