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‘हर चुनौती का मुकाबला करने को तैयार हैं बेटियां’
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देवबंद (सहारनपुर)। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत देवबंद स्थित नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल में सोमवार को बेटियों के बढ़ते कदम विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। छात्राओं ने संदेश दिया कि अब बेटियां न किसी से डरने वाली हैं और ना रुकने वाली हैं। इस दौरान छात्राओं ने हर मोर्च पर खुद को अपराजिता साबित करने की शपथ भी ली।
मोहल्ला तालीमाबाद स्थित नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत मशहूर उर्दू शायर डाक्टर नवाज देवबंदी ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम की शुरुआत में 15 छात्राओं के ग्रुप ने सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्तां हमारा पर तिरंगा ड्रेस में मनमोहक प्रस्तुति दी। एसिड अटैक पर छात्राओं ने शानदार प्रस्तुति देकर यह संदेश दिया कि मोमबत्ती जलाकर नहीं बल्कि अब देश की बेटियां मजबूत हौसले से इसका मुंहतोड़ जवाब देंगी। इसके साथ ही उन्होंने छिल गए नैना गीत पर जोश भरने वाली प्रस्तुुति देकर नारी शक्ति को उजागर किया।
छात्रा सानिया ने मुजफ्फरनगर की अंजुम सैफी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए आर्थिक तंगी के बावजूद उनके कामयाबी के शिखर पर पहुंचने का जिक्र किया तो जकिया ने लखनऊ की परवीन तल्हा की प्रेरणा स्रोत जिंदगी का बखान किया। रमशा ने कौन बनेगा करोड़पति में एक करोड़ रुपये जीतने वाली सहारनपुर की फिरोज फातिमा के बुलंद हौसले के बूते कामयाबी पाने के बारे में बताया। छात्रा हया जुबैर, इकरा ने भी अपने विचार रखे। आलिया और शिमाइला ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।
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-- फोटो संख्या 4ई
कामयाबी के लिए मेहनत व मजबूत इरादा होना चाहिए: देवबंदी
देवबंद। बेटियों की शिक्षा पर काम कर रहे नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल के प्रबंधक व मशहूर शायर डाक्टर नवाज देवबंदी ने कहा कि जब कोई स्कूल कॉलेज बनता है तो उसके लिए को-एजूकेशन की मान्यता ली जाती है, जबकि मैने बेटियों के लिए स्कूल खोला। बेटियों की शिक्षा को लेकर अभी बहुत आगे जाना है। उनकी कोशिश है कि बेटियां आसमान की बुलंदियों को छुएं। यही वजह है कि आज मेरी निगरानी में 25 से अधिक स्कूल कालेज बेटियों के चल रहे हैं। देवबंदी ने छात्राओं से कहा कि आप जज बनें, इंजीनियर बनें, बिजनेसमैन बनें, वकील बनें या टीचर बनें, लेकिन शर्त यह है कि मेहनत और मजबूत इरादा होना चाहिए।
-- फोटो संख्या 4एच
पढ़ लिखकर माता-पिता की पहचान बन रहीं बेटियां: इकराम
देवबंद। नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर डाक्टर इकरामुलहक ने कहा कि आज बेटियां पढ़ लिखकर माता पिता की पहचान बन रही हैं। बेटियां इंजीनियर हैं तो बेटियां पायलट भी हैं। हर क्षेत्र में आज बेटियों का मुकाम बहुत ऊंचा है। उन्होंने कहा कि तमाम शिक्षण संस्थानों में आज की नई शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कहा कि बेटी बचाओ क्योंकि कल बेटी हमें बचाएगी।
-- फोटो संख्या 4जी
बेटियों को सम्मान दिलाने वाला अभियान: सईद
देवबंद। जामिया तिब्बिया मेडिकल कालेज के प्रशासनिक अधिकारी डाक्टर अख्तर सईद ने अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बेटियों का हौसला बढ़ाने वाला और उन्हें सम्मान दिलाने वाला अभियान है। इसकी जितनी तारीफ की जाए कम है। आज ऐसे कार्यक्रमों की जरूरत है जो बेटियों में उत्साह का संचार करे और उनके लिए मुश्किल राह भी आसान हो जाए।
- फोटो संख्या 4एफ
आज की बेटियां कमजोर नहीं: जमालुद्दीन
