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बस से उतर कर छात्रा ने गंगनहर में लगाई छलांग
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भोपा गंग नहर पर छात्रा के चाचा से जानकारी करते थाना प्रभारी निरीक्षक बिजेंद्र रावत।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
भोपा (मुजफ्फरनगर)। एक छात्रा ने बुधवार की दोपहर बस से उतरकर गंगनहर में छलांग लगा दी। आसपास के लोगों और गोताखोर ने छात्रा को बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। छात्रा पानी में समा गई। बैग से मिले आधार कार्ड से छात्रा की पहचान छछरौली निवासी रश्मि के रूप में हुई। सूचना पर पहुंची उसकी मौसी ने परिजनों पर आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया।
बुधवार को मोरना से मुजफ्फरनगर की ओर जा रही प्राइवेट बस को एक छात्रा ने भोपा गंगनहर पुल के बीच रुकवाया। बस के धीमा होने पर छात्रा बस से नीचे उतरी और अपने बैग को नहर में फेंकते हुए खुद भी छलांग दी। पास के कांवड़ सेवा शिविर में मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचा दिया। गोताखोर राजीव और अन्य युवक ने छात्रा को बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। मगर, छात्रा कुछ ही देर में पानी में समा गई। गोताखोर के हाथ केवल छात्रा का बैग ही लग सका। थाना प्रभारी निरीक्षक बिजेन्द्र रावत ने बताया कि बैग से दो आधार कार्ड मिले, जिनमें छात्रा की पहचान छछरौली निवासी रश्मि (19) के रूप में हुई। दूसरा पहचान पत्र मंसूरपुर के एड्रेस का मिला।
सूचना पर चाचा पप्पू सहित कई दर्जन लोग थाने पर पहुंच गए और बताया कि रश्मि मोरना के इंटर कॉलेज में कक्षा 12 वीं में पढ़ती थी। वह अधिकांश अपने फूफा राजेंद्र के यहां मंसूरपुर में ही रहती थी। लगभग डेढ़ वर्ष पहले ही वह छछरौली आई थी। बुधवार को बिना बताए घर से चली आई थी। इसी दौरान मंसूरपुर थाना के गांव दूधाहेड़ी निवासी छात्रा की मौसी भी मौके पर पहुंची और छात्रा के परिजनों पर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने बमुश्किल दोनों पक्षों को समझाया। इंस्पेक्टर ने बताया कि देर शाम तक छात्रा की तलाश जारी थी।
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पहले भाई और फिर मां की मौत का सदमा
छात्रा रश्मि के 12 वर्षीय भाई सुधीर की 2011 में मौत हो गई थी। इसी के सदमे में कुछ ही दिनों के बाद मां राजेश की भी मौत हो गई थी। परिवार में वृद्ध पिता जीत सिंह ही रह गए हैै।
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बुधवार को मोरना से मुजफ्फरनगर की ओर जा रही प्राइवेट बस को एक छात्रा ने भोपा गंगनहर पुल के बीच रुकवाया। बस के धीमा होने पर छात्रा बस से नीचे उतरी और अपने बैग को नहर में फेंकते हुए खुद भी छलांग दी। पास के कांवड़ सेवा शिविर में मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचा दिया। गोताखोर राजीव और अन्य युवक ने छात्रा को बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। मगर, छात्रा कुछ ही देर में पानी में समा गई। गोताखोर के हाथ केवल छात्रा का बैग ही लग सका। थाना प्रभारी निरीक्षक बिजेन्द्र रावत ने बताया कि बैग से दो आधार कार्ड मिले, जिनमें छात्रा की पहचान छछरौली निवासी रश्मि (19) के रूप में हुई। दूसरा पहचान पत्र मंसूरपुर के एड्रेस का मिला।
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सूचना पर चाचा पप्पू सहित कई दर्जन लोग थाने पर पहुंच गए और बताया कि रश्मि मोरना के इंटर कॉलेज में कक्षा 12 वीं में पढ़ती थी। वह अधिकांश अपने फूफा राजेंद्र के यहां मंसूरपुर में ही रहती थी। लगभग डेढ़ वर्ष पहले ही वह छछरौली आई थी। बुधवार को बिना बताए घर से चली आई थी। इसी दौरान मंसूरपुर थाना के गांव दूधाहेड़ी निवासी छात्रा की मौसी भी मौके पर पहुंची और छात्रा के परिजनों पर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने बमुश्किल दोनों पक्षों को समझाया। इंस्पेक्टर ने बताया कि देर शाम तक छात्रा की तलाश जारी थी।
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पहले भाई और फिर मां की मौत का सदमा
छात्रा रश्मि के 12 वर्षीय भाई सुधीर की 2011 में मौत हो गई थी। इसी के सदमे में कुछ ही दिनों के बाद मां राजेश की भी मौत हो गई थी। परिवार में वृद्ध पिता जीत सिंह ही रह गए हैै।