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Muzaffarnagar News: किसानों के साथ चीनी मिलों को भी 0238 का झटका
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फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। बेहतर उत्पादन के चलते किसानों की पहली पसंद बनी गन्ना प्रजाति 0238 में लाल सड़न रोग के चलते मुश्किलें खड़ी कर रही हैं। वहीं किसानों की फसल प्रभावित हुई। पिछले साल के मुकाबले औसत रिकवरी भी कम आई है। चीनी उत्पादन पर भी असर पड़ा है।
जिले में 0238 का रकबा सबसे ज्यादा है। पिछले पेराई सत्र में जनवरी 2024 में रिकवरी का औसत 10.38 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया था। चीनी का उत्पादन भी 52.24 लाख क्विंटल रहा था। इस बार जनवरी तक औसत उत्पादन 9.44 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया, जबकि चीनी का उत्पादन भी अभी तक सिर्फ 50.27 लाख क्विंटल ही हुआ है।
गन्ना विशेषज्ञों का कहना है कि पैदावर कम होने से किसानों को नुकसान हो रहा है। फसल बचाने के लिए किसान कीटनाशक पर अधिक खर्च करते हैं, जिससे लागत भी बढ़ रही है। कमजोर फसल के कारण रिकवरी प्रभावित हो रही है।
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इनसेट
चीनी मिलों के सुपरवाइजर जाएंगे किसानों के बीच
मुजफ्फरनगर। गन्ना शोध संस्थान में जिले की अलग-अलग चीनी मिलों के सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षक रामबरन सिंह ने 0238 की बीमारियों के विषय में बताया। वसंतकालीन गन्ना बुवाई से पहले किसानों के बीच पहुंचकर जागरूक करने और नई प्रजातियों की बुवाई के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। शोध संस्थान के परिसर में खड़ी नई प्रजातियों को भी सुपरवाइजरों को दिखाया गया।
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इनसेट
बुढ़ाना चीनी मिल पर 176 करोड़ रुपये बकाया
मुजफ्फरनगर। जिले की आठ चीनी मिलों में किसान गन्ना सप्लाई करते हैं। वर्तमान में बजाज ग्रुप की बुढ़ाना चीनी मिल पर किसानों के 176 करोड़ रुपये बकाया है। गन्ना विभाग के मुताबिक मिल ने 17 नवंबर को आखिरी बार भुगतान किया था, जबकि अन्य चीनी मिलें नए साल में लगातार भुगतान कर रही हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। बेहतर उत्पादन के चलते किसानों की पहली पसंद बनी गन्ना प्रजाति 0238 में लाल सड़न रोग के चलते मुश्किलें खड़ी कर रही हैं। वहीं किसानों की फसल प्रभावित हुई। पिछले साल के मुकाबले औसत रिकवरी भी कम आई है। चीनी उत्पादन पर भी असर पड़ा है।
जिले में 0238 का रकबा सबसे ज्यादा है। पिछले पेराई सत्र में जनवरी 2024 में रिकवरी का औसत 10.38 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया था। चीनी का उत्पादन भी 52.24 लाख क्विंटल रहा था। इस बार जनवरी तक औसत उत्पादन 9.44 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया, जबकि चीनी का उत्पादन भी अभी तक सिर्फ 50.27 लाख क्विंटल ही हुआ है।
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गन्ना विशेषज्ञों का कहना है कि पैदावर कम होने से किसानों को नुकसान हो रहा है। फसल बचाने के लिए किसान कीटनाशक पर अधिक खर्च करते हैं, जिससे लागत भी बढ़ रही है। कमजोर फसल के कारण रिकवरी प्रभावित हो रही है।
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चीनी मिलों के सुपरवाइजर जाएंगे किसानों के बीच
मुजफ्फरनगर। गन्ना शोध संस्थान में जिले की अलग-अलग चीनी मिलों के सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षक रामबरन सिंह ने 0238 की बीमारियों के विषय में बताया। वसंतकालीन गन्ना बुवाई से पहले किसानों के बीच पहुंचकर जागरूक करने और नई प्रजातियों की बुवाई के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। शोध संस्थान के परिसर में खड़ी नई प्रजातियों को भी सुपरवाइजरों को दिखाया गया।
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बुढ़ाना चीनी मिल पर 176 करोड़ रुपये बकाया
मुजफ्फरनगर। जिले की आठ चीनी मिलों में किसान गन्ना सप्लाई करते हैं। वर्तमान में बजाज ग्रुप की बुढ़ाना चीनी मिल पर किसानों के 176 करोड़ रुपये बकाया है। गन्ना विभाग के मुताबिक मिल ने 17 नवंबर को आखिरी बार भुगतान किया था, जबकि अन्य चीनी मिलें नए साल में लगातार भुगतान कर रही हैं।