{"_id":"49-45769","slug":"Muzaffar-nagar-45769-49","type":"story","status":"publish","title_hn":"करबला की दास्तां पर छलक उठे आंसू ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करबला की दास्तां पर छलक उठे आंसू
Muzaffar nagar
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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मुजफ्फरनगर। मोहर्रम की मजलिसों में पैगंबर-ए-इस्लाम के बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया गया। इस दौरान शहर में मातमी जुलूस निकाला गया। मरसिए ख्वानी में करबला के वाकयात पर रोशनी डाली गई।
शहर में मजलिसों का सिलसिला जारी है। मंगलवार का मोहल्ला अबूपुरा में खिताब फरमाते हुए सैय्यद कुमैल असगर ने करबला के वाकयात पर रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि 1400 साल पहले इस्लाम और इंसानियत को बचाने के लिए कुर्बानी दी गई थी। लोगों को सच्चाई की राह पर चलना चाहिए। उधर, बकरा मार्केट स्थित अच्छन मियां और बल्लन मियां के आवास पर मरसिया ख्वानी डॉ. इकबाल, मोहम्मद मशहेदी, शबीऊल हसन आदि ने करबला की कुर्बानी पर रोशनी डाली। कासिम का जिक्र आते ही मजलिस में उपस्थित सोगवारों की आंखें छलक उठीं। तकरीर के बाद जुलजुनाह बरामद हुआ। शिया सोगवारों ने नोहाख्वानी की। लोहिया बाजार, अबुपुरा और इमाम बारगाह से होता हुआ मातमी जुलूस आरफी इमामबारगाह पर संपन्न हुआ। पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। अंजुुम दुआ ए जेहरा के मीडिया प्रभारी इंतेजार हुसैन जैदी ने बताया कि बुधवार को किदवईनगर में जुलजुनाह अलम बरामद होगा।
जौली में भी मातमी जुलूस
मोरना। जौली गांव में शिया सोगवारों ने मोहर्रम की पांच तारीख के मौके पर नोहाख्वानी और सीनाजनी करते हुए मातमी जुलूस निकाला।
अंजुमन-ए-काजमी की ओर से मदरसे काजमियां जौली में मजलिस का आयोजन हुआ। मौलाना सैय्यद वसीम हैदर काजमी ने खिताब फरमाते हुए कहा कि इमाम हुसैन का मकसद इस्लाम और इंसानियत को बचाना था, उन्हीं के दिखाए मार्ग पर चलते हुए इंसानियत को जिंदा रखना होगा। शिया सोगवार फूट-फूटकर रोए। सीनाजनी करते हुए मातमी जुलूस निकाला गया। जनाब मुंशी अली हसनैन के मोहल्ला मुस्लिमपुरा से होेकर जुलूस इमाम बारगाह हाजी वसी हैदर पर संपन्न हुआ।
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शहर में मजलिसों का सिलसिला जारी है। मंगलवार का मोहल्ला अबूपुरा में खिताब फरमाते हुए सैय्यद कुमैल असगर ने करबला के वाकयात पर रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि 1400 साल पहले इस्लाम और इंसानियत को बचाने के लिए कुर्बानी दी गई थी। लोगों को सच्चाई की राह पर चलना चाहिए। उधर, बकरा मार्केट स्थित अच्छन मियां और बल्लन मियां के आवास पर मरसिया ख्वानी डॉ. इकबाल, मोहम्मद मशहेदी, शबीऊल हसन आदि ने करबला की कुर्बानी पर रोशनी डाली। कासिम का जिक्र आते ही मजलिस में उपस्थित सोगवारों की आंखें छलक उठीं। तकरीर के बाद जुलजुनाह बरामद हुआ। शिया सोगवारों ने नोहाख्वानी की। लोहिया बाजार, अबुपुरा और इमाम बारगाह से होता हुआ मातमी जुलूस आरफी इमामबारगाह पर संपन्न हुआ। पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। अंजुुम दुआ ए जेहरा के मीडिया प्रभारी इंतेजार हुसैन जैदी ने बताया कि बुधवार को किदवईनगर में जुलजुनाह अलम बरामद होगा।
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जौली में भी मातमी जुलूस
मोरना। जौली गांव में शिया सोगवारों ने मोहर्रम की पांच तारीख के मौके पर नोहाख्वानी और सीनाजनी करते हुए मातमी जुलूस निकाला।
अंजुमन-ए-काजमी की ओर से मदरसे काजमियां जौली में मजलिस का आयोजन हुआ। मौलाना सैय्यद वसीम हैदर काजमी ने खिताब फरमाते हुए कहा कि इमाम हुसैन का मकसद इस्लाम और इंसानियत को बचाना था, उन्हीं के दिखाए मार्ग पर चलते हुए इंसानियत को जिंदा रखना होगा। शिया सोगवार फूट-फूटकर रोए। सीनाजनी करते हुए मातमी जुलूस निकाला गया। जनाब मुंशी अली हसनैन के मोहल्ला मुस्लिमपुरा से होेकर जुलूस इमाम बारगाह हाजी वसी हैदर पर संपन्न हुआ।
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