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पोषण के लिए संतुलित आहार जरूरी : सीएमओ

Thu, 30 Sep 2021 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 30 Sep 2021 12:18 AM IST
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Balanced diet is necessary for nutrition: CMO
मेरठ रोड पर मीडिया कार्याशाला में जानकारी देते पोषण माह की जानकारी देते सीएफआर के पदाधिकारी। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
पोषण के लिए संतुलित आहार जरूरी : सीएमओ
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मुजफ्फरनगर। सीएमओ डॉ एमएस फौजदार ने कहा कि कुपोषण ऐसी समस्या है, जिसे लोग अभी तक समझ ही नहीं पाए हैं। यह केवल गरीब और सामाजिक तौर पर वंचित वर्ग में ही नहीं होती है। पढ़े लिखे और समृद्ध परिवारों के बच्चे भी कुपोषण का शिकार होते हैं।
सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च द्वारा मेरठ रोड के एक रिसोर्ट में आयोजित पोषण पर मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। सीएमओ डॉ फौजदार ने बताया संतुलित आहार से कुपोषण से बचा जा सकता है, लेकिन समुदाय को मालूम ही नहीं है संतुलित और पोषक आहार होता क्या है। उनके अनुसार फास्ट फूड और मोबाइल फोन के कारण बच्चे आहार और धूप से मिलने वाली शक्ति से वंचित हो रहे हैं। घर का बना खाना, मौसमी फल और सब्जियां स्वास्थ्य के लिए सबसे बेहतर होते हैं। कुपोषण से बचाव के लिए सरकारी कई कार्यक्रम चला रही है। इन कार्यक्रमों को समुदाय तक पहुंचाने में मीडिया अहम कड़ी है। कार्यक्रम का क्रियान्वयन तभी सफल होगा जब लाभार्थी तक उसकी जानकारी पहुंचेगी।
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एसीएमओ डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा, दस्त जैसी बीमारी भी स्वस्थ बच्चों को कुपोषित कर सकती है। इसीलिए स्तनपान और टीकाकरण भी बच्चे के लिए जरूरी है। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश गौड़ ने कहा, बचपन सेहत की आधारशिला होती है और बचपन की शुरुआत उसी दिन से हो जाती है जिस दिन मां के गर्भ में बच्चा आता है। इसीलिए शुरुआती 1000 दिन बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं, इनमें मां के गर्भ के 270 दिन और जन्म के बाद के 730 दिन आते हैं। सुपोषण की शुरुआत भी गर्भधारण के साथ ही करनी होती है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर हर माह मनाया जाने वाला कार्यक्रम गोद भराई दिवस इस सोच को जन समुदाय तक पहुंचाने का प्रयास है।
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बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) संतोष शर्मा ने स्तनपान की महत्ता बताई। कहा कि शिशु को पहले छह माह केवल स्तनपान कराएं। पानी भी न दें। जन्म के समय यदि बच्चे का वजन कम भी हो और उसे छह माह तक केवल स्तनपान ही कराया जाए तो भी छह माह बाद उसका वजन सामान्य हो जाता है। सीडीपीओ राहुल गुप्ता ने पोषण पर जागरूकता के लिए जनभागीदारी और संवाद पर बल दिया। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) प्रभारी डॉ. आरती नंदवार ने पोषण पुनर्वास केंद्र के कार्यों के बारे में जानकारी दी। जनपद में एनआरसी में 15 बिस्तर हैं। यहां 14 दिन तक सैम (तीव्र अति गंभीर कुपोषित) बच्चों को भर्ती रखकर उनका उपचार किया जाता है।
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