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एक्यूआई 423, हालात नहीं सुधरे तो दम घुट जाएगा

Sat, 27 Nov 2021 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 27 Nov 2021 12:03 AM IST
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AQI 423, will suffocate if the situation does not improve
डॉ. महावीर सिह फौजदार, सीएमओ - फोटो : MUZAFFARNAGAR
एक्यूआई 423, हालात नहीं सुधरे तो दम घुट जाएगा
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मुजफ्फरनगर। हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रिकॉर्ड की गई। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मुजफ्फरनगर की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही। एक्यूआई 423 रिकॉर्ड किया गया। दिवाली के बाद से हवा की यह सबसे अधिक खराब स्थिति है। स्मॉग का भी असर रहा।
शुक्रवार को एक्यूआई रिकॉर्ड स्तर पर खराब स्थिति में पहुंच गया। नवंबर माह में ऐसा दूसरी बार हुआ है, जब एक्यूआई चार सौ के पार पहुंचा है। इससे पहले नौ नवंबर को भी जिले की हवा का स्तर 410 पर पहुंच गया था। 2021 में अब तक की यह सबसे प्रदूषित हवा वाला दिन रहा।
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इस तरह बिगड़ गई हवा
तिथि एक्यूआई
23 नवंबर 226
24 नवंबर 378
25 नवंबर 356
26 नवंबर 423
किसकी हवा कितनी खराब
जिला एक्यूआई
मुजफ्फरनगर 423
बागपत 326
गाजियाबाद 381
मेरठ 353
इस तरह बढ़ी परेशानियां
खराब हवा के कारण लोगों को गले में खरास, आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत रही। आंख, नाक, गले की बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं।
चश्मा और मास्क जरूर पहने
सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार का कहना है कि प्रदूषित हवा से बचने के लिए मास्क और चश्मे का प्रयोग जरूर करें। यह बीमारियों से बचाएगा। कोरोना से बचाव के लिए यह जरूरी है।
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छिडक़ाव और छापामारी
प्रदूषण विभाग के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे है। प्रदूषित हवा को रोकने के लिए पिछले एक सप्ताह में कई फैक्ट्रियों पर छापा मारा गया। कोल्हुओं पर भी जुर्माना लगाया गया। निर्माण स्थलों पर छिडक़ाव कराया जा रहा है। लेकिन प्रयास परवान नहीं चढ़ रहे हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी अंकित सिंह का कहना है कि टीम बनाकर शहर और अन्य क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है। विभाग के निर्देशों का पालन कराया जाएगा।

ठंड बढ़ने से भी मुश्किल
तिथि न्यूनतम तापमान
23 नवंबर 6.8
24 नवंबर 8.2
25 नवंबर 7.0
26 नवंबर 7.0
बचाव ही सबसे जरूरी
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. रविंद्र सिंह का कहना है कि हवा की गुणवत्ता खराब होने से बच्चों और बुजुर्गों को दिक्कत होती है। सांस के मरीज परेशान होते हैं। ऐसे में सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। प्रदूषित क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए।

डॉ. रविंद्र सिंह, एमबीबीएस, एमडी

डॉ. रविंद्र सिंह, एमबीबीएस, एमडी- फोटो : MUZAFFARNAGAR

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