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हरिद्वार में अंकित शर्मा का अस्थि कलश गंगा में विर्सजित
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बुढ़ाना में इटावा गांव में शोक संतप्त परिवार में पहुंचे विधायक व एसडीएम।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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हरिद्वार में अंकित शर्मा की अस्थियां गंगा में विसर्जित
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। दिल्ली हिंसा के शिकार हुए इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी ) के सुरक्षा सहायक अंकित शर्मा की अस्थि कलश सुबह गांव से हरिद्वार ले जाया गया। हरिद्वार में विधि विधान व पूजा-अर्चना के साथ अस्थि कलश को गंगा में विसर्जित किया गया।
बुढ़ाना क्षेत्र के गांव इटावा निवासी इंटेलीजेंस ब्यूरो में दिल्ली में तैनात रविंद्र शर्मा का बेटा अंकित शर्मा (25) भी आईबी में सुरक्षा सहायक के पद पर तैनात थे। उनका परिवार दिल्ली के खजूरी में रहता है। 25 फरवरी की शाम करीब पांच बजे वह कॉलोनी का माहौल देखने के लिए घर से बाहर गए थे। घर से 100 मीटर की दूरी पर ही वह दिल्ली के दंगे की भेंट चढ़ गया। उपद्रवियों ने उसकी हत्या कर शव को वही पर गहरे नाले में फेंक दिया था। 26 फरवरी को एक महिला की सूचना पर दिल्ली पुलिस ने नाले से तीन शव बाहर निकाले थे, जिनमें एक शव अंकित शर्मा का भी था। 27 फरवरी को अंकित शर्मा का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव इटावा में आया, तो गमगीन माहौल में सलामी के बाद अंकित का अंतिम संस्कार हुआ था। शनिवार को परिजनों व ग्रामीणों ने उसकी चिता से अस्थियां एकत्र की। अस्थि कलश को लेकर परिजन हरिद्वार पहुंचे। मृतक के भाई अंकुर शर्मा ने बताया कि अस्थि कलश को लेकर पिता रविंद्र शर्मा, चाचा राजीव, चचेरा भाई हर्ष व मामा सुधीर हरिद्वार गए हैं। विधि विधान के साथ अस्थि कलश को गंगा में विसर्जित किया गया।
अंकित शर्मा के नाम से बनेगा द्वार
बुढ़ाना। क्षेत्रीय विधायक उमेश मलिक, उपजिलाधिकारी कुमार भूूपेंद्र के साथ शनिवार को अंकित शर्मा के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को हर प्रकार की सहायता देने का आश्वासन दिया। परिवार व ग्रामीणों के बीच विधायक उमेश मलिक ने बताया कि घटना के समय व लखनऊ में थे। ग्रामीणों ने अंकित शर्मा के नाम से गांव का मुख्य द्वार बनवाने तथा मेरठ-करनाल हाईवे से गांव तक तीन किलो मीटर लंबी सड़क का निर्माण करवाने की बात कही। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से वार्ता की है। विधायक ने बताया कि गांव वालों की मांग स्वीकार कर ली गई है। जल्दी ही इटावा गांव में अंकित शर्मा के नाम से मुख्य द्वार व सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इस दौरान विधायक के साथ जिला पंचायत सदस्य रामनाथ सिंह, रूपेश कुमार, राजेश संगल सहित कई भाजपा कार्यकर्ता व अधिकारी मौजूद रहे।
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पड़ोसी ही जान के दुश्मन बन गए
बुढ़ाना। अंकित शर्मा के बड़े भाई अंकुर शर्मा ने अमर उजाला के साथ ग्रामीणों के बीच वार्ता में बताया कि उसके भाई के साथ गद्दारी हुई है। उनके पड़ोसी ही भाई की जान के दुश्मन बन गए। अंकुर ने बताया कि दिल्ली की खजूरी में जहां वे रहते है। वहां हिंदू व मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग मिलजुलकर रहते हैं। पिछले करीब 18-20 वर्ष से वे उस कॉलोनी में रह रहे है। पार्षद ताहिर हुसैन का मकान उनके मकान से थोड़ी दूरी पर है। दोनों समुदाय के लोग उसके भाई को अच्छी तरह जानते थे। आरोप है कि पार्षद ताहिर हुसैन व उसके साथियों ने बेरहमी से उसके भाई की हत्या करके नाले में फेंक दिया था। उसके भाई को धोखे से मारा गया है। अंकुर शर्मा ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई व इंसाफ की मांग की है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से उन्हें न्याय मिलेगा।
