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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - 281 के खतरनाक स्तर पर पहुंचा एक्यूआई
Thu, 09 Nov 2023 01:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 09 Nov 2023 01:21 AM IST
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नगर में सु़ुबह फैली स्मॉग। संवाद
- जिंदा रहने के लिए जिसकी जरूरत, वही हवा बनी खतरा
- आंखों में जलन, नाक में संक्रमण और सांस की दिक्कत के जूझे लोग
फोटो समाचार
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। त्योहारी सीजन में प्रदूषित हवा सेहत के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गई है। हवा की गुणवत्ता खराब होने से लोगों का सुबह-शाम के समय सांस लेना दूभर हो रहा है। सांस के मरीज परेशान हैं। लोगों को आंखों में दिनभर जलन का अहसास हुआ। नाक में संक्रमण की दिक्कत भी लोगों को झेलनी पड़ रही है।
नवंबर माह में हवा की गुणवत्ता सबसे खराब स्तर पर पहुंच गई है। मंगलवार को मामूली सुधार हुआ, लेकिन बुधवार को प्रदूषण फिर खतरा बन गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 281 पर पहुंच गया है। सुबह के समय स्मॉग छाया रहा। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार भी प्रभावित रही। स्मॉग का असर सुबह 11 बजे तक भी नजर आया। कुछ देर के लिए आसमान में बादल भी छाए रहे। इसके बाद दिन में धूप खिल गई। शाम ढलते ही फिर कुछ जगह स्मॉग रहा। हवा का खराब स्तर सांस और आंख के रोगियों के लिए मुसीबत खड़ी कर रहा है। सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार का कहना है कि सुबह-शाम के समय मॉस्क और चश्मे का जरूर प्रयोग करें। सांस के रोगी अधिकतर समय घरों में ही रहे।
किस दिन कितना रहा प्रदूषण
तिथि एक्यूआई
08 नवंबर 281
07 नवंबर 221
06 नवंबर 340
05 नवंबर 279
04 नवंबर 238
03 नवंबर 254
02 नवंबर 234
01 नवंबर 160
कोल्हुओं पर पॉलिथीन जलाने की शिकायत
मोरना/ककरौली। क्षेत्र में घनी आबादी के बीच चल रहे कोल्हुओं में प्रतिबंधित प्लास्टिक, रेक्सीन जलाई जा रही है। गांव चौरावाला निवासी मोहम्मद कमर आलम ने पिछले महीने प्रदूषण विभाग के पोर्टल पर कोल्हुओं में प्लास्टिक व रेक्सीन जलाने और चिमनियों से निकल रहे जहरीले धुएं से हो प्रदूषित हो रही हवा को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। क्षेत्र के कमर आलम, अहसान, फिरोज, वक्कार, अब्दुल्ला, मोहम्मद शमी, नवाजिश आलम, शाहनवाज़, रमेश, नकुल, रामपाल, शिव कुमार, विनोद ने प्रशासन से कोल्हुओं में जल रहे प्रतिबंधित ईंधन पर रोक लगाने की मांग की है।
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प्रदूषण मुक्त भारत हमारा लक्ष्य : पांचाल
मुजफ्फरनगर। अखिल भारतीय विश्वकर्मा पांचाल महासभा की बैठक में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य जगदीश पांचाल ने कहा कि प्रदूषण मुक्त भारत बनाना हमारा लक्ष्य है। रामपुरी में हुई बैठक में पांचाल ने कहा कि लोग पटाखों से दूर रहें, जिससे कि प्रदूषण न फैले। जिन पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया है उनका प्रयोग कतई न करें। समाज के सभी लोग इसमें सहयोग करें। बैठक में नितिन पांचाल, नरेश पांचाल, देशपाल पंचाल, गिरजेश पांचाल, नाथी पांचाल, महावीर पांचाल, राजकुमार पांचाल, लोकेश पांचाल, शेरपाल पांचाल, विनय पांचाल, रामवीर पांचाल, मोहित पांचाल, नीतू पांचाल, सुरेंद्र पांचाल उपस्थित रहे।
वायु प्रदूषण से यह बढ़ रही परेशानी
सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार का कहना है कि वायु प्रदूषण से सांस के विभिन्न रोगियों को परेशानी होती है। आंखों की समस्या बढ़ जाती है। अगर प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर है तो बच्चों की स्मरण शक्ति पर भी असर डालता है। सर्दी या खांसी बढ़ जाती है। चर्म रोग, जुकाम, सांस, आंखों में जलन, खांसी, टीबी और गले में में इंफेक्शन, साइनस, अस्थमा की समस्या बढ़ती है।
