{"_id":"49-78357","slug":"Muzaffar-nagar-78357-49","type":"story","status":"publish","title_hn":"हुरमंजपुर में पकड़ी गई तमंचा फैक्ट्री ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हुरमंजपुर में पकड़ी गई तमंचा फैक्ट्री
Muzaffar nagar
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:31 AM IST
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शामली/कांधला। कांधला क्षेत्र के हुरमंजपुर गांव में एक तहखाने में चल रही तमंचा फैक्ट्री पकड़ी गई है। पुलिस ने मौके से तीन बने और 400 अधबने तमंचों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य भागने में कामयाब हो गए। पुलिस के मुताबिक हथियार बनाने वालों के तार मेरठ और बुलंदशहर से भी जुड़े हैं।
पुलिस ऑफिस पर शनिवार को एसपी पवन कुमार ने पत्रकार वार्ता में पकड़ी गई तमंचा फैक्ट्री का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार की शाम करीब साढ़े सात बजे कांधला थानाध्यक्ष पंकज वर्मा पुलिस टीम के साथ कांधला-बुढ़ाना मार्ग पर सुन्ना पुलिया के पास चेकिंग कर रहे थे। पुलिस ने सफेद रंग की स्कार्पियो को रुकने का इशारा किया। आरोप है कि कार सवारों ने अचानक पुलिस पर तमंचे से फायर झोंक दिया और भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर गाड़ी रुकवा ली। पुलिस ने कार सवार बुढ़ाना क्षेत्र के गांव जौला हाल सुजडू मुजफ्फरनगर निवासी सलीम और उसके लड़के परवेज को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मौके से लिसाढ़ी गेट बुनकर नगर मेरठ निवासी आफताब अंसारी फरार हो गया। पुलिस ने सलीम के कब्जे से एक तमंचा, नाल और लकड़ी की चाप बरामद की। पूछताछ में सलीम ने बताया कि उसका समधी अब्दुल हुरमंजपुर कांधला में रहता है, जिसके घर में एक तहखाने में तमंचा फैक्ट्री चलाई जा रही है। पुलिस ने हुरमंजपुर गांव में दबिश दी तो मौके से अब्दुल पकड़ा गया, जबकि उसका लड़का आबिद छत कूदकर फरार हो गया। पुलिस ने आबिद के मकान में बने तहखाने से 315 और 12 बोर के दो बने और 400 अधबने तमंचे बरामद किए। तहखाने में रखे तमंचा बनाने के उपकरण ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार सलीम एक बार कांधला, चार बार बुढ़ाना और एक बार मुजफ्फरनगर से तमंचा फैक्ट्री चलाने के आरोप में जेल जा चुका है। उसने पूछताछ में बताया कि वह फरार आरोपी मेरठ निवासी आफताब अंसारी से तमंचों की नाल बनवाता था। तमंचे तैयार होने पर बना हुआ माल बुलंदशहर के गुलावठी निवासी फरमान के माध्यम से बेचा जाता था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पार्टी को लगाया है। गिरफ्तार आरोपियों समेत छह अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
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एक हजार लोगों को बेच चुका मौत का सामान
शामली। एसपी के अनुसार पुलिस पूछताछ में सलीम ने बताया कि वह कांधला में चल रही तमंचा फैक्ट्री से अब तक एक हजार लोगों को मौत का सामान बेच चुका है। उसका समधी अब्दुल तमंचे बनाने का काम करता था, जबकि सलीम मार्केटिंग और मेरठ निवासी आफताब से तमंचों की नाल बनवाने का काम करता था। बड़ी खेप गुलावठी, बुलंदशहर निवासी फरमान के माध्यम से बेची जाती थी। उन्होंने बताया कि आरोपियों द्वारा लांग बैरल का तमंचा पांच से सात हजार रुपये में और शार्ट बैरल के तमंचे खरीददार की हैसियत के हिसाब से बेचा जाता था।
दंगे के बाद खोली तमंचा फैक्ट्री
शामली। कांधला थानाध्यक्ष पंकज वर्मा ने बताया कि सलीम पांच बार अवैध तमंचा फैक्ट्री चलाने के मामलों में जेल जा चुका है। उन्होंने बताया कि उसने अपने समधी अब्दुल के साथ मिलकर पिछले वर्ष सितंबर माह में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद तहखाना तैयार करवाते हुए तमंचा फैक्ट्री की शुरूआत की थी। सलीम अभी तक एक हजार लोगों को तमंचा बेचने की बात कह रहा है, लेकिन मौके से बरामद हुए माल के हिसाब से आंकड़े इससे ज्यादा भी हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों समेत सभी को गैंगेस्टर में निरुद्ध किया जाएगा।
