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डीएफसी के मुआवजे को लेकर किसानों में उबाल
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डीएफसी के मुआवजे को लेकर बधाई में किसानों की पंचायत को संबोधित करते भाकियू नेता राजू अहलावत।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
डीएफसी के मुआवजे को लेकर किसानों में उबाल
मुजफ्फरनगर। डेडिकेडेट फ्रेट कॉरिडोर में अधिग्रहीत जमीन के मुआवजा का मामला तूल पकड़ गया है। किसान पूरे जिले में एक समान मुआवजे की मांग को लेकर कॉरिडोर निर्माण का विरोध कर रहे हैं। कई स्थानों पर काम बीच में रुक गया है। करीब 16 किलोमीटर कॉरिडोर के गांवों में जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका है। मुआवजे की मांग को लेकर रालोद ने 11 सितंबर को मंसूरपुर स्टेशन पर सर्वदलीय महापंचायत करने और भाकियू के साथ किसानों ने 16 सितंबर से मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर अनिश्चितकालीन धरना देने की घोषणा की है।
सोमवार को डीएफसी के मुआवजे को लेकर सोमवार को बधाई गांव में किसानों की पंचायत हुई। भाकियू मंडल महासचिव राजू अहलावत ने कहा कि प्रशासन नाममात्र का मुआवजा बढ़ा कर किसानों की भूमि कब्जाना चाहता है, ऐसा होने नहीं देंगे। किसान अपना मुआवजा वापस करेगा, बशर्ते किसानों की फर्द में से रेलवे भूमि का जो नाम चढ़ा है उसको हटाओ, तब किसान मुआवजा वापस करेगा। पंचायत में 16 सितंबर को भाकियू द्वारा मुजफ्फरनगर में रेलवे लाइनों पर किसान तब तक धरना देगा, जब तक न्याय नहीं मिलेगा। इस दौरान जय, अंकित चौधरी, तारीक प्रधान, मोनू, बब्बल, आशु, कमल, गौरव, मनोज, राम सिंह, अमित, प्रभात, शिवम, हर्षित आदि किसान मौजूद रहे।
ये है परियोजना
कोलकाता से लुधियाना तक रेलवे ने अलग से माल ढुलाई के लिए डेडिकेडेट फ्रेट कॉरिडोर परियोजना बनाई है। जिले में भंगेला से लेकर आखनौर तक 28 ग्रामों से होकर यह रेलवे लाइन जाएगी। नरा से आखलौर तक बाईपास बनाया जाएगा, जिसमें कई स्थानों पर मिट्टी डालने का काम चला, मगर किसानों ने पूरे जिले में एक समान मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर काम रुकवा दिया।
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इन ग्रामों से होकर जाएगा कॉरिडोर
जनपद में 43 किलोमीटर कॉरिडोर बनेगा। भंगेला, टबीटा, मढ़करीमपुर, खतौली, भैंसी, सोंटा, खानूपुर, मंसूरपुर, घासीपुरा, बेगराजपुर, नरा, दौलतपुर, जड़ौदा, सीमली, मीरापुर, पीनना, लकडसंघा, कल्लरपुर, कछौली, जटनंगला, बधाई, तिहाई आदि गांव से होकर यह कॉरिडोर जाएगा। इन ग्रामों के किसानों की जमीन इसके लिए अधिग्रहीत की गई है।
ये है किसानों की मांग
रेलवे ने 2017 में अवार्ड करके किसानों को सर्किट रेट का चार गुणा करके भूमि का मुआवजा तय किया तथा किसानों को दिया। इसके अलावा किसानों को नौकरी के नाम पर जमीन के खातेदार के नाम 5.50 लाख रुपये भी दिए। सब स्थानों पर सर्किट रेट भिन्न हैं, जैसे भैंसी का सर्किट रेट 750 से लेकर 1500 रुपये प्रति मीटर तक है, जबकि जटनंगला, बधाई आदि गांव में सर्किट रेट 350 ही है। किसानों का कहना है कि पूरे जिले में एक समान सर्किल रेट से मुआवजा दिया जाए।
सर्किल रेट 50 प्रतिशत बढ़ाए
एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि जिन गांव में सर्किल रेट कम थे, वहां डीएम ने 50 प्रतिशत तक सर्किल रेट बढ़ाए हैं। साथ ही 2017 में मुआवजा मिल गया। बढ़ाए गए सर्किल रेट का ब्याज भी तीन साल का किसानों को दिया जाएगा। अब भी किसान संतुष्ट नहीं है तो वे कोर्ट में जा सकते है।
प्लेटफार्म पर होगी सर्वदलीय पंचायत
मंसूरपुर। डीएफसी के जमीन के मुआवजे को लेकर रालोद ने मंसूरपुर में बैठक की। इस दौरान 11 सितंबर को मंसूरपुर रेलवे स्टेशन पर सर्वदलीय महापंचायत करने का निर्णय लिया गया। साथ ही कहा कि प्रशासन जबरन भूमि अधिग्रहण करने की कोशिश न करे। किसान नेता अंगद के यहां हुई बैठक में रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी, संजय राठी, मीटिंग में पहुंचे थाना प्रभारी मनोज चाहल को इस आंदोलन से अवगत कराया। प्रियंक घासीपुरा, विकास बालियान, गन्ना परिषद के डायरेक्टर चांदवीर सिंह, जगपाल सिंह, विशाल अहलावत, संजीव राठी, आनंद डायरेक्टर, जवाहर सिंह, बेगराज सिंह राठी, रविंद्र फौजी आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता राजेश्वर आर्य और संचालन चौधरी अंगद ने किया।