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- आंखों में जलन, नाक में संक्रमण और सांस की दिक्कत के जूझे लोग
फोटो समाचार
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। त्योहारी सीजन में प्रदूषित हवा सेहत के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गई है। हवा की गुणवत्ता खराब होने से लोगों का सुबह-शाम के समय सांस लेना दूभर हो रहा है। सांस के मरीज परेशान हैं। लोगों को आंखों में दिनभर जलन का अहसास हुआ। नाक में संक्रमण की दिक्कत भी लोगों को झेलनी पड़ रही है।
नवंबर माह में हवा की गुणवत्ता सबसे खराब स्तर पर पहुंच गई है। मंगलवार को मामूली सुधार हुआ, लेकिन बुधवार को प्रदूषण फिर खतरा बन गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 281 पर पहुंच गया है। सुबह के समय स्मॉग छाया रहा। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार भी प्रभावित रही। स्मॉग का असर सुबह 11 बजे तक भी नजर आया। कुछ देर के लिए आसमान में बादल भी छाए रहे। इसके बाद दिन में धूप खिल गई। शाम ढलते ही फिर कुछ जगह स्मॉग रहा। हवा का खराब स्तर सांस और आंख के रोगियों के लिए मुसीबत खड़ी कर रहा है। सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार का कहना है कि सुबह-शाम के समय मॉस्क और चश्मे का जरूर प्रयोग करें। सांस के रोगी अधिकतर समय घरों में ही रहे।
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किस दिन कितना रहा प्रदूषण
तिथि एक्यूआई
08 नवंबर 281
07 नवंबर 221
06 नवंबर 340
05 नवंबर 279
04 नवंबर 238
03 नवंबर 254
02 नवंबर 234
01 नवंबर 160
कोल्हुओं पर पॉलिथीन जलाने की शिकायत
मोरना/ककरौली। क्षेत्र में घनी आबादी के बीच चल रहे कोल्हुओं में प्रतिबंधित प्लास्टिक, रेक्सीन जलाई जा रही है। गांव चौरावाला निवासी मोहम्मद कमर आलम ने पिछले महीने प्रदूषण विभाग के पोर्टल पर कोल्हुओं में प्लास्टिक व रेक्सीन जलाने और चिमनियों से निकल रहे जहरीले धुएं से हो प्रदूषित हो रही हवा को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। क्षेत्र के कमर आलम, अहसान, फिरोज, वक्कार, अब्दुल्ला, मोहम्मद शमी, नवाजिश आलम, शाहनवाज़, रमेश, नकुल, रामपाल, शिव कुमार, विनोद ने प्रशासन से कोल्हुओं में जल रहे प्रतिबंधित ईंधन पर रोक लगाने की मांग की है।
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प्रदूषण मुक्त भारत हमारा लक्ष्य : पांचाल
मुजफ्फरनगर। अखिल भारतीय विश्वकर्मा पांचाल महासभा की बैठक में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य जगदीश पांचाल ने कहा कि प्रदूषण मुक्त भारत बनाना हमारा लक्ष्य है। रामपुरी में हुई बैठक में पांचाल ने कहा कि लोग पटाखों से दूर रहें, जिससे कि प्रदूषण न फैले। जिन पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया है उनका प्रयोग कतई न करें। समाज के सभी लोग इसमें सहयोग करें। बैठक में नितिन पांचाल, नरेश पांचाल, देशपाल पंचाल, गिरजेश पांचाल, नाथी पांचाल, महावीर पांचाल, राजकुमार पांचाल, लोकेश पांचाल, शेरपाल पांचाल, विनय पांचाल, रामवीर पांचाल, मोहित पांचाल, नीतू पांचाल, सुरेंद्र पांचाल उपस्थित रहे।
वायु प्रदूषण से यह बढ़ रही परेशानी
सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार का कहना है कि वायु प्रदूषण से सांस के विभिन्न रोगियों को परेशानी होती है। आंखों की समस्या बढ़ जाती है। अगर प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर है तो बच्चों की स्मरण शक्ति पर भी असर डालता है। सर्दी या खांसी बढ़ जाती है। चर्म रोग, जुकाम, सांस, आंखों में जलन, खांसी, टीबी और गले में में इंफेक्शन, साइनस, अस्थमा की समस्या बढ़ती है।