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निराश्रित परिवारों के लिए आगे आया प्रशासन
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निराश्रित परिवारों के लिए आगे आया प्रशासन
मुजफ्फरनगर/तितावी। छह माह तक लॉकडाउन की तंगहाली झेलने के बाद रोजी-रोटी की तलाश में निकलकर सहारनपुर जनपद में हुए हादसे में जान गंवाने वाले बेबस मजदूरों के निराश्रित हो चुके परिवारों के लिए प्रशासन ने आगे आकर मदद की घोषणा की है। तहसीलदार सदर ने सोमवार को गांव पीपलहेड़ा में पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर दो मजदूरों को 5.25 लाख प्रत्येक की आर्थिक सहायता और दो अन्य के लिए प्रधानमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना में संस्तुति कर दी।
तितावी थाना क्षेत्र के गांव पीपलहेड़ा निवासी सात परिवारों के 35 लोग शनिवार देर रात सहारनपुर जनपद के गंगोह-तीतरो मार्ग स्थित गांव झाड़वन के निकट हादसे का शिकार हो गए थे। इनमें तीन परिवारों के दो सगे भाइयों चार युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। हादसे में मरने वाले दोनों सगे भाई विपिन (27) व नीटू (22) के बाद उनके परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा है, जबकि परिवार में वृद्ध मां-बाप के साथ ही विपिन की पत्नी व चार छोटे बच्चे हैं। तीसरे मृतक लाल्ला (40) पुत्र कदरू के परिवार में भी कोई सदस्य कमाने वाला नहीं रहा। उसके परिवार में भी केवल वृद्ध मां-बाप के साथ ही पत्नी व चार बच्चे रह गए हैं। अमर उजाला ने उक्त दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति को सोमवार को प्रमुखता से उजागर किया था, जिसके बाद सोमवार को जिला प्रशासन इन परिवारों की मदद के लिए आगे आया। तहसीलदार सदर जयेंद्र सिंह, बीडीओ सतीश गौतम व लेखपाल अशोक के साथ सोमवार पीपलहेड़ा पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मिले और उन्हें सांत्वना दी। तहसीलदार सदर ने बताया कि हादसे में मारे गए विपिन व लाल्ला का मजदूर पंजीकरण था। इसके चलते इन दोनों को तत्कालिक तौर पर 5.25-5.25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। इसके लिए फाइल तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं। वहीं, दो अन्य मृतकों नीटू व सोनू के भी नाम शासन को भेजकर उन्हें दुर्घटना बीमा योजना के तहत आर्थिक सहायता दिलाए जाने के प्रयास किए जाएंगे।
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मुजफ्फरनगर/तितावी। छह माह तक लॉकडाउन की तंगहाली झेलने के बाद रोजी-रोटी की तलाश में निकलकर सहारनपुर जनपद में हुए हादसे में जान गंवाने वाले बेबस मजदूरों के निराश्रित हो चुके परिवारों के लिए प्रशासन ने आगे आकर मदद की घोषणा की है। तहसीलदार सदर ने सोमवार को गांव पीपलहेड़ा में पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर दो मजदूरों को 5.25 लाख प्रत्येक की आर्थिक सहायता और दो अन्य के लिए प्रधानमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना में संस्तुति कर दी।
तितावी थाना क्षेत्र के गांव पीपलहेड़ा निवासी सात परिवारों के 35 लोग शनिवार देर रात सहारनपुर जनपद के गंगोह-तीतरो मार्ग स्थित गांव झाड़वन के निकट हादसे का शिकार हो गए थे। इनमें तीन परिवारों के दो सगे भाइयों चार युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। हादसे में मरने वाले दोनों सगे भाई विपिन (27) व नीटू (22) के बाद उनके परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा है, जबकि परिवार में वृद्ध मां-बाप के साथ ही विपिन की पत्नी व चार छोटे बच्चे हैं। तीसरे मृतक लाल्ला (40) पुत्र कदरू के परिवार में भी कोई सदस्य कमाने वाला नहीं रहा। उसके परिवार में भी केवल वृद्ध मां-बाप के साथ ही पत्नी व चार बच्चे रह गए हैं। अमर उजाला ने उक्त दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति को सोमवार को प्रमुखता से उजागर किया था, जिसके बाद सोमवार को जिला प्रशासन इन परिवारों की मदद के लिए आगे आया। तहसीलदार सदर जयेंद्र सिंह, बीडीओ सतीश गौतम व लेखपाल अशोक के साथ सोमवार पीपलहेड़ा पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मिले और उन्हें सांत्वना दी। तहसीलदार सदर ने बताया कि हादसे में मारे गए विपिन व लाल्ला का मजदूर पंजीकरण था। इसके चलते इन दोनों को तत्कालिक तौर पर 5.25-5.25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। इसके लिए फाइल तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं। वहीं, दो अन्य मृतकों नीटू व सोनू के भी नाम शासन को भेजकर उन्हें दुर्घटना बीमा योजना के तहत आर्थिक सहायता दिलाए जाने के प्रयास किए जाएंगे।
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