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बड़कली हत्याकांड : इस तरह हुआ हत्याकांड की साजिश का खुलासा

Tue, 05 Jul 2022 12:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jul 2022 12:48 AM IST
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Badkali massacre: This is how the plot of the murder was revealed
मुजफ्फरनगर के बड़कली हत्याकांड के आरोपियों को कोर्ट से जेल ले जाती पुलिस। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
बड़कली हत्याकांड : इस तरह हुआ हत्याकांड की साजिश का खुलासा
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मुजफ्फरनगर। वारदात को हादसा दर्शाने की साजिश रची गई थी। पहले पुलिस जांच और फिर अदालत में अभियोजन की ओर से रखे गए मजबूत तथ्यों से खौफनाक साजिश का खेल खुला था। जिस जीप में आठ लोग सवार थे, उसका आगे का हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित था। ट्रक ने साइड से टक्कर मारकर जीप सवारों को कुचला था।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में तथ्य पेश किया गया कि सामूहिक हत्याकांड से पहले बरेली जेल से विक्की त्यागी, जिला जेल से सुशील शुक्ला, अजय शुक्ला और धर्मेंद्र अदालत पहुंचे थे। यहां पर उन्हें मीनू त्यागी, बॉबी त्यागी, बॉबी शर्मा मिले। वारदात की साजिश रची गई, जिसके बाद एक ट्रक खरीदा गया। वारदात के दिन से पहले ही ट्रक रोहाना मार्ग के पास खड़ा कर दिया गया था। उदयवीर सिंह अपने परिवार के साथ जीप में सवार होकर घर से निकले तो ट्रक में सवार आरोपी भी हरकत में आ गए। बड़कली मोड़ के पास ट्रक ने जीप में टक्कर मारी। अभियोजन पक्ष ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला के वैज्ञानिक को गवाही के लिए अदालत में पेश किया, जहां वैज्ञानिक ने जांच के तथ्य पेश किए और बताया कि जीप के अगला हिस्सा सही था। साइड से टक्कर मारी गई थी।
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ट्रक के टायरों में घुट गई थी बच्चों की चीख
वारदात में वादी ब्रजवीर सिंह के बेटे गौरव वीर का पूरा कुनबा खत्म हो गया था। गौरव वीर, उसकी पत्नी कल्पना, चार साल के बेटे प्रणव और दो साल का बेटे वंश की भी मौत हो गई थी। उदयवीर चेयरमैन के छह साल के पौत्र दक्ष की भी मौत हुई थी। वारदात में तीन बच्चों की हत्या से हर कोई सहम गया था। जिस ट्रक से सामूहिक हत्याकांड की वारदात अंजाम दी गई थी, उसे चला रहे उपेंद्र की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो चुकी है।
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कचहरी में रहा पुलिस का कड़ा पहरा
सामूहिक हत्याकांड के फैसले के दौरान कचहरी परिसर में पुलिस का कड़ा पहरा रहा। एसएसपी विनीत जायसवाल के निर्देश पर पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। मीनू त्यागी को छोड़कर नामजद अन्य अभियुक्त जमानत पर थे। फैसले की घड़ी आई तो सुनवाई के लिए अदालत पहुंचे। दोष सिद्ध होते ही पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर कठघरे में खड़ा कर दिया। इसके बाद सजा सुनाई गई। जेल जाते हुए अधिकतर आरोपी बेखौफ नजर आए।

15 पर दर्ज था मुकदमा, जांच में सामने आए थे पांच नाम
सामूहिक हत्याकांड में वादी ब्रजवीर सिंह ने कुख्यात विक्की त्यागी, उसकी पत्नी मीनू त्यागी, ममता, अनिल, शुभम, आकाश, लोकेश, मनोज, मोहित, उपेंद्र, विनोद, विदित, हरवीर, प्रमोद, धर्मेंद्र को नामजद किया था। जबकि पुलिस जांच के दौरान विनीत उर्फ बाबी, बॉबी शर्मा, बबलू शुक्ला उर्फ अजय और सुशील शुक्ला के नाम प्रकाश में आए थे।
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