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अफगानिस्तान के राजदूत पहुंचे दारुल उलूम
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अफगानिस्तान दूतावास का प्रतिनिधिमंडल दारुल उलूम पहुंचा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद (सहारनपुर)। दिल्ली स्थित अफगानिस्तान दूतावास के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को दारुल उलूम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी व जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने संस्था के इतिहास के बारे में जानकारी हासिल की।
रविवार को अफगानिस्तान के राजदूत डॉक्टर फरीद मोमंद जई की अगुवाई में 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामी तालीम के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम में पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल का संस्था के मेहमानखाने में जिम्मेदारों ने स्वागत किया। साथ ही मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी, जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी और नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी ने मुलाकात की। डा. फरीद मोमंद जई ने मुलाकात के दौरान हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के संबंधों पर कहा कि दोनों मुल्कों के पुराने दोस्ताना रिश्ते हैं। उन्होंने दीनी तालीम को लेकर दारुल उलूम की सराहना करते हुए कहा कि अफगानी छात्र आज भी दारुल उलूम में तालीम हासिल करने को अपनी खुशनसीबी समझते हैं। इसके उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने दारुल उलूम का भ्रमण किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। इसमें अफगानी दूतावास के मीडिया प्रभारी आजाद, सांस्कृतिक विभाग के प्रभारी अरबाब, इदरीस मामुंद जई और अकमल अफजालयार, मूसा नईमी आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद (सहारनपुर)। दिल्ली स्थित अफगानिस्तान दूतावास के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को दारुल उलूम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी व जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने संस्था के इतिहास के बारे में जानकारी हासिल की।
रविवार को अफगानिस्तान के राजदूत डॉक्टर फरीद मोमंद जई की अगुवाई में 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामी तालीम के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम में पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल का संस्था के मेहमानखाने में जिम्मेदारों ने स्वागत किया। साथ ही मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी, जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी और नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी ने मुलाकात की। डा. फरीद मोमंद जई ने मुलाकात के दौरान हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के संबंधों पर कहा कि दोनों मुल्कों के पुराने दोस्ताना रिश्ते हैं। उन्होंने दीनी तालीम को लेकर दारुल उलूम की सराहना करते हुए कहा कि अफगानी छात्र आज भी दारुल उलूम में तालीम हासिल करने को अपनी खुशनसीबी समझते हैं। इसके उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने दारुल उलूम का भ्रमण किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। इसमें अफगानी दूतावास के मीडिया प्रभारी आजाद, सांस्कृतिक विभाग के प्रभारी अरबाब, इदरीस मामुंद जई और अकमल अफजालयार, मूसा नईमी आदि मौजूद रहे।
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