{"_id":"5919f9a84f1c1be764f22849","slug":"adulteration-of-foodstuffs","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीसे हुए धनिया में लकड़ी का बुरादा, काली मिच में पपीते के बीच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीसे हुए धनिया में लकड़ी का बुरादा, काली मिच में पपीते के बीच
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 16 May 2017 12:25 AM IST
विज्ञापन
मिलावट पकड़ने के तरीके बताते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुढ़ाना कस्बे के डीएवी पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में खाद्य विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के घरेलू तरीके बताए गए। इस मौके पर अधिकारियों ने बताया कि फूड कलर और जंक फूड से कैंसर होता है। डीएवी पब्लिक स्कूल बुढ़ाना में सोमवार को खाद्य विभाग द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय से आए विभाग के अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के घरेलू तरीके बताए।
अधिकारियों ने सुरक्षित आहार स्वास्थ्य का आधार का नारा दिया। अभिहित अधिकारी विनीत कुमार तथा मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राहुल सिंह ने सभी के सामने मिलावट की जांच के तरीकों का प्रैक्टिकल करते हुए बताया कि मिर्च में गेहूं के चोकर में मिर्च का कलर मिलाया जाता है, जो कैंसर का कारण है।
कलरफुल चीजें दाल चावल, मिर्च, मसाले कैंसर पैदा करते हैं। पीसे हुए धनिया में लकड़ी का बुरादा मिलाया जाता है। उन्होंने शहद की गुणवत्ता के बारे में बताया कि असली शहद पानी में डालने से बर्तन की सतह में बैठ जाता है, जबकि नकली घुल जाता है। असली शहद में कोटन की बत्ती बनाकर जलाने से वह जल जाती है, जबकि मिलावटी शहद में नही जलती।
विज्ञापन
काली मिर्च में पपीते के बीज, चाय की पत्ती में कलर लगाकर बेचा जाता है। कॉफी में चिकोरी पाउडर व इमली व खजूर के बीज पीसकर मिलाए जाते हैं। उन्होंने चाय की पत्ती, काली मिर्च, शहद, कॉफी तथा दालों की असली व नकली की परख करने के तरीके बताए।
असली दूध के बारे में बताया कि शीशे की प्लेट पर दूध का एक टपका डालने से यदि वह अपने पीछे सफेद रंग की लकीर छोड़ता है तो असली है, नहीं तो उसमें पानी व अन्य चीज की मिलावट है। मौके पर विभाग के प्रेमचंद, राकेश कुमार, मोहित कुमार आदि अधिकारियों ने भी विचार व्यक्त किये। विद्यालय की प्रधानाचार्या रेखा त्यागी ने जानकारी देने के लिए विभाग के अधिकारियों का धन्यवाद किया।
विज्ञापन
अधिकारियों ने सुरक्षित आहार स्वास्थ्य का आधार का नारा दिया। अभिहित अधिकारी विनीत कुमार तथा मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राहुल सिंह ने सभी के सामने मिलावट की जांच के तरीकों का प्रैक्टिकल करते हुए बताया कि मिर्च में गेहूं के चोकर में मिर्च का कलर मिलाया जाता है, जो कैंसर का कारण है।
विज्ञापन
कलरफुल चीजें दाल चावल, मिर्च, मसाले कैंसर पैदा करते हैं। पीसे हुए धनिया में लकड़ी का बुरादा मिलाया जाता है। उन्होंने शहद की गुणवत्ता के बारे में बताया कि असली शहद पानी में डालने से बर्तन की सतह में बैठ जाता है, जबकि नकली घुल जाता है। असली शहद में कोटन की बत्ती बनाकर जलाने से वह जल जाती है, जबकि मिलावटी शहद में नही जलती।
विज्ञापन
काली मिर्च में पपीते के बीज, चाय की पत्ती में कलर लगाकर बेचा जाता है। कॉफी में चिकोरी पाउडर व इमली व खजूर के बीज पीसकर मिलाए जाते हैं। उन्होंने चाय की पत्ती, काली मिर्च, शहद, कॉफी तथा दालों की असली व नकली की परख करने के तरीके बताए।
असली दूध के बारे में बताया कि शीशे की प्लेट पर दूध का एक टपका डालने से यदि वह अपने पीछे सफेद रंग की लकीर छोड़ता है तो असली है, नहीं तो उसमें पानी व अन्य चीज की मिलावट है। मौके पर विभाग के प्रेमचंद, राकेश कुमार, मोहित कुमार आदि अधिकारियों ने भी विचार व्यक्त किये। विद्यालय की प्रधानाचार्या रेखा त्यागी ने जानकारी देने के लिए विभाग के अधिकारियों का धन्यवाद किया।