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Muzaffarnagar News: जिले में बढ़ा वायु प्रदूषण, सांस के रोगियों की मुश्किलें बढ़ीं
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मुजफ्फरनगर। ठंड का मौसम शुरू होते ही वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी होना शुरू हो गई है। शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 262 पर पहुंच गया। पालिका के नगर स्वास्थ्य विभाग की ओर से वायु प्रदूषण कम करने के लिए शहर की सड़कों पर एंटी स्मॉग गन से पानी का छिड़काव कराया गया ।जबकि धूलकणों से बचाव के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग कराई गई। एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप-एक की पाबंदियां सख्ती से लागू करने के निर्देश दिये गए हैं।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप-एक यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान की पाबंदियां लागू होने के कारण निर्माण साइटों पर धूल नियंत्रण न करने और खुले में कचरा आदि जलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने ग्रैप के तहत प्रदूषण नियंत्रण विभाग, नगर निकायों, कृषि विभाग, ट्रैफिक पुलिस, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, एनएचएआई, स्वास्थ्य विभाग और परिवहन विभाग समेत करीब 19 विभागों को निर्देश जारी किए हैं।
शुक्रवार को वातावरण में वायु प्रदूषण का ग्राफ एकाएक बढ़ गया। सायं पांच बजे तक वायु प्रदूषण सूचकांक 262 पर पहुंचने के कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। सांस और अस्थमा रोगियों की भी परेशानी बढ़ गई। आंखों में जलन के साथ ही एलर्जिक मरीजों को खांसी की समस्या हुई।
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क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ. गीतेश चंद्रा का कहना है कि मौसम परिवर्तन हो रहा है। वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। ग्रेप-एक की पाबंदियों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।
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दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप-एक यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान की पाबंदियां लागू होने के कारण निर्माण साइटों पर धूल नियंत्रण न करने और खुले में कचरा आदि जलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने ग्रैप के तहत प्रदूषण नियंत्रण विभाग, नगर निकायों, कृषि विभाग, ट्रैफिक पुलिस, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, एनएचएआई, स्वास्थ्य विभाग और परिवहन विभाग समेत करीब 19 विभागों को निर्देश जारी किए हैं।
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शुक्रवार को वातावरण में वायु प्रदूषण का ग्राफ एकाएक बढ़ गया। सायं पांच बजे तक वायु प्रदूषण सूचकांक 262 पर पहुंचने के कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। सांस और अस्थमा रोगियों की भी परेशानी बढ़ गई। आंखों में जलन के साथ ही एलर्जिक मरीजों को खांसी की समस्या हुई।
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क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ. गीतेश चंद्रा का कहना है कि मौसम परिवर्तन हो रहा है। वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। ग्रेप-एक की पाबंदियों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।