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Muzaffarnagar News: और बढ़ी ठंड, आठवीं तक के सभी स्कूल 14 तक बंद

Wed, 01 Jan 2025 01:08 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jan 2025 01:08 AM IST
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And the cold increased, all schools up to 8th remained closed till 14
मुजफ्फरनगर। ठंड का प्रकोप और अधिक बढ़ गया है। परिषदीय स्कूलों के बाद कक्षा आठ तक सभी बोर्ड के स्कूलों में 14 जनवरी तक अवकाश रहेगा। प्रशासन ने ठंड को देखते हुए अवकाश कर दिया है। कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम बनाया गया है। डीएम उमेश मिश्रा ने रैन बसेरों का निरीक्षण किया।
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सोमवार रात का न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री रहा जबकि रविवार रात का न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। मंगलवार को अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री रहा। कुछ देर के लिए धूप भी खिली। बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि कक्षा एक से आठ तक के परिषदीय विद्यालयों के अलावा मान्यता प्राप्त एवं सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों का शीतकालीन अवकाश 14 जनवरी तक रहेगा। एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार ने बताया कि किसी भी विषम परिस्थिति में कलेक्ट्रेट में स्थापित इमरजेंसी सेंटर में 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन नंबर 9412210080 से मदद मिलेगी। डीएम, एडीएम और एसडीएम सदर निकिता शर्मा ने रैन बसेरों का निरीक्षण किया।
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इनसेट
बंद कमरे में अंगीठी न जलाने की अपील
मुजफ्फरनगर। सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने कहा कि ठंड से बचाव के लिए बंद कमरे में अंगीठी जलाकर नहीं सोना चाहिए। बंद कमरों में अंगीठी की गैस से आंखों का संक्रमण, सांस और फेफड़ों की बीमारी हो सकती है। अंगीठी जलाने से कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस के साथ कई जहरीली गैसों का स्तर बढ़ जाता है। जो सीधे दिमाग पर असर डालती हैं। गैस से बेहोशी आ सकती है। शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत भी हो सकती है। गैस से अस्थमा, साइनस, ब्रोंकाइटिस और स्किन एलर्जी से पीड़ित लोगों को अधिक खतरा होता है। बंद कमरे में अंगीठी, हीटर व गैस गीजर का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
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इनसेट
एसडीएम, तहसीलदार और ईओ की जिम्मेदारी तय
एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रभारी अधिकारी आपदा गजेंद्र कुमार ने बताया कि तहसील स्तर पर एसडीएम एवं तहसीलदार और स्थानीय निकाय में अधिशासी अधिकारी की सर्दी से बचाव के लिए जिम्मेदारी तय की गई है। आश्रयहीन लोगों को रैन बसेरों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। कोई भी व्यक्ति रात में सड़क या फुटपाथ पर सोने के लिए बाध्य नहीं होना चाहिए। रात में भ्रमण के दौरान यदि कोई व्यक्ति खुले में सोता हुआ पाया जाता है तो उसे रैन बसेरे में तत्काल पहुंचाया जाएगा। रैन बसेरों के पास अलाव जलाने की व्यवस्था की जाए। संवाद
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