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असली बोतल में नकली शराब रोकना बड़ी चुनौती

Mon, 16 May 2022 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 16 May 2022 12:18 AM IST
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Big challenge to stop counterfeit liquor in real bottle
मुजफ्फरनगर। अंग्रेजी की असली बोतल में नकली शराब की बिक्री व मिलावटी नकली शराब का बेचा जाना आबकारी व पुलिस के लिए बडी चुनौती बनता जा रहा है। क्योंकि शराब माफिया इतने शातिर हो चुके हैं कि देशी और कच्ची तो वह बनाते ही है , साथ ही अंग्रेजी शराब में भी व्हिस्की , रम व स्कॉच तक बनाकर बेचते है। इसके लिए पुरानी बोतलों के ऊपर नया लेबल लगाकर उसे पूरी तरह असली दिखा कर बेचा जा रहा है।
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कबाड़ी से खरीदते है खाली बोतलें
अंग्रेजी शराब की खाली बोतलें कबाड़ी के यहां बिकती हैं। कबाड़ी से इन्हें छंटनी कराकर ले जाते हैं । उनके यहां खाली बोतलों का स्टॉक रहता है। नकली शराब के माफिया कबाड़ियों के यहां से बोतलों का स्टॉक खरीदकर ले जाते हैं ।
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उबलते पानी में बोतल डालकर निकालते हैं कार्क
अंग्रेजी शराब की अधिकांश बोतलों में प्लास्टिक की कार्क लगी रहती है। इसमें से शराब बाहर तो आ सकती है , लेकिन अंदर नहीं जा सकती। खाली बोतल से कार्क को निकलने के लिए बोतल के कार्क वाले हिस्से को उबलते हुए पानी में डाल दिया जाता है ।
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एसेंस-अल्कोहल से बनाते हैं शराब
कुछ माफिया सरकारी शराब की दुकान पर बिकने वाली बोतलों से आधी शराब निकालकर दूसरी बोतल तैयार कर बेचते हैं। इसमें वह थोड़ी स्प्रिट और पानी के साथ एसेंस मिलाते हैं। जबकि कुछ माफिया अल्कोहल में पानी और एसेंस व खाने वाला रंग मिलाकर शराब तैयार करते हैं ।
असली दिखाने की पूरी कोशिश
शराब के हर ब्रांड का लेबल वाले पैकिंग बाक्स - रेपर प्रिंटिंग प्रेस पर छपवा लेते है। बाक्स के ऊपर ‘ओनली सेल फोर हरियाणा’ या ‘ओनली सेल फॉर डिफेंस’ की मुहर लगा देते हैं , ताकि शराब असली महसूस हो।
इन्होंने कहा-
शराब हमेशा सरकारी दुकान से ही खरीदनी चाहिए। क्योंकि डिस्टलरी की लैब में टेस्टिंग कर मानक के अनुसार ही शराब बनाई जाती है। मिलावटी व कच्ची शराब नुकसानदायक व मौत का कारक भी बन जाती है। - डाक्टर योगेंद्र तिरखा, वरिष्ठ फिजीशियन।

जनपद में अब कहीं नकली अंग्रेजी शराब बनाने की कोई जानकारी नहीं है । खाली बोतल कबाड़ी खरीदते और बेचते है। बोतल की कार्क आसानी से निकाली जा सकती है। बोतल को सील करना आसान नहीं है । क्योंकि ढक्कन पर भी अब ब्रांड की मुहर होती है। फिर भी यदि कहीं ऐसा हो रहा है , तो जांच और कार्रवाई कराई जाएगी। राजेश कुमार, आबकारी निरीक्षक।
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