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किसानों के समर्थन में अधिवक्ताओं ने धरना दिया
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कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन में तहसील में धरने पर बैठे अधिवक्ता।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
किसानों के समर्थन में अधिवक्ताओं ने धरना दिया
मुजफ्फरनगर, बुढ़ाना। कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन में बार एसोसिएशन बुढ़ाना के अधिवक्ता भी कूद पड़े। अधिवक्ताओं ने कामकाज ठप कर तहसील परिसर में धरना दिया। अधिवक्ताओं ने भी कृषि कानून को किसानों का विरोधी बताया।
कृषि कानून को लेकर कई प्रदेशों का किसान सड़क पर है। किसान दिल्ली के चारों तरफ सीमाओं पर डटा हुआ है। बार एसोसिएशन बुढ़ाना के अधिवक्ताओं नेे भी अपना पूरा समर्थन किसानों को दिया। अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए कलम बंद हड़ताल कर तहसील परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेशपाल वर्मा ने कहा कि सरकार को नए कृषि कानूनों में किसान विरोधी खामियों को दूर करना चाहिए। सरकार द्वारा जारी फसल के समर्थन मूल्य से कम खरीदने पर अपराध घोषित किया जाना चाहिए।
बार के सचिव ओमपाल मलिक ने कहा कि इस आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवार वालों को सरकार द्वारा उचित मुआवजा दिया जाए। वर्तमान में चालू आंदोलन के चलते किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाए। अधिवक्ताओं ने अपनी चार मांगों का ज्ञापन उपजिलाधिकारी की गैर मौजूदगी में तहसीलदार मनोज कुमार सिंह को दिया। तहसीलदार ने अधिवक्ताओं को आश्वासन देते हुए कहा कि उनका ज्ञापन उचित माध्यम से राष्ट्रपति के पास पहुंचा दिया जाएगा।
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मुजफ्फरनगर, बुढ़ाना। कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन में बार एसोसिएशन बुढ़ाना के अधिवक्ता भी कूद पड़े। अधिवक्ताओं ने कामकाज ठप कर तहसील परिसर में धरना दिया। अधिवक्ताओं ने भी कृषि कानून को किसानों का विरोधी बताया।
कृषि कानून को लेकर कई प्रदेशों का किसान सड़क पर है। किसान दिल्ली के चारों तरफ सीमाओं पर डटा हुआ है। बार एसोसिएशन बुढ़ाना के अधिवक्ताओं नेे भी अपना पूरा समर्थन किसानों को दिया। अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए कलम बंद हड़ताल कर तहसील परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेशपाल वर्मा ने कहा कि सरकार को नए कृषि कानूनों में किसान विरोधी खामियों को दूर करना चाहिए। सरकार द्वारा जारी फसल के समर्थन मूल्य से कम खरीदने पर अपराध घोषित किया जाना चाहिए।
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बार के सचिव ओमपाल मलिक ने कहा कि इस आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवार वालों को सरकार द्वारा उचित मुआवजा दिया जाए। वर्तमान में चालू आंदोलन के चलते किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाए। अधिवक्ताओं ने अपनी चार मांगों का ज्ञापन उपजिलाधिकारी की गैर मौजूदगी में तहसीलदार मनोज कुमार सिंह को दिया। तहसीलदार ने अधिवक्ताओं को आश्वासन देते हुए कहा कि उनका ज्ञापन उचित माध्यम से राष्ट्रपति के पास पहुंचा दिया जाएगा।
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