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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - मां शाकंभरी यूनिवर्सिटी के प्रवेश पंजीकरण 23 से
Wed, 17 Apr 2024 04:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 17 Apr 2024 04:06 AM IST
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डीएवी कालेज के सभागार में कार्यक्रम में कुलपति को सुझाव पत्र सौपते छात्र । संवाद
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मां शाकंभरी विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों की एक बैठक हुई। जिसमें नए शैक्षिक सत्र 2024-25 में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर चर्चा की गई। कुलपति एचएस सिंह ने कहा कि नए शैक्षिक सत्र 2024-25 में अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के सापेक्ष सेल्फ फाइनेंस वाले महाविद्यालयों के पोर्टल और 10 दिन अधिक खुला रहेगा। इसमें विद्यार्थियों को भी प्रवेश लेने में फायदा मिलेगा। 23 अप्रैल से प्रवेश के लिए पंजीकरण होंगे।
डीएवी पीजी कॉलेज में मंगलवार को विवि के कुलपति एचएस सिंह और कुलसचिव वीरेंद्र मौर्य प्रवेश समिति की ओर से आयोजित बैठक में शामिल हुए। उन्होंने सहारनपुर मंडल के जिलों के विवि से संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ बैठक की। जिसमें नए सत्र में होने वाले प्रवेश प्रक्रिया को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान प्राचार्यों से सुझाव भी लिए गए और उन्हों विवि के नए नियमों से भी अवगत कराया गया।
इस दौरान उन्होंने सभी को प्रवेश प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सूची पोर्टल पर अपडेट नहीं की जाएगी, तब तक ऑफर लेटर जारी नहीं किए जाएंगे। कौशल विकास पर भी जोर दिया गया। 23 अप्रैल से प्रवेश के लिए पंजीकरण शुरू हो जाएंगे। बैठक का संचालन डीएवी पीजी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. गरिमा जैन ने किया।
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इस मौके पर प्राचार्य प्रोफेसर नरेश मालिक, विवि प्रवेश समन्वयक प्रोफेसर ओंकार सिंह, प्रवेश सह समन्वयक डॉ. हरबीर सिंह, प्रोफेसर सुनीता शर्मा, डॉ. सुधीर पुंडीर, डॉ. संगीता चौधरी, डीके त्यागी, संजीव कुमार, मुकेश चंद, अर्चना धामा, राम किशन, सतेंद्र कुमार, विपिन जैन, किरणपाल, अंजू पंवार, डॉ. कुलदीप सिंह मौजूद रहे।
जल्द वापस की जाएगी परीक्षा फीस
विवि के कुलसचिव वीरेंद्र मौर्य ने कहा कि फीस वृद्धि के समय जिन छात्र-छात्राओं ने परीक्षा फार्म भरें थे, उनकी फीस जल्द ही वापस की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन सभी विद्यार्थियों की सूची तैयार की जा रही है, कार्य जारी है। जल्द ही छात्र-छात्राओं के बैंक खाते में वृद्धि फीस पहुंच जाएगी।
कुलपति को छात्रसंघ ने दिया सुझाव पत्र
डीएवी पीजी कॉलेज के छात्रसंघ ने विवि के कुलपति एचएस सिंह को सुझाव पत्र सौंपा। जिसमें 12 बिंदुओं में सुझाव दिए गए। जिसमें सुझाव दिया कि प्रवेश प्रक्रिया में विवि की ओर से कम से कम तीन मुख्य मेरिज जारी की जाए। प्रत्येक मेरिट के प्रवेश के लिए केवल दो कार्यदिवस का समय ही दिया जाए। नए सत्र में मुख्य मेरिट के लिए कॉलेजों में फॉर्म जमा करने की अनिवार्यता को खत्म किया जाए, जिसमें 100 रुपये शुल्क लिया जाता है और छात्रों को बार-बार फॉर्म जमा करना पड़ता है। मुख्य मेरिट के छुटे हुए प्रवेशार्थियों के लिए बीच में न देकर ओपन मेरिट में ही अवसर दिया जाए। ओपन मेरिट के लिए ब्लैंक ऑफर लेटर जारी किए जाए। गैप वाले विद्यार्थियों के कुल अंकों में से अधिकतम आठ प्रतिशत अंकों की ही कटौती होनी चाहिए। प्रत्येक पाठ्यक्रम की सीट की संख्या विवि के पोर्टल पर कॉलेज के अनुसार दिखाई जानी चाहिए। इस मौके पर छात्रसंघ के संयुक्त सचिव अमन जैन, कपिल, माहेनूर, वीशू, पारूल मौजूद रही।