{"_id":"617d8b1ffaa6c5003c7b4723","slug":"aim-to-divide-hindu-muslims-by-doing-politics-of-hate-ulama-devband-news-mrt562977870","type":"story","status":"publish","title_hn":"नफरत की राजनीति कर हिंदू मुस्लिमों को बांटना उद्देश्य : उलमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नफरत की राजनीति कर हिंदू मुस्लिमों को बांटना उद्देश्य : उलमा
विज्ञापन
मुफ्ती असद कासमी
- फोटो : DEVBAND
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवबंद (सहारनपुर)। पंचदशनाम जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर स्वामी नरसिंहानंद गिरि द्वारा दारुल उलूम पर अनर्गल बयानबाजी करने पर उलमा ने सख्त नाराजगी का इजहार किया है। उलमा का कहना है कि यह लोग खुद फिरकापरस्त जहनियत के लोग हैं, इनका मकसद सिर्फ नफरत की राजनीति कर हिंदू मुस्लिमों को बांटना है।
मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा स्वामी नरसिंहानंद हमेशा मुल्क को बांटने वाले बयान देते हैं। उन्हें देश और यहां रहने वाले नागरिकों से मोहब्बत नहीं है, उनका उद्देश्य केवल नफरत का माहौल बनाकर हिंदू मुस्लिमों को लड़ाना और बांटना है। उलमा ने कहा कि उन्हें शायद यह मालूम नहीं की मुल्क से अंग्रेजों को भगाने वाले दारुल उलूम के ही छात्र थे। जिन्होंने मुल्क को आजाद कराने में अहम किरदार अदा किया और बड़ी बड़ी कुरबानियां दीं थी, वह भी दारुल उलूम के ही छात्र थे।
उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते हैं, यह लोग इस तरह की बयानबाजी करते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि उलमा ने मुल्क को मोहब्बत के नारे दिए हैं। उन्हें शक हैं तो वह यहां आकर देख लें कि दारुल उलूम की किस तरह की तालीम दी जाती है। वहीं, स्वामी नरसिंहानंद द्वारा जमीयत के स्काउट ट्रेनिंग सेंटर को लेकर दिए बयान पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के जिला महासचिव जहीन अहमद ने कहा कि ट्रेनिंग सेंटर सभी धर्मों और वर्गों के युवाओं के लिए खोला जा रहा है, ताकि उन्हें देश सेवा के लिए तैयार किया जा सके। राजनीति के चलते गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा स्वामी नरसिंहानंद हमेशा मुल्क को बांटने वाले बयान देते हैं। उन्हें देश और यहां रहने वाले नागरिकों से मोहब्बत नहीं है, उनका उद्देश्य केवल नफरत का माहौल बनाकर हिंदू मुस्लिमों को लड़ाना और बांटना है। उलमा ने कहा कि उन्हें शायद यह मालूम नहीं की मुल्क से अंग्रेजों को भगाने वाले दारुल उलूम के ही छात्र थे। जिन्होंने मुल्क को आजाद कराने में अहम किरदार अदा किया और बड़ी बड़ी कुरबानियां दीं थी, वह भी दारुल उलूम के ही छात्र थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते हैं, यह लोग इस तरह की बयानबाजी करते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि उलमा ने मुल्क को मोहब्बत के नारे दिए हैं। उन्हें शक हैं तो वह यहां आकर देख लें कि दारुल उलूम की किस तरह की तालीम दी जाती है। वहीं, स्वामी नरसिंहानंद द्वारा जमीयत के स्काउट ट्रेनिंग सेंटर को लेकर दिए बयान पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के जिला महासचिव जहीन अहमद ने कहा कि ट्रेनिंग सेंटर सभी धर्मों और वर्गों के युवाओं के लिए खोला जा रहा है, ताकि उन्हें देश सेवा के लिए तैयार किया जा सके। राजनीति के चलते गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।

जहीन अहमद- फोटो : DEVBAND
विज्ञापन