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भाकियू आज मनाएगी काला दिवस 21-13-00
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भाकियू आज मनाएगी काला दिवस
मुजफ्फरनगर/सिसौली। तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर भारतीय किसान यूनियन बुधवार को काला दिवस के रूप में मनाएगी। भाकियू की ओर से किसानों को अपने घर पर काले झंडे लगाने व गांव-देहात में विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का पुतला फूूंकने के लिए कहा गया है। वहीं, पुलिस-प्रशासन की ओर से सभी क्षेत्राधिकारियों को अपने क्षेत्र में शांति व समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी दी है।
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर शुरू हुए किसान आंदोलन को छह माह पूरे होने पर भाकियू की ओर से बुधवार को काला दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गई है। इसके तहत सभी किसानों से अपने घरों पर काले झंडे लगाने और अपने गांव-देहात के चौराहें पर विरोध-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के पुतले फूंकने के लिए कहा गया है। वहीं, भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने भी मंगलवार को बयान जारी कर सभी किसानों से केंद्र सरकार की गलत नीतियों का विरोध करने की अपील की है। चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि सभी किसान अपने घरों की छतों पर काले झंडे लगाएं। कोरोना महामारी के चलते कहीं पर भी अधिक भीड़ इकट्ठी न करें।
सिसौली में केंद्र सरकार का पुतला नहीं फूंका जाएगा। चौधरी टिकैत ने कहा कि छह माह से देशभर के किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली बॉर्डर पर बैठे हुए हैं। किसान और सरकार के बीच वार्ता को भी चार महीने हो चुके हैं। इस अवधि में किसान आंदोलन में 250 से ज्यादा किसानों की शहादत भी हो चुकी है, लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक किसानों की मांगों को पूरा करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। चौधरी टिकैत ने इस दौरान जयंत चौधरी को राष्ट्रीय लोकदल का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर भी बधाई दी।
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उधर, भाकियू के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर जनपद पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि सभी क्षेत्राधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में किसान संगठन के पदाधिकारियों से वार्ता कर शांति व समन्वय बनाए रखें। कहीं भी किसी तरह की कोई दिक्कत आती है तो तत्काल अफसरों को सूचित करें। वहीं, सभी थानेदारों को भी क्षेत्र में लगातार गश्त करने और कहीं भी भीड़ इकट्ठा न होने देने के निर्देश दिए गए हैं।
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मुजफ्फरनगर/सिसौली। तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर भारतीय किसान यूनियन बुधवार को काला दिवस के रूप में मनाएगी। भाकियू की ओर से किसानों को अपने घर पर काले झंडे लगाने व गांव-देहात में विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का पुतला फूूंकने के लिए कहा गया है। वहीं, पुलिस-प्रशासन की ओर से सभी क्षेत्राधिकारियों को अपने क्षेत्र में शांति व समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी दी है।
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर शुरू हुए किसान आंदोलन को छह माह पूरे होने पर भाकियू की ओर से बुधवार को काला दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गई है। इसके तहत सभी किसानों से अपने घरों पर काले झंडे लगाने और अपने गांव-देहात के चौराहें पर विरोध-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के पुतले फूंकने के लिए कहा गया है। वहीं, भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने भी मंगलवार को बयान जारी कर सभी किसानों से केंद्र सरकार की गलत नीतियों का विरोध करने की अपील की है। चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि सभी किसान अपने घरों की छतों पर काले झंडे लगाएं। कोरोना महामारी के चलते कहीं पर भी अधिक भीड़ इकट्ठी न करें।
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सिसौली में केंद्र सरकार का पुतला नहीं फूंका जाएगा। चौधरी टिकैत ने कहा कि छह माह से देशभर के किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली बॉर्डर पर बैठे हुए हैं। किसान और सरकार के बीच वार्ता को भी चार महीने हो चुके हैं। इस अवधि में किसान आंदोलन में 250 से ज्यादा किसानों की शहादत भी हो चुकी है, लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक किसानों की मांगों को पूरा करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। चौधरी टिकैत ने इस दौरान जयंत चौधरी को राष्ट्रीय लोकदल का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर भी बधाई दी।
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उधर, भाकियू के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर जनपद पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि सभी क्षेत्राधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में किसान संगठन के पदाधिकारियों से वार्ता कर शांति व समन्वय बनाए रखें। कहीं भी किसी तरह की कोई दिक्कत आती है तो तत्काल अफसरों को सूचित करें। वहीं, सभी थानेदारों को भी क्षेत्र में लगातार गश्त करने और कहीं भी भीड़ इकट्ठा न होने देने के निर्देश दिए गए हैं।