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मां शाकंभरी विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों की एक बैठक हुई। जिसमें नए शैक्षिक सत्र 2024-25 में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर चर्चा की गई। कुलपति एचएस सिंह ने कहा कि नए शैक्षिक सत्र 2024-25 में अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के सापेक्ष सेल्फ फाइनेंस वाले महाविद्यालयों के पोर्टल और 10 दिन अधिक खुला रहेगा। इसमें विद्यार्थियों को भी प्रवेश लेने में फायदा मिलेगा। 23 अप्रैल से प्रवेश के लिए पंजीकरण होंगे।
डीएवी पीजी कॉलेज में मंगलवार को विवि के कुलपति एचएस सिंह और कुलसचिव वीरेंद्र मौर्य प्रवेश समिति की ओर से आयोजित बैठक में शामिल हुए। उन्होंने सहारनपुर मंडल के जिलों के विवि से संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ बैठक की। जिसमें नए सत्र में होने वाले प्रवेश प्रक्रिया को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान प्राचार्यों से सुझाव भी लिए गए और उन्हों विवि के नए नियमों से भी अवगत कराया गया।
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इस दौरान उन्होंने सभी को प्रवेश प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सूची पोर्टल पर अपडेट नहीं की जाएगी, तब तक ऑफर लेटर जारी नहीं किए जाएंगे। कौशल विकास पर भी जोर दिया गया। 23 अप्रैल से प्रवेश के लिए पंजीकरण शुरू हो जाएंगे। बैठक का संचालन डीएवी पीजी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. गरिमा जैन ने किया।
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इस मौके पर प्राचार्य प्रोफेसर नरेश मालिक, विवि प्रवेश समन्वयक प्रोफेसर ओंकार सिंह, प्रवेश सह समन्वयक डॉ. हरबीर सिंह, प्रोफेसर सुनीता शर्मा, डॉ. सुधीर पुंडीर, डॉ. संगीता चौधरी, डीके त्यागी, संजीव कुमार, मुकेश चंद, अर्चना धामा, राम किशन, सतेंद्र कुमार, विपिन जैन, किरणपाल, अंजू पंवार, डॉ. कुलदीप सिंह मौजूद रहे।
जल्द वापस की जाएगी परीक्षा फीस
विवि के कुलसचिव वीरेंद्र मौर्य ने कहा कि फीस वृद्धि के समय जिन छात्र-छात्राओं ने परीक्षा फार्म भरें थे, उनकी फीस जल्द ही वापस की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन सभी विद्यार्थियों की सूची तैयार की जा रही है, कार्य जारी है। जल्द ही छात्र-छात्राओं के बैंक खाते में वृद्धि फीस पहुंच जाएगी।
कुलपति को छात्रसंघ ने दिया सुझाव पत्र
डीएवी पीजी कॉलेज के छात्रसंघ ने विवि के कुलपति एचएस सिंह को सुझाव पत्र सौंपा। जिसमें 12 बिंदुओं में सुझाव दिए गए। जिसमें सुझाव दिया कि प्रवेश प्रक्रिया में विवि की ओर से कम से कम तीन मुख्य मेरिज जारी की जाए। प्रत्येक मेरिट के प्रवेश के लिए केवल दो कार्यदिवस का समय ही दिया जाए। नए सत्र में मुख्य मेरिट के लिए कॉलेजों में फॉर्म जमा करने की अनिवार्यता को खत्म किया जाए, जिसमें 100 रुपये शुल्क लिया जाता है और छात्रों को बार-बार फॉर्म जमा करना पड़ता है। मुख्य मेरिट के छुटे हुए प्रवेशार्थियों के लिए बीच में न देकर ओपन मेरिट में ही अवसर दिया जाए। ओपन मेरिट के लिए ब्लैंक ऑफर लेटर जारी किए जाए। गैप वाले विद्यार्थियों के कुल अंकों में से अधिकतम आठ प्रतिशत अंकों की ही कटौती होनी चाहिए। प्रत्येक पाठ्यक्रम की सीट की संख्या विवि के पोर्टल पर कॉलेज के अनुसार दिखाई जानी चाहिए। इस मौके पर छात्रसंघ के संयुक्त सचिव अमन जैन, कपिल, माहेनूर, वीशू, पारूल मौजूद रही।