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पत्ती जलाने पर दर्ज मुकदमों के विरोध में भाकियू का प्रदर्शन
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देवबंद(सहारनपुर)। गन्ने की पत्ती जलाने के आरोप में प्रशासन द्वारा किसानों के खिलाफ लिखवाए जा रहे मुकदमों के विरोध में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि सर्दी से बचने के लिए जो किसान अपने खेतों में अलाव जला रहे थे उनके खिलाफ ही झूठे मुकदमे लिखवा दिए गए हैं।
धरना प्रदर्शन में भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार ने कहा कि गुनारसा गांव में कई किसानों पर गन्ना पत्ती जलाने के मुकदमे लिखे गए हैं, जबकि उक्त किसान सर्दी से बचने के लिए अपने खेत में पत्ती की अलाव जला रहे थे। प्रशासन ने उनके खिलाफ झूठे मुकदमे लिखवा दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के पास गन्ना पत्ती काटने का यंत्र नहीं है। सरकार गन्ने की पत्ती को किसानों के खेत में ही काटे या फिर उसे भरकर कहीं सरकारी जमीन पर इकट्ठा करवा दे। यदि ऐसा नहीं होगा तो मजबूरन किसान को पत्ती को खेत में ही जलाना पडे़गा। विनय कुमार ने कहा कि 21 दिसंबर को यूनियन जिलाधिकारी कार्यालय में ही गन्ने की पत्ती को जलाकर अपना विरोध प्रकट करेगी। तहसील अध्यक्ष ईश्वर चंद आर्य ने कहा कि चीनी मिल मालिक व सरकार बकाया गन्ना भुगतान को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं मान रहे हैं। यदि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार गन्ना भुगतान ब्याज सहित करवा देगी तो किसान पत्ती नहीं जलाएगा। इस मौके पर चौधरी राजपाल सिंह, केहर सिंह, भूपेंद्र त्यागी, राजेंद्र कुमार, अरविंद त्यागी, नवीन कुमार, विक्रम सिंह, संदीप, अमरदीप, नीशू आदि किसान मौजूद रहे।
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धरना प्रदर्शन में भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार ने कहा कि गुनारसा गांव में कई किसानों पर गन्ना पत्ती जलाने के मुकदमे लिखे गए हैं, जबकि उक्त किसान सर्दी से बचने के लिए अपने खेत में पत्ती की अलाव जला रहे थे। प्रशासन ने उनके खिलाफ झूठे मुकदमे लिखवा दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के पास गन्ना पत्ती काटने का यंत्र नहीं है। सरकार गन्ने की पत्ती को किसानों के खेत में ही काटे या फिर उसे भरकर कहीं सरकारी जमीन पर इकट्ठा करवा दे। यदि ऐसा नहीं होगा तो मजबूरन किसान को पत्ती को खेत में ही जलाना पडे़गा। विनय कुमार ने कहा कि 21 दिसंबर को यूनियन जिलाधिकारी कार्यालय में ही गन्ने की पत्ती को जलाकर अपना विरोध प्रकट करेगी। तहसील अध्यक्ष ईश्वर चंद आर्य ने कहा कि चीनी मिल मालिक व सरकार बकाया गन्ना भुगतान को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं मान रहे हैं। यदि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार गन्ना भुगतान ब्याज सहित करवा देगी तो किसान पत्ती नहीं जलाएगा। इस मौके पर चौधरी राजपाल सिंह, केहर सिंह, भूपेंद्र त्यागी, राजेंद्र कुमार, अरविंद त्यागी, नवीन कुमार, विक्रम सिंह, संदीप, अमरदीप, नीशू आदि किसान मौजूद रहे।
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