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रालोद ने अधिकारियों को बंधक बनाया
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 18 Jun 2016 12:21 AM IST
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मंसूरपुर में मिल अधिकारियों को बंधक बनाकर बैठे रालोद कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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मंसूरपुर में रालोद ने किसानों के साथ शुगर मिल और डिस्टलरी से निकलने वाले गंदे पानी के नाले को पक्का बनवाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मिल अधिकारियों को धरने पर बंधक बनाकर बैठा लिया। अधिकारियों के 23 जून तक समस्याओं के समाधान का समय मांगा है।
मंसूरपुर शुगर मिल और डिस्टलरी से निकलने वाला गंदा पानी कच्चे नाले से होता हुआ काली नदी में गिरता है। आसपास के किसानों का कहना है कि इस गंदे पानी से उनकी फसल बर्बाद हो गई हैं और भूजल स्तर पूरी तरह से प्रदूषित हो गया है। जिससे गांवों में बीमारियां फैलने लगी हैं। 14 जून को रालोद कार्यकर्ताओं ने थाने में इंस्पेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 16 जून तक नाले को पक्का नहीं बनवाए जाने पर 17 जून को नाला बंद कर अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी थी।
समस्या का समाधान नहीं होने पर जिला पंचायत सदस्य संजय राठी के नेतृत्व में करीब 15 गांवों के किसानों ने शुक्रवार को धरना शुरू कर दिया। रालोद कार्यकर्ताओं द्वारा नाला बंद करने की सूचना पर अधिकारियों में हड़कंप मच गया। शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक दिनेश कुमार, डिस्टलरी के वीपी प्रीतम सिंह, प्रशासनिक प्रबंधक सुनील जैन धरने पर पहुंचे। रालोद कार्यकर्ताओं ने इन अधिकारियों को धरने पर ही बैठा लिया।
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धरने पर पहुंचे रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी ने अधिकारियों को चेतावनी दी कहा कि जब तक किसानों की समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक उनको छोड़ा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने 23 जून तक का समय मांगा, जिसके बाद अधिकारियों छोड़ा गया। अध्यक्षता बनवारी लाल और संचालन पंकज राठी ने किया। अंगद, अशोक प्रधान, अरविंद प्रधान, इंद्र भगत, धर्मेंद्र तोमर, पुष्पेंद्र, सुधीर, भारतवीर, संदीप पंवार, मुकेश, जगपाल, गोपाल, प्रवीण, घनश्याम आदि मौजूद रहे।
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मंसूरपुर शुगर मिल और डिस्टलरी से निकलने वाला गंदा पानी कच्चे नाले से होता हुआ काली नदी में गिरता है। आसपास के किसानों का कहना है कि इस गंदे पानी से उनकी फसल बर्बाद हो गई हैं और भूजल स्तर पूरी तरह से प्रदूषित हो गया है। जिससे गांवों में बीमारियां फैलने लगी हैं। 14 जून को रालोद कार्यकर्ताओं ने थाने में इंस्पेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 16 जून तक नाले को पक्का नहीं बनवाए जाने पर 17 जून को नाला बंद कर अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी थी।
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समस्या का समाधान नहीं होने पर जिला पंचायत सदस्य संजय राठी के नेतृत्व में करीब 15 गांवों के किसानों ने शुक्रवार को धरना शुरू कर दिया। रालोद कार्यकर्ताओं द्वारा नाला बंद करने की सूचना पर अधिकारियों में हड़कंप मच गया। शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक दिनेश कुमार, डिस्टलरी के वीपी प्रीतम सिंह, प्रशासनिक प्रबंधक सुनील जैन धरने पर पहुंचे। रालोद कार्यकर्ताओं ने इन अधिकारियों को धरने पर ही बैठा लिया।
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धरने पर पहुंचे रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी ने अधिकारियों को चेतावनी दी कहा कि जब तक किसानों की समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक उनको छोड़ा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने 23 जून तक का समय मांगा, जिसके बाद अधिकारियों छोड़ा गया। अध्यक्षता बनवारी लाल और संचालन पंकज राठी ने किया। अंगद, अशोक प्रधान, अरविंद प्रधान, इंद्र भगत, धर्मेंद्र तोमर, पुष्पेंद्र, सुधीर, भारतवीर, संदीप पंवार, मुकेश, जगपाल, गोपाल, प्रवीण, घनश्याम आदि मौजूद रहे।