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मुजफ्फरनगर। डेडिकेडेट फ्रेट कॉरिडोर में अधिग्रहीत जमीन के मुआवजा का मामला तूल पकड़ गया है। किसान पूरे जिले में एक समान मुआवजे की मांग को लेकर कॉरिडोर निर्माण का विरोध कर रहे हैं। कई स्थानों पर काम बीच में रुक गया है। करीब 16 किलोमीटर कॉरिडोर के गांवों में जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका है। मुआवजे की मांग को लेकर रालोद ने 11 सितंबर को मंसूरपुर स्टेशन पर सर्वदलीय महापंचायत करने और भाकियू के साथ किसानों ने 16 सितंबर से मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर अनिश्चितकालीन धरना देने की घोषणा की है।
सोमवार को डीएफसी के मुआवजे को लेकर सोमवार को बधाई गांव में किसानों की पंचायत हुई। भाकियू मंडल महासचिव राजू अहलावत ने कहा कि प्रशासन नाममात्र का मुआवजा बढ़ा कर किसानों की भूमि कब्जाना चाहता है, ऐसा होने नहीं देंगे। किसान अपना मुआवजा वापस करेगा, बशर्ते किसानों की फर्द में से रेलवे भूमि का जो नाम चढ़ा है उसको हटाओ, तब किसान मुआवजा वापस करेगा। पंचायत में 16 सितंबर को भाकियू द्वारा मुजफ्फरनगर में रेलवे लाइनों पर किसान तब तक धरना देगा, जब तक न्याय नहीं मिलेगा। इस दौरान जय, अंकित चौधरी, तारीक प्रधान, मोनू, बब्बल, आशु, कमल, गौरव, मनोज, राम सिंह, अमित, प्रभात, शिवम, हर्षित आदि किसान मौजूद रहे।
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ये है परियोजना
कोलकाता से लुधियाना तक रेलवे ने अलग से माल ढुलाई के लिए डेडिकेडेट फ्रेट कॉरिडोर परियोजना बनाई है। जिले में भंगेला से लेकर आखनौर तक 28 ग्रामों से होकर यह रेलवे लाइन जाएगी। नरा से आखलौर तक बाईपास बनाया जाएगा, जिसमें कई स्थानों पर मिट्टी डालने का काम चला, मगर किसानों ने पूरे जिले में एक समान मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर काम रुकवा दिया।
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इन ग्रामों से होकर जाएगा कॉरिडोर
जनपद में 43 किलोमीटर कॉरिडोर बनेगा। भंगेला, टबीटा, मढ़करीमपुर, खतौली, भैंसी, सोंटा, खानूपुर, मंसूरपुर, घासीपुरा, बेगराजपुर, नरा, दौलतपुर, जड़ौदा, सीमली, मीरापुर, पीनना, लकडसंघा, कल्लरपुर, कछौली, जटनंगला, बधाई, तिहाई आदि गांव से होकर यह कॉरिडोर जाएगा। इन ग्रामों के किसानों की जमीन इसके लिए अधिग्रहीत की गई है।
ये है किसानों की मांग
रेलवे ने 2017 में अवार्ड करके किसानों को सर्किट रेट का चार गुणा करके भूमि का मुआवजा तय किया तथा किसानों को दिया। इसके अलावा किसानों को नौकरी के नाम पर जमीन के खातेदार के नाम 5.50 लाख रुपये भी दिए। सब स्थानों पर सर्किट रेट भिन्न हैं, जैसे भैंसी का सर्किट रेट 750 से लेकर 1500 रुपये प्रति मीटर तक है, जबकि जटनंगला, बधाई आदि गांव में सर्किट रेट 350 ही है। किसानों का कहना है कि पूरे जिले में एक समान सर्किल रेट से मुआवजा दिया जाए।
सर्किल रेट 50 प्रतिशत बढ़ाए
एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि जिन गांव में सर्किल रेट कम थे, वहां डीएम ने 50 प्रतिशत तक सर्किल रेट बढ़ाए हैं। साथ ही 2017 में मुआवजा मिल गया। बढ़ाए गए सर्किल रेट का ब्याज भी तीन साल का किसानों को दिया जाएगा। अब भी किसान संतुष्ट नहीं है तो वे कोर्ट में जा सकते है।
प्लेटफार्म पर होगी सर्वदलीय पंचायत
मंसूरपुर। डीएफसी के जमीन के मुआवजे को लेकर रालोद ने मंसूरपुर में बैठक की। इस दौरान 11 सितंबर को मंसूरपुर रेलवे स्टेशन पर सर्वदलीय महापंचायत करने का निर्णय लिया गया। साथ ही कहा कि प्रशासन जबरन भूमि अधिग्रहण करने की कोशिश न करे। किसान नेता अंगद के यहां हुई बैठक में रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी, संजय राठी, मीटिंग में पहुंचे थाना प्रभारी मनोज चाहल को इस आंदोलन से अवगत कराया। प्रियंक घासीपुरा, विकास बालियान, गन्ना परिषद के डायरेक्टर चांदवीर सिंह, जगपाल सिंह, विशाल अहलावत, संजीव राठी, आनंद डायरेक्टर, जवाहर सिंह, बेगराज सिंह राठी, रविंद्र फौजी आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता राजेश्वर आर्य और संचालन चौधरी अंगद ने किया।