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...पड़े तेरी नजर हमदम मेरे तो मैं निखर जाऊं
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अमन वेलफेयर सोसायटी की ओर से कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन
देवबंद (सहारनपुर)। अमन वेलफेयर सोसायटी की ओर से एक शाम अनीता सिंह के नाम से कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन किया गया। इसमें कवियों और शायरों ने शानदार रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं से देर रात्रि तक जमकर दाद बटोरी।
रविवार की रात्रि मोहल्ला मुलातानियान में स्थित एक बैंक्वेट हाल में आयोजित हुए कार्यक्रम का उद्घाटन जर्रार बेग ने फीता काटकर जबकि मो. इब्राहीम ने शमा रोशन कर और गौरव विवेक ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का शुरुआत अनीता सिंह की सरस्वती वंदना और जावेद आसी की नात-ए-पाक से हुआ। मेरठ के कवि समर्पित सिंह राठौर ने रचना सुनाते हुए पढ़ा.. बेबसी का खुमार है क्या नाम इसका ही प्यार है क्या, कल तलक पुर गुरूर आदम था आज मुश्त-ए-गुबार है क्या। अयोध्या से आईं अनीता सिंह ने कुछ यूं कहा.. पड़े तेरी नजर हमदम मेरे तो मैं निखर जाऊं, करूं श्रृंगार सौलह रूप से मैं संवर जाऊं, छिपा ले बाजूओं में अपने यूं ही मुझको मेरे सनम, कि मुझमें तू ठहर जाए और तुझ में मैं ठहर जाऊं। दिल्ली से आए हिमांशु श्रीवास्तव ने पढ़ा.. जाने किसकी सरमाए दारी में, लोग आग लगा रहे हैं खुद्दारी में, धार तेज खुद ही मामलात करो, उनकी जबां में है या कटारी में। चांद देवबंदी ने कहा.. दिल की धड़कन आंख का तारा जिंदाबाद, सबसे प्यारा देश हमारा जिंदाबाद। डा. शमीम देवबंदी ने कुछ यूं कहा.. एक ऐसा बनाए गीत प्यार का मिलकर सभी, लोग जिसको गुनगुनाएं आज के माहौल में सुनकर जमकर दाद बटोरी। इनके अलावा जावेद आसी, नदीम अनवर, इशरत जहां आदि ने भी अपना कलाम पेश किया। कार्यक्रम में अनीता सिंह को महादेवी वर्मा जबकि हिमांशु श्रीवास्तव, समर्पित सिंह राठौर को साहित्यिक व गुलजार जिगर को अनवर जलालपुरी अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुर्तजा कुरैशी, मनोज नामदेव, हरिओ सिंघल, कुणाल धीमान, अनुज शर्मा, पुनीत गर्ग, साजिद खान, इस्माईल मलिक, नसीर अंसारी, माहिर हसन, रिहान कुरैशी, सचिन भारतीय आदि मौजूद रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। अमन वेलफेयर सोसायटी की ओर से एक शाम अनीता सिंह के नाम से कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन किया गया। इसमें कवियों और शायरों ने शानदार रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं से देर रात्रि तक जमकर दाद बटोरी।
रविवार की रात्रि मोहल्ला मुलातानियान में स्थित एक बैंक्वेट हाल में आयोजित हुए कार्यक्रम का उद्घाटन जर्रार बेग ने फीता काटकर जबकि मो. इब्राहीम ने शमा रोशन कर और गौरव विवेक ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का शुरुआत अनीता सिंह की सरस्वती वंदना और जावेद आसी की नात-ए-पाक से हुआ। मेरठ के कवि समर्पित सिंह राठौर ने रचना सुनाते हुए पढ़ा.. बेबसी का खुमार है क्या नाम इसका ही प्यार है क्या, कल तलक पुर गुरूर आदम था आज मुश्त-ए-गुबार है क्या। अयोध्या से आईं अनीता सिंह ने कुछ यूं कहा.. पड़े तेरी नजर हमदम मेरे तो मैं निखर जाऊं, करूं श्रृंगार सौलह रूप से मैं संवर जाऊं, छिपा ले बाजूओं में अपने यूं ही मुझको मेरे सनम, कि मुझमें तू ठहर जाए और तुझ में मैं ठहर जाऊं। दिल्ली से आए हिमांशु श्रीवास्तव ने पढ़ा.. जाने किसकी सरमाए दारी में, लोग आग लगा रहे हैं खुद्दारी में, धार तेज खुद ही मामलात करो, उनकी जबां में है या कटारी में। चांद देवबंदी ने कहा.. दिल की धड़कन आंख का तारा जिंदाबाद, सबसे प्यारा देश हमारा जिंदाबाद। डा. शमीम देवबंदी ने कुछ यूं कहा.. एक ऐसा बनाए गीत प्यार का मिलकर सभी, लोग जिसको गुनगुनाएं आज के माहौल में सुनकर जमकर दाद बटोरी। इनके अलावा जावेद आसी, नदीम अनवर, इशरत जहां आदि ने भी अपना कलाम पेश किया। कार्यक्रम में अनीता सिंह को महादेवी वर्मा जबकि हिमांशु श्रीवास्तव, समर्पित सिंह राठौर को साहित्यिक व गुलजार जिगर को अनवर जलालपुरी अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुर्तजा कुरैशी, मनोज नामदेव, हरिओ सिंघल, कुणाल धीमान, अनुज शर्मा, पुनीत गर्ग, साजिद खान, इस्माईल मलिक, नसीर अंसारी, माहिर हसन, रिहान कुरैशी, सचिन भारतीय आदि मौजूद रहे।
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