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अब खाताधारकों की होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 31 Dec 2016 12:23 AM IST
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मुजफ्फरनगर में नोटबंदी के बाद बैंकों पर टूटी भीड़ और खजाने से मालामाल हुए बैंकों में अब हिसाब-किताब की कार्रवाई शुरू होगी। आयकर विभाग बैंकों में बंद पड़े खातों, बड़े लेनदेन समेत बड़े कारोबारियों के खातों पर निगाहें गड़ा रहा है। बैंकों को जनवरी तक आयकर को खातों की जानकारी देनी होगी। आयकर की टीम खाते के साथ खाताधारक की जांच-पड़ताल करेगी।
पीएम मोदी ने आठ नवंबर को घोषणा कर देशभर में 1000 और 500 के पुराने नोट बंद कर दिए थे। साथ ही नोटबंदी के बाद हुई परेशानी को दूर करने के लिए 50 दिन का समय मांगा गया। नौ नवंबर से 31 दिसंबर तक बैंकों में पुराने नोट जमा कराने की अनुमति दी गई। इसको लेकर पुराने नोट जमा कराने, बदलने तथा नई करेंसी लेने को बैंकों में जबरदस्त भीड़ टूट पड़ी। बैंकों के बाहर दिन निकलते ही ग्राहकों की कतारें लगी रही।
इस समयावधि में बैंकों में उन खातों में भी जान पड़ गई, जो महीनों तक भी एक्टिव नहीं रहते थे। इनमें भी पैसा जमा कराया गया है। इसको लेकर जनपद में बड़े पैमाने पर रुपये जमा हुए हैं। बैंक खातों में हो रहे लेन-देन पर आयकर की टीम भी नजरें जमाए हुए हैं। केंद्र सरकार के आदेशों के मुताबिक ऐसे खाताधारकों की जांच-पड़ताल होगी, जो नोटबंदी के दौरान ही सक्रिय हुए हैं। उधर, आयकर विभाग भी अपनी तैयारियों में जुटा है।
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आयकर विभाग के सूत्रों की माने तो नोटबंदी के बाद उन खातों पर मुख्य फोकस है। जिनमें बड़ा लेनदेन और महीनों बाद हुआ है। 31 जनवरी तक जनपद के सभी बैंकों को खातों की जानकारी आयकर विभाग को उपलब्ध करानी है। उसके बाद आयकर विभाग की टीम खाताधारक की जांच-पड़ताल करने के साथ उससे लेनदेन का हिसाब लेगी। सूत्रों की मानें तो आयकर विभाग शहर के बड़े कारोबारियों के बैंक खातों और जनधन के खातों की भी जांच-पड़ताल करेगी। जिनमें 50 हजार से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ है।
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पीएम मोदी ने आठ नवंबर को घोषणा कर देशभर में 1000 और 500 के पुराने नोट बंद कर दिए थे। साथ ही नोटबंदी के बाद हुई परेशानी को दूर करने के लिए 50 दिन का समय मांगा गया। नौ नवंबर से 31 दिसंबर तक बैंकों में पुराने नोट जमा कराने की अनुमति दी गई। इसको लेकर पुराने नोट जमा कराने, बदलने तथा नई करेंसी लेने को बैंकों में जबरदस्त भीड़ टूट पड़ी। बैंकों के बाहर दिन निकलते ही ग्राहकों की कतारें लगी रही।
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इस समयावधि में बैंकों में उन खातों में भी जान पड़ गई, जो महीनों तक भी एक्टिव नहीं रहते थे। इनमें भी पैसा जमा कराया गया है। इसको लेकर जनपद में बड़े पैमाने पर रुपये जमा हुए हैं। बैंक खातों में हो रहे लेन-देन पर आयकर की टीम भी नजरें जमाए हुए हैं। केंद्र सरकार के आदेशों के मुताबिक ऐसे खाताधारकों की जांच-पड़ताल होगी, जो नोटबंदी के दौरान ही सक्रिय हुए हैं। उधर, आयकर विभाग भी अपनी तैयारियों में जुटा है।
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आयकर विभाग के सूत्रों की माने तो नोटबंदी के बाद उन खातों पर मुख्य फोकस है। जिनमें बड़ा लेनदेन और महीनों बाद हुआ है। 31 जनवरी तक जनपद के सभी बैंकों को खातों की जानकारी आयकर विभाग को उपलब्ध करानी है। उसके बाद आयकर विभाग की टीम खाताधारक की जांच-पड़ताल करने के साथ उससे लेनदेन का हिसाब लेगी। सूत्रों की मानें तो आयकर विभाग शहर के बड़े कारोबारियों के बैंक खातों और जनधन के खातों की भी जांच-पड़ताल करेगी। जिनमें 50 हजार से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ है।