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बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। दिल्ली हिंसा के शिकार हुए इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी ) के सुरक्षा सहायक अंकित शर्मा की अस्थि कलश सुबह गांव से हरिद्वार ले जाया गया। हरिद्वार में विधि विधान व पूजा-अर्चना के साथ अस्थि कलश को गंगा में विसर्जित किया गया।
बुढ़ाना क्षेत्र के गांव इटावा निवासी इंटेलीजेंस ब्यूरो में दिल्ली में तैनात रविंद्र शर्मा का बेटा अंकित शर्मा (25) भी आईबी में सुरक्षा सहायक के पद पर तैनात थे। उनका परिवार दिल्ली के खजूरी में रहता है। 25 फरवरी की शाम करीब पांच बजे वह कॉलोनी का माहौल देखने के लिए घर से बाहर गए थे। घर से 100 मीटर की दूरी पर ही वह दिल्ली के दंगे की भेंट चढ़ गया। उपद्रवियों ने उसकी हत्या कर शव को वही पर गहरे नाले में फेंक दिया था। 26 फरवरी को एक महिला की सूचना पर दिल्ली पुलिस ने नाले से तीन शव बाहर निकाले थे, जिनमें एक शव अंकित शर्मा का भी था। 27 फरवरी को अंकित शर्मा का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव इटावा में आया, तो गमगीन माहौल में सलामी के बाद अंकित का अंतिम संस्कार हुआ था। शनिवार को परिजनों व ग्रामीणों ने उसकी चिता से अस्थियां एकत्र की। अस्थि कलश को लेकर परिजन हरिद्वार पहुंचे। मृतक के भाई अंकुर शर्मा ने बताया कि अस्थि कलश को लेकर पिता रविंद्र शर्मा, चाचा राजीव, चचेरा भाई हर्ष व मामा सुधीर हरिद्वार गए हैं। विधि विधान के साथ अस्थि कलश को गंगा में विसर्जित किया गया।
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अंकित शर्मा के नाम से बनेगा द्वार
बुढ़ाना। क्षेत्रीय विधायक उमेश मलिक, उपजिलाधिकारी कुमार भूूपेंद्र के साथ शनिवार को अंकित शर्मा के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को हर प्रकार की सहायता देने का आश्वासन दिया। परिवार व ग्रामीणों के बीच विधायक उमेश मलिक ने बताया कि घटना के समय व लखनऊ में थे। ग्रामीणों ने अंकित शर्मा के नाम से गांव का मुख्य द्वार बनवाने तथा मेरठ-करनाल हाईवे से गांव तक तीन किलो मीटर लंबी सड़क का निर्माण करवाने की बात कही। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से वार्ता की है। विधायक ने बताया कि गांव वालों की मांग स्वीकार कर ली गई है। जल्दी ही इटावा गांव में अंकित शर्मा के नाम से मुख्य द्वार व सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इस दौरान विधायक के साथ जिला पंचायत सदस्य रामनाथ सिंह, रूपेश कुमार, राजेश संगल सहित कई भाजपा कार्यकर्ता व अधिकारी मौजूद रहे।
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पड़ोसी ही जान के दुश्मन बन गए
बुढ़ाना। अंकित शर्मा के बड़े भाई अंकुर शर्मा ने अमर उजाला के साथ ग्रामीणों के बीच वार्ता में बताया कि उसके भाई के साथ गद्दारी हुई है। उनके पड़ोसी ही भाई की जान के दुश्मन बन गए। अंकुर ने बताया कि दिल्ली की खजूरी में जहां वे रहते है। वहां हिंदू व मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग मिलजुलकर रहते हैं। पिछले करीब 18-20 वर्ष से वे उस कॉलोनी में रह रहे है। पार्षद ताहिर हुसैन का मकान उनके मकान से थोड़ी दूरी पर है। दोनों समुदाय के लोग उसके भाई को अच्छी तरह जानते थे। आरोप है कि पार्षद ताहिर हुसैन व उसके साथियों ने बेरहमी से उसके भाई की हत्या करके नाले में फेंक दिया था। उसके भाई को धोखे से मारा गया है। अंकुर शर्मा ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई व इंसाफ की मांग की है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से उन्हें न्याय मिलेगा।