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पशु पैठ पर रोक, 2200 पशु बीमार और अब तक छह की मौत

Tue, 23 Aug 2022 11:40 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 23 Aug 2022 11:40 PM IST
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Animal entry banned, 2200 animals sick and six died so far
बुड़ीना कलां गांव में पशु की जांच करतीं चिकित्सकों की टीम। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
लंपी का प्रकोप
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- पशुपालन विभाग के निदेशक (प्रशासन एवं विकास) ने किया जिले का दौरा
- जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने उपजिलाधिकारियों को किया अलर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। पशुओं में लंपी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने रायपुर और नसीरपुर की पशु पैठ पर रोक लगा दी है। 2200 पशु बीमारी की चपेट में है, जबकि अब तक छह की मौत हो चुकी है। अब तक 475 पशु बीमारी से ठीक हो चुके हैं। पशुपालन विभाग के निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ. इंद्रमणि ने किया जिले का दौरा किया।
प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि लंपी के कारण रायपुर और नसीरपुर की पशु पैठ बंद करा दी गई है। मंगलवार तक करीब 2200 पशुओं के बीमारी की चपेट में आने की डाटा एकत्र किया जा चुका है। पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. इंद्रमणि ने जिले के गांवों का दौरा किया। बघरा विकास खंड के बुड़ीना कलां में निर्माणाधीन गोशाला को देखा। पशुपालकों से भी बातचीत की। निदेशक ने कहा कि पशु चिकित्साधिकारी गंभीरता से कार्य करें। पशुपालकों की ओर से उपलब्ध कराई जा रही जानकारी पर मौके पर पहुंचे और पशुओं को हर संभव उपचार दिलाने का प्रयास करें। बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से बिल्कुल अलग रखकर आइसोलेट कर दें।
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बीमारी की रोकथाम के लिए गंभीरता से कार्य करें : डीएम
मुजफ्फरनगर। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि बीमारी की रोकथाम के लिए पशु चिकित्सक और कर्मचारी गंभीरता से कार्य करें। पशुपालकों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं। विकास भवन सभागार में लंपी बीमारी की रोकथाम के के लिए बैठक का आयोजन किया गया। पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. इंद्रमणि ने जिले में बीमारी की स्थिति की जानकारी ली। पशु चिकित्सकों को दिशा निर्देश दिए। प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि यह बीमारी एक संक्रामक रोग विषाणुजनित बीमारी है। बीमारी गोवंशीय पशुओं में पाई जाती है। रोग का फैलाव मक्खी, चिचड़ी एवं मच्छरों के काटने से होता है। बीमारी से ग्रसित पशुओं मृत्यु दर अनुमानित 1 से 5 प्रतिशत है। सीडीओ संदीप भागिया समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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पशुपालक इन नंबरों पर दें सूचना
प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि पशु चिकित्सक जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के नंबर 9897715888, 9897749888 पर सूचित कर सकते है।
विभाग की उदासीनता को लेकर पशु चिकित्सालय में तालाबंदी
चरथावल। पशुओं में संक्रामक बीमारी के प्रकोप की रोकथाम न होने के विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने पशु चिकित्सालय पर तालाबंदी की। युवा मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा पे आरोप लगाया सरकारी कर्मचारी और डॉक्टर पशुओं के बीमारी की जानकारी देने पर फोन रिसीव नहीं करते है। जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डा. दिनेश कुमार टीम को लेकर मौके पर पहुंचे। किसानों की मांग पर उन्होंने गांव रोनी हरजीपुर में पशुओं का चेकअप कराया। बुधवार से गांवों में कैंप लगाकर समुचित उपचार करने का आश्वासन दिया। ब्लॉक अध्यक्ष कुलदीप त्यागी, सरफराज त्यागी, गोल्डी राणा, दीपक शर्मा, अकरम पुंडीर, राजेंद्र भगत, मामचंद, संजय कुमार, सौरभ आदि मौजूद रहें।
रोनी हरजीपुर के किसान की गाय की मौत
किसानों ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को बताया कि रोनी हरजीपुर में रहस्यमय बीमारी से गोल्डी राणा की एक गाय की मौत हो चुकी है। जबकि एक गोवंश बीमार है। वहीं शहजाद की गाय भी बीमार है। पशुपालकों का कहना है कि बीमारी के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

जड़वड़ में चार पशु लंपी की चपेट में
मोरना।करौली क्षेत्र के ग्राम जड़वड़ में जगपाल, डॉ. प्रमोद, राजीव, धन सिंह आदि किसानों के गाय आर बैल के शरीर पर गांठें दिखाई दी। इसके बाद उपचार शुरू कराया गया। पशु चिकित्सक डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. ललित व सोनू कुमार, फार्मेसिस्ट प्रमोद कुमार ने पशुओं का उपचार शुरू किया है।
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