देवबंद। नगर पालिका परिषद के स्वच्छता अभियान के ब्रांड अंबेसडर व समाजसेवी जमालुद्दीन अंसारी ने कहा कि हौसले के बूते बेटियां शिक्षा हासिल करने से लेकर हर वो कठिन कार्य कर रहीं हैं जिनके लिए बेटों को चुना जाता था। आज की बेटियां कमजोर नहीं बल्कि बहुत ही मजबूत हैं जरूरत बस उन्हें हल्का सहारा मिलने की है। उन्होंने कहा कि बेटियों के होने से हम हैं अगर बेटियां ही नहीं होंगी तो हमारा वजूद भी नहीं होगा।
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मोहल्ला तालीमाबाद स्थित नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत मशहूर उर्दू शायर डाक्टर नवाज देवबंदी ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम की शुरुआत में 15 छात्राओं के ग्रुप ने सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्तां हमारा पर तिरंगा ड्रेस में मनमोहक प्रस्तुति दी। एसिड अटैक पर छात्राओं ने शानदार प्रस्तुति देकर यह संदेश दिया कि मोमबत्ती जलाकर नहीं बल्कि अब देश की बेटियां मजबूत हौसले से इसका मुंहतोड़ जवाब देंगी। इसके साथ ही उन्होंने छिल गए नैना गीत पर जोश भरने वाली प्रस्तुुति देकर नारी शक्ति को उजागर किया।
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छात्रा सानिया ने मुजफ्फरनगर की अंजुम सैफी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए आर्थिक तंगी के बावजूद उनके कामयाबी के शिखर पर पहुंचने का जिक्र किया तो जकिया ने लखनऊ की परवीन तल्हा की प्रेरणा स्रोत जिंदगी का बखान किया। रमशा ने कौन बनेगा करोड़पति में एक करोड़ रुपये जीतने वाली सहारनपुर की फिरोज फातिमा के बुलंद हौसले के बूते कामयाबी पाने के बारे में बताया। छात्रा हया जुबैर, इकरा ने भी अपने विचार रखे। आलिया और शिमाइला ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।
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-- फोटो संख्या 4ई
कामयाबी के लिए मेहनत व मजबूत इरादा होना चाहिए: देवबंदी
देवबंद। बेटियों की शिक्षा पर काम कर रहे नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल के प्रबंधक व मशहूर शायर डाक्टर नवाज देवबंदी ने कहा कि जब कोई स्कूल कॉलेज बनता है तो उसके लिए को-एजूकेशन की मान्यता ली जाती है, जबकि मैने बेटियों के लिए स्कूल खोला। बेटियों की शिक्षा को लेकर अभी बहुत आगे जाना है। उनकी कोशिश है कि बेटियां आसमान की बुलंदियों को छुएं। यही वजह है कि आज मेरी निगरानी में 25 से अधिक स्कूल कालेज बेटियों के चल रहे हैं। देवबंदी ने छात्राओं से कहा कि आप जज बनें, इंजीनियर बनें, बिजनेसमैन बनें, वकील बनें या टीचर बनें, लेकिन शर्त यह है कि मेहनत और मजबूत इरादा होना चाहिए।
-- फोटो संख्या 4एच
पढ़ लिखकर माता-पिता की पहचान बन रहीं बेटियां: इकराम
देवबंद। नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर डाक्टर इकरामुलहक ने कहा कि आज बेटियां पढ़ लिखकर माता पिता की पहचान बन रही हैं। बेटियां इंजीनियर हैं तो बेटियां पायलट भी हैं। हर क्षेत्र में आज बेटियों का मुकाम बहुत ऊंचा है। उन्होंने कहा कि तमाम शिक्षण संस्थानों में आज की नई शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कहा कि बेटी बचाओ क्योंकि कल बेटी हमें बचाएगी।
-- फोटो संख्या 4जी
बेटियों को सम्मान दिलाने वाला अभियान: सईद
देवबंद। जामिया तिब्बिया मेडिकल कालेज के प्रशासनिक अधिकारी डाक्टर अख्तर सईद ने अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बेटियों का हौसला बढ़ाने वाला और उन्हें सम्मान दिलाने वाला अभियान है। इसकी जितनी तारीफ की जाए कम है। आज ऐसे कार्यक्रमों की जरूरत है जो बेटियों में उत्साह का संचार करे और उनके लिए मुश्किल राह भी आसान हो जाए।
- फोटो संख्या 4एफ
आज की बेटियां कमजोर नहीं: जमालुद्दीन
देवबंद। नगर पालिका परिषद के स्वच्छता अभियान के ब्रांड अंबेसडर व समाजसेवी जमालुद्दीन अंसारी ने कहा कि हौसले के बूते बेटियां शिक्षा हासिल करने से लेकर हर वो कठिन कार्य कर रहीं हैं जिनके लिए बेटों को चुना जाता था। आज की बेटियां कमजोर नहीं बल्कि बहुत ही मजबूत हैं जरूरत बस उन्हें हल्का सहारा मिलने की है। उन्होंने कहा कि बेटियों के होने से हम हैं अगर बेटियां ही नहीं होंगी तो हमारा वजूद भी नहीं होगा।