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पुलिस ऑफिस पर शनिवार को एसपी पवन कुमार ने पत्रकार वार्ता में पकड़ी गई तमंचा फैक्ट्री का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार की शाम करीब साढ़े सात बजे कांधला थानाध्यक्ष पंकज वर्मा पुलिस टीम के साथ कांधला-बुढ़ाना मार्ग पर सुन्ना पुलिया के पास चेकिंग कर रहे थे। पुलिस ने सफेद रंग की स्कार्पियो को रुकने का इशारा किया। आरोप है कि कार सवारों ने अचानक पुलिस पर तमंचे से फायर झोंक दिया और भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर गाड़ी रुकवा ली। पुलिस ने कार सवार बुढ़ाना क्षेत्र के गांव जौला हाल सुजडू मुजफ्फरनगर निवासी सलीम और उसके लड़के परवेज को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मौके से लिसाढ़ी गेट बुनकर नगर मेरठ निवासी आफताब अंसारी फरार हो गया। पुलिस ने सलीम के कब्जे से एक तमंचा, नाल और लकड़ी की चाप बरामद की। पूछताछ में सलीम ने बताया कि उसका समधी अब्दुल हुरमंजपुर कांधला में रहता है, जिसके घर में एक तहखाने में तमंचा फैक्ट्री चलाई जा रही है। पुलिस ने हुरमंजपुर गांव में दबिश दी तो मौके से अब्दुल पकड़ा गया, जबकि उसका लड़का आबिद छत कूदकर फरार हो गया। पुलिस ने आबिद के मकान में बने तहखाने से 315 और 12 बोर के दो बने और 400 अधबने तमंचे बरामद किए। तहखाने में रखे तमंचा बनाने के उपकरण ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
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एसपी ने बताया कि गिरफ्तार सलीम एक बार कांधला, चार बार बुढ़ाना और एक बार मुजफ्फरनगर से तमंचा फैक्ट्री चलाने के आरोप में जेल जा चुका है। उसने पूछताछ में बताया कि वह फरार आरोपी मेरठ निवासी आफताब अंसारी से तमंचों की नाल बनवाता था। तमंचे तैयार होने पर बना हुआ माल बुलंदशहर के गुलावठी निवासी फरमान के माध्यम से बेचा जाता था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पार्टी को लगाया है। गिरफ्तार आरोपियों समेत छह अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
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एक हजार लोगों को बेच चुका मौत का सामान
शामली। एसपी के अनुसार पुलिस पूछताछ में सलीम ने बताया कि वह कांधला में चल रही तमंचा फैक्ट्री से अब तक एक हजार लोगों को मौत का सामान बेच चुका है। उसका समधी अब्दुल तमंचे बनाने का काम करता था, जबकि सलीम मार्केटिंग और मेरठ निवासी आफताब से तमंचों की नाल बनवाने का काम करता था। बड़ी खेप गुलावठी, बुलंदशहर निवासी फरमान के माध्यम से बेची जाती थी। उन्होंने बताया कि आरोपियों द्वारा लांग बैरल का तमंचा पांच से सात हजार रुपये में और शार्ट बैरल के तमंचे खरीददार की हैसियत के हिसाब से बेचा जाता था।
दंगे के बाद खोली तमंचा फैक्ट्री
शामली। कांधला थानाध्यक्ष पंकज वर्मा ने बताया कि सलीम पांच बार अवैध तमंचा फैक्ट्री चलाने के मामलों में जेल जा चुका है। उन्होंने बताया कि उसने अपने समधी अब्दुल के साथ मिलकर पिछले वर्ष सितंबर माह में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद तहखाना तैयार करवाते हुए तमंचा फैक्ट्री की शुरूआत की थी। सलीम अभी तक एक हजार लोगों को तमंचा बेचने की बात कह रहा है, लेकिन मौके से बरामद हुए माल के हिसाब से आंकड़े इससे ज्यादा भी हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों समेत सभी को गैंगेस्टर में निरुद्ध किया जाएगा।