फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Ban on sale and construction of property worth one thousand crores

पाक के प्रथम प्रधानमंत्री के परिवार की संपत्ति की बिक्री पर रोक

Wed, 06 Nov 2019 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Nov 2019 11:54 PM IST
विज्ञापन
Ban on sale and construction of property worth one thousand crores
एक हजार करोड़ की संपत्ति के विक्रय और निर्माण पर रोक
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के सहायक शत्रु संपत्ति अभिरक्षक पीसी फियालो ने एक हजार करोड़ की संपत्ति के अवैध विक्रय और निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के आदेश जिला प्रशासन को दिए हैं। भोपा रोड पर शहर के बीच करीब 570 बीघा भूमि है। आजादी से पहले यह पाकिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री लियाकत अली खां के परिवार के सदस्यों के नाम थी और इसे शत्रु संपत्ति घोषित की प्रक्रिया चल रही है।

देश के सहायक शत्रु संपत्ति अभिरक्षक पीसी फियालो ने जिला प्रशासन को एक पत्र जारी किया है। इस पत्र में कहा गया है कि पाक नागरिक मोहम्मद सज्जाद अली खां पुत्र रूस्तम अली खां के नाम थाना नईमंडी क्षेत्र के भोपा रोड पर खेवट नंबर 4/1 रकबा 188-10-15 पुख्ता 500 बीघा और कुल भूमि 570 बीघा है। है। संपत्ति की कीमत लगभग 1000 करोड़ है। सज्जाद अली पाकिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री लियाकत अली के भाई थे। शत्रु संपत्ति अभिरक्षक ने इस संबंध में जारी किए पत्र में जिला प्रशासन की आठ मई 2018 को भेजी गई एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया है, जिसमें कहा गया है कि सज्जाद अली खां एक मार्च 1947 से पहले पाकिस्तान चले गए थे और उनके द्वारा निष्पादित विक्रय पत्र अवैधानिक है। शत्रु संपत्ति संशोधन नियमावली 2016 के क्रम में केंद्र सरकार से परामर्श लेने की बात कही गई थी। पूरे मामले में विधिक कार्रवाई आवश्यक है। इस मामले में राधेश कुमार ने एक रिट भी उच्च न्यायालय में दायर की हुई है। भूमि को शत्रु संपत्ति घोषित करने से पहले जिला प्रशासन से छह बिंदुओ पर रिपोर्ट मांगी गई है। पत्र में यह स्पष्ट कहा गया है कि जब तक मामले का निस्तारण नहीं हो जाता तब तक प्रशासन उक्त भूमि के अवैध विक्रय और निर्माण पूरी तरह रोक लगाए। साथ ही शत्रु संपत्ति अभिरक्षक ने इससे जुड़े सभी अभिलेखों की सत्यापित प्रतियां भी मांगी है ताकि न्यायालय में प्रतिशपथ पत्र दाखिल किया जा सके। एडीएम वित्त आलोक कुमार ने बताया कि पत्र उन्हें प्राप्त हो गया है। गृह मंत्रालय के आदेशों का पालन किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed