फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Amar Ujala Abhiyan Education: Schools getting ready to maintain enthusiasm among students, children's writing ability affected in two years

अमर उजाला अभियान शिक्षा: छात्रों में उत्साह बनाए रखने को तैयार हो रहे स्कूल, दो साल में बच्चों की लिखने की क्षमता हुई प्रभावित

Mon, 04 Apr 2022 01:45 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 04 Apr 2022 01:45 PM IST
सार

कोरोना संक्रमण के बाद दो साल बाद पटरी पर आई व्यवस्था के बाद अब स्कूलों में भी ऑफलाइन पढ़ाई शुरु हो गई है। काफी समय बाद ऑनलाइन से ऑफलाइन मोड में ट्रांसफर हुई शिक्षा को लेकर बच्चों में लिखने की क्षमता प्रभावित हुई है। जिसको लेकर स्कूल में छात्रों के लिए उत्साह का माहौल बनाया जा रहा है।
 

विज्ञापन
Amar Ujala Abhiyan Education: Schools getting ready to maintain enthusiasm among students, children's writing ability affected in two years
अमर उजाला अभियान शिक्षा - फोटो : amar ujala

विस्तार

दो साल तक घरों में रहकर ही पढ़ाई करने वाले बच्चों में स्कूलों को लेकर उत्साह है। शुरू में झिझक के बाद अब बच्चे अच्छी संख्या में स्कूल पहुंच रहे है। वहीं स्कूलों में भी बच्चों के लिए उत्साह का माहौल बनाया जा रहा है। 
विज्ञापन


कोरोना महामारी ने बच्चों का स्कूल का माहौल ही छीन लिया था। दो साल बाद अब स्कूलों में बच्चों ने फिर से आना शुरू किया है। 
लंबे समय बाद स्कूल खुलने पर कुछ दिन तो बच्चों में हिचक सी बनी रही, उनका रोजाना स्कूल पहुंचने का तारतम्य ही टूट गया। अब धीरे-धीरे स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बनना शुरू हो रहा है। स्कूलों में सुंदर वातावरण तैयार किया गया है। परिषदीय स्कूलों में जहां दीवारों पर मन भावन पेंटिंग हुई हैं, वहीं टाईल्स से स्कूल को सजाया गया है। स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए नई बैंच आ गई है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़े: झांसी की रानी-रुड़की रोड पर ई-रिक्शाओं का संचालन बंद
विज्ञापन
विज्ञापन


सीबीएसई बोर्ड और मान्यता प्राप्त स्कूल भी बच्चों को लेकर अपने आपको अपडेट करने में लगे हैं। ऐसा वातावरण बनाया जा रहा है कि बच्चों को स्कूल आकर अच्छा लगे। घर पर सही तरीके से पढ़ाई नहीं हो पाने के कारण विद्यार्थियों में उत्साह भी देखने को मिल रहा है। दो साल बाद स्कूल खुलने पर बच्चों को लिखने में दिक्कत आ रही है। बीएसए मायाराम का कहना है कि परिषदीय स्कूलों में तेजी से बच्चों की संख्या बढ़ रही है। बच्चों को स्कूल में लिखने का अभ्यास कराया जा रहा है। 


धीरे-धीरे पटरी पर आ रहे बच्चे
प्राथमिक पाठशाला की शिक्षिका निखत का कहना है कि दो साल बाद स्कूलों में पढाई शुरू हुई तो बच्चों में काफी झिझक रही। शुरू में बहुत कम आए, अब संख्या बढ़ गई है। धीरे-धीरे बच्चों का पढाई का माहौल वापस लौट रहा है। स्कूलों में भी बच्चों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं। 

लिखने का करा रहे अभ्यास
शिक्षिका शहनाज का कहना है कि दो साल में बच्चों का ध्यान पढ़ाई से हटा है। उनकी लिखने की प्रेक्टिस छूट गई है। बच्चा थोडी देर लिखता है तो उसका हाथ दुखने लगता है। हम अब स्कूल में लगातार प्रेक्टिस करा रहे है। कुछ दिन में पहले जैसी स्थिति में आ जाएंगे। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed