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24 साल बाद चार दोषियों को सात साल की सजा

Sat, 21 May 2022 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 21 May 2022 11:57 PM IST
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After 24 years, four convicts were sentenced to seven years
मुजफ्फरनगर। जानसठ क्षेत्र के पिमौड़ा गांव में जमीन की रंजिश में 24 साल पहले किसान पर किए गए जानलेवा हमले में तीन सगे भाइयों सहित चार दोषियों को सात साल की सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के न्यायाधीश अनिल कुमार ने फैसला सुनाया।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कमल कुमार ने बताया कि पिमौड़ा गांव में जमीनी रंजिश को लेकर इसराइल और जहूर पक्ष का विवाद चला आ रहा था। सिविल कोर्ट ने इसराइल के पक्ष में फैसला किया। जमीन के विवाद में दूसरे पक्ष के लोगों ने इसराइल के भाई मुशर्रफ पुत्र रशीद अहमद पर 26 सितंबर 1998 को सुबह 11 बजे जानलेवा हमला कर दिया। परिजनों ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराया। घायल की ओर से जहूर हसन, उसके बेटे रफी अख्तर, सलमान, फरमान और गांव के अब्दुल कलाम के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया गया।
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पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौर जहूर हसन की मौत हो गई। अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किया। अधिकतर गवाह पक्षद्रोही हो गए। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के न्यायाधीश अनिल कुमार ने चारों आरोपियों को धारा 307/149 में सात-सात साल की 7-7 हजार रुपये जुर्माना, धारा 148 में तीन-तीन साल की सजा तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना, धारा 452 में पांच-पांच साल की सजा और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 147 में दो-दो साल की सजा और दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
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