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नारी जीवन की समस्याओं का बेहतर समाधान मनोविज्ञान में ही संभव : डा. गिरि
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नारी जीवन की समस्याओं का बेहतर समाधान मनोविज्ञान से संभव : डा. गिरि
देवबंद। राजकीय मॉडल महाविद्यालय कपूरी गोविंदपुर में मिशन शक्ति अभियान के तहत नारी समस्याओं का मनोवैज्ञानिक निराकरण विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि नारी जीवन की समस्याओं का बेहतर समाधान मनोविज्ञान के जरिए किया जा सकता है।
मुख्य वक्ता डॉ. राधेश्याम गिरि ने कहा कि समाज में व्याप्त लैंगिग विषमता, घरेलू हिंसा एवं नारी जीवन से संबद्ध समस्याओं का मनोवैज्ञानिक निराकरण नितांत अपरिहार्य है। उन्होंने नारी जाति के समग्र विकास के लिए कई व्यवहारिक सुझाव भी दिए। प्राचार्य डा. विपिन गिरि ने कहा कि मनोविज्ञान का उद्गम दर्शन से है, जिसकी व्यवहारिकता से समाज में व्याप्त महिलाओं के प्रति बुराईयों को दूर किया जा सकता है। नोडल अधिकारी डॉ. लता शर्मा ने कहा कि युवा पीढ़ी के विकास में भौतिक व सामाजिक मूल्यों का समावेश बहुत जरूरी है। तभी समाज में फैली विकृतियों एवं अपराधों को रोका जा सकता है। वरिष्ठ प्राध्यापक डा. अरविंद कुमार ने सभी से महिलाओं के प्रति आदर व सम्मान का भाव रखने का आह्वान किया। डॉ. रेणु ने महिलाओं के उत्पीडन से संबंधित अपराधों के लिए नियम कानून के विषय में समाज में जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया। इस दौरान क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। जिसमें नीतू त्यागी प्रथम, अक्षिता शर्मा द्व्तिीय और प्राची तृतीय रही। इस मौके पर डा. मदनपाल सिंह, डा. धीर सिंह आदि रहे।
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देवबंद। राजकीय मॉडल महाविद्यालय कपूरी गोविंदपुर में मिशन शक्ति अभियान के तहत नारी समस्याओं का मनोवैज्ञानिक निराकरण विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि नारी जीवन की समस्याओं का बेहतर समाधान मनोविज्ञान के जरिए किया जा सकता है।
मुख्य वक्ता डॉ. राधेश्याम गिरि ने कहा कि समाज में व्याप्त लैंगिग विषमता, घरेलू हिंसा एवं नारी जीवन से संबद्ध समस्याओं का मनोवैज्ञानिक निराकरण नितांत अपरिहार्य है। उन्होंने नारी जाति के समग्र विकास के लिए कई व्यवहारिक सुझाव भी दिए। प्राचार्य डा. विपिन गिरि ने कहा कि मनोविज्ञान का उद्गम दर्शन से है, जिसकी व्यवहारिकता से समाज में व्याप्त महिलाओं के प्रति बुराईयों को दूर किया जा सकता है। नोडल अधिकारी डॉ. लता शर्मा ने कहा कि युवा पीढ़ी के विकास में भौतिक व सामाजिक मूल्यों का समावेश बहुत जरूरी है। तभी समाज में फैली विकृतियों एवं अपराधों को रोका जा सकता है। वरिष्ठ प्राध्यापक डा. अरविंद कुमार ने सभी से महिलाओं के प्रति आदर व सम्मान का भाव रखने का आह्वान किया। डॉ. रेणु ने महिलाओं के उत्पीडन से संबंधित अपराधों के लिए नियम कानून के विषय में समाज में जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया। इस दौरान क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। जिसमें नीतू त्यागी प्रथम, अक्षिता शर्मा द्व्तिीय और प्राची तृतीय रही। इस मौके पर डा. मदनपाल सिंह, डा. धीर सिंह आदि रहे।
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