{"_id":"5a89c28c4f1c1bc83b8b79ce","slug":"a-fire-broke-out-in-utkal-damaged-compartment","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्कल के क्षतिग्रस्त डिब्बे में आग लगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्कल के क्षतिग्रस्त डिब्बे में आग लगी
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
Updated Sun, 18 Feb 2018 11:44 PM IST
विज्ञापन
accident
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खतौली (मुजफ्फरनगर)। डिरेल हुई उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन के यहां पड़े क्षतिग्रस्त डिब्बे में आग लग गई। आग लगने से डिब्बे का कुछ हिस्सा जल गया। आरपीएफ ने फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी। इस बीच कुछ लोगों ने अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के पहुंचने से पहले ही पानी डालकर आग पर काबू पा लिया। आरपीएफ दरोगा का कहना है आग से कोई नुकसान नहीं हुआ है। आग लगने के कारण का अभी तक पता नहीं चला है। इस घटना के बाद से रेलवे सुरक्षा बल सतर्क हो गया है।
जगत कॉलोनी के सामने 19 अगस्त को उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसा हुआ था। इस हादसे में 26 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक यात्री घायल हो गए थे। हादसे के बाद से ही ट्रेन के क्षतिग्रस्त 12 डिब्बे रेलवे ट्रैक के पास ही पड़े हुए हैं, जिनकी सुरक्षा की पूर्ण जिम्मेदारी आरपीएफ पर है। रेलवे लाइन का दोहरीकरण का काम चल रहा है। इसके बावजूद अभी तक इन क्षतिग्रस्त डिब्बों को यहां से हटवाया नहीं गया है। रविवार दोपहर को ट्रेन के क्षतिग्रस्त डिब्बे में आग लग गई। डिब्बे में आग लगी देखकर आसपास रहने वाले लोगों में अफरातफरी मच गई।
लोगों ने इसकी सूचना रेलवे विभाग को दी। डिब्बे में आग लगने की सूचना से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर मौके पर आरपीएफ पहुंची। आरपीएफ ने आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
विज्ञापन
फायर ब्रिगेड आने से पहले लोगों ने पानी व मिट्टी डालकर आग को बुझा दिया था। आग की घटना से आरपीएफ सतर्क हो गया है।
डिब्बों से लाखों रुपयों की बैटरी हो चुकी है चोरी
आरपीएफ की लापरवाही से इन क्षतिग्रस्त डिब्बों से लाखों रुपयों के कीमत की बैटरियां चोरी हो चुकी है। जनवरी में आरपीएफ ने रात के समय कोहरे का फायदा उठाकर डिब्बों से बैटरी चोरी करते हुए एक चोर को रंगेहाथ पकड़ लिया था। पकड़े गए चोर ने अपने साथियों के नाम भी आरपीएफ को बताए थे। उस वक्त आरपीएफ ने चोर को जेल भेज दिया था। डिब्बों से बैटरी चोरी होने की घटना को लेकर भी आरपीएफ ने सबक नहीं लिया। रविवार को डिब्बे में आग लगने से आरपीएफ की सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी।
सूखी घास में आग से क्षतिग्रस्त डिब्बे में आग लगी। आग से कोई नुकसान नहीं हुआ है। संभवत: घास में किसी व्यक्ति ने जलती हुई बीड़ी फेंक दी होगी, जिससे घास ने आग पकड़ ली और फिर डिब्बे में लगनी शुरू हो गई।
अनिल कुमार, दरोगा, आरपीएफ।
विज्ञापन
जगत कॉलोनी के सामने 19 अगस्त को उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसा हुआ था। इस हादसे में 26 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक यात्री घायल हो गए थे। हादसे के बाद से ही ट्रेन के क्षतिग्रस्त 12 डिब्बे रेलवे ट्रैक के पास ही पड़े हुए हैं, जिनकी सुरक्षा की पूर्ण जिम्मेदारी आरपीएफ पर है। रेलवे लाइन का दोहरीकरण का काम चल रहा है। इसके बावजूद अभी तक इन क्षतिग्रस्त डिब्बों को यहां से हटवाया नहीं गया है। रविवार दोपहर को ट्रेन के क्षतिग्रस्त डिब्बे में आग लग गई। डिब्बे में आग लगी देखकर आसपास रहने वाले लोगों में अफरातफरी मच गई।
विज्ञापन
लोगों ने इसकी सूचना रेलवे विभाग को दी। डिब्बे में आग लगने की सूचना से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर मौके पर आरपीएफ पहुंची। आरपीएफ ने आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
विज्ञापन
फायर ब्रिगेड आने से पहले लोगों ने पानी व मिट्टी डालकर आग को बुझा दिया था। आग की घटना से आरपीएफ सतर्क हो गया है।
डिब्बों से लाखों रुपयों की बैटरी हो चुकी है चोरी
आरपीएफ की लापरवाही से इन क्षतिग्रस्त डिब्बों से लाखों रुपयों के कीमत की बैटरियां चोरी हो चुकी है। जनवरी में आरपीएफ ने रात के समय कोहरे का फायदा उठाकर डिब्बों से बैटरी चोरी करते हुए एक चोर को रंगेहाथ पकड़ लिया था। पकड़े गए चोर ने अपने साथियों के नाम भी आरपीएफ को बताए थे। उस वक्त आरपीएफ ने चोर को जेल भेज दिया था। डिब्बों से बैटरी चोरी होने की घटना को लेकर भी आरपीएफ ने सबक नहीं लिया। रविवार को डिब्बे में आग लगने से आरपीएफ की सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी।
सूखी घास में आग से क्षतिग्रस्त डिब्बे में आग लगी। आग से कोई नुकसान नहीं हुआ है। संभवत: घास में किसी व्यक्ति ने जलती हुई बीड़ी फेंक दी होगी, जिससे घास ने आग पकड़ ली और फिर डिब्बे में लगनी शुरू हो गई।
अनिल कुमार, दरोगा, आरपीएफ।