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हाईकोर्ट से आरोपी भक्ति भूषण को जमानत मिली
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हाईकोर्ट से आरोपी भक्ति भूषण को जमानत मिली
मुजफ्फरनगर। शुकतीर्थ के गौड़ीय मठ में बच्चों के साथ यौन शोषण प्रकरण में मठ के संचालक भक्ति भूषण गोविंद को आठ माह बाद हाईकोर्ट इलाहाबाद से जमानत मिल गई है।
नौ जुलाई 2020 को चाइल्ड लाइन के नंबर पर शिकायत हुई थी कि शुकतीर्थ के गौड़ीय मठ में बच्चों के साथ अमानवीय घटनाएं हो रही है। इसके बाद पुलिस और चाइल्ड केयर की टीम ने मठ में रेस्क्यू किया और दस बच्चों को बरामद किया। इन बच्चों के बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम ने बयान दर्ज किए। बयान में बच्चों ने बताया कि उन्हें शिक्षा देने के नाम पर बुलाया था। आरोप है कि आश्रम में उनसे बर्तन साफ करने और झाडू लगाने के काम कराए जाते हैं। सात बच्चों ने गोड़िया मठ के महाराज भक्ति भूषण गोविंद महाराज पर संगीन आरोप लगाए थे। सभी बच्चों की उम्र दस से 18 के बीच है। डीएम के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकिन ने सभी बच्चों का जिला चिकित्सालय में मेडिकल कराया था। मेडिकल में चार बच्चों के साथ कुकर्म की पुष्टि हुई थी। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद भक्ति भूषण गोविंद महाराज और उनके शिष्य कृष्णमोहन दास के खिलाफ भोपा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। दस जुलाई की रात्रि में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। आठ माह से दोनों जेल में बंद हैं। इस प्रकरण में चारों बच्चों के बयान भी हो चुके हैं। एडीजे कोर्ट-आठ में भक्ति भूषण की जमानत याचिका खारिज हो गई थी, जिसके बाद वह इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे, जहां से उन्हें जमानत मिल गई है। डीजीसी क्राइम राजीव शर्मा ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट से भक्ति भूषण को जमानत मिली है। शिष्य कृष्णमोहन दास की जमानत याचिका पर 25 मार्च आज एडीजे कोर्ट-आठ में सुनवाई होगी।
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मुजफ्फरनगर। शुकतीर्थ के गौड़ीय मठ में बच्चों के साथ यौन शोषण प्रकरण में मठ के संचालक भक्ति भूषण गोविंद को आठ माह बाद हाईकोर्ट इलाहाबाद से जमानत मिल गई है।
नौ जुलाई 2020 को चाइल्ड लाइन के नंबर पर शिकायत हुई थी कि शुकतीर्थ के गौड़ीय मठ में बच्चों के साथ अमानवीय घटनाएं हो रही है। इसके बाद पुलिस और चाइल्ड केयर की टीम ने मठ में रेस्क्यू किया और दस बच्चों को बरामद किया। इन बच्चों के बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम ने बयान दर्ज किए। बयान में बच्चों ने बताया कि उन्हें शिक्षा देने के नाम पर बुलाया था। आरोप है कि आश्रम में उनसे बर्तन साफ करने और झाडू लगाने के काम कराए जाते हैं। सात बच्चों ने गोड़िया मठ के महाराज भक्ति भूषण गोविंद महाराज पर संगीन आरोप लगाए थे। सभी बच्चों की उम्र दस से 18 के बीच है। डीएम के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकिन ने सभी बच्चों का जिला चिकित्सालय में मेडिकल कराया था। मेडिकल में चार बच्चों के साथ कुकर्म की पुष्टि हुई थी। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद भक्ति भूषण गोविंद महाराज और उनके शिष्य कृष्णमोहन दास के खिलाफ भोपा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। दस जुलाई की रात्रि में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। आठ माह से दोनों जेल में बंद हैं। इस प्रकरण में चारों बच्चों के बयान भी हो चुके हैं। एडीजे कोर्ट-आठ में भक्ति भूषण की जमानत याचिका खारिज हो गई थी, जिसके बाद वह इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे, जहां से उन्हें जमानत मिल गई है। डीजीसी क्राइम राजीव शर्मा ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट से भक्ति भूषण को जमानत मिली है। शिष्य कृष्णमोहन दास की जमानत याचिका पर 25 मार्च आज एडीजे कोर्ट-आठ में सुनवाई होगी।
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