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सोई हुकुमत को जगाएगी किसान क्रांति यात्रा

Sat, 22 Sep 2018 12:13 AM IST
Updated Sat, 22 Sep 2018 12:13 AM IST
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सोई हुकुमत को जगाएगी किसान क्रांति यात्रा
भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत बोले, सोई हुकूमत को जगाएगी किसान क्रांति यात्रा
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सिसौली/भौराकलां। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसान क्रांति यात्रा सोई हुकूमत को जगाएगी। अपने हक की मांगों के लिए देश का अन्नदाता खेत खलिहान छोड़ कर सडप़र उतरने को मजबूर हो गया है।
किसान क्रांति यात्रा को लेकर व्यस्त चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों के मान और सम्मान के लिए भाकियू ने पद यात्रा का फैसला लिया है। केंद्र सरकार को चार साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, मगर किसानों से किए वादे भूला दिए गए। बेतुके निर्णय से किसान त्रस्त है। आर्थिक रूप से कमजोर किसान कैसे नया ट्रैक्टर खरीद पाएगा? देश के कितने किसान दस साल में नया ट्रैक्टर खरीदने की क्षमता रखते हैं। चुनाव से पहले किसानों की आय दुगनी करने तथा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का वादा क्यों भूला दिया गया। मोदी सरकार एक भी वादा पूरा नहीं कर पाई। गन्ना भुगतान नहीं होने से किसान कर्ज में है। बिजली, डीजल, पेट्रोल के बढ़ते दामों ने खेती के खर्च का बोझ बढ़ा दिया है। चीनी मिल मालिकों के आगे सरकारें पंगु है। भाकियू किसी पार्टी के खिलाफ नहीं है, लेकिन किसानों के हक की बलि न चढ़ाई जाए। सरकार की आंखे खोलने के लिए किसान क्रांति यात्रा ऐतिहासिक होगी।
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मुंडभर तिराहे से आज हरिद्वार होगा कूच
भौराकलां। सिसौली और आसपास के किसान शनिवार को मुंडभर गांव की पुलिया पर जमा होंगे। वहां से रामपुर चौराहे को प्रस्थान होगा। जहां से एक बजे हरिद्वार के टिकैत घाट के लिए भाकियू अध्यक्ष के नेतृत्व में किसान कूच करेंगे।
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खेती छो़ड़ने को मजबूर किसान: राकेश
मुजफ्फरनगर। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। कर्जमाफी और डॉ स्वामीनाथन आयोग रिपोर्ट लागू किए जाने के मुद्दे पर पीएम मोदी चुप हैं। सरकारी आंकड़े गवाह है कि किसान मजबूरी में खेती छोड़ रहा है। पिछले पेराई सत्र को करीब 19 हजार करोड़ रुपये गन्ने का बकाया चीनी मिलों पर है। बिजली की बढ़ी दरें, नलकूपों को नि:शुल्क बिजली, संपूर्ण कर्ज माफी आदि मुद्दों पर किसान क्रांति यात्रा का निर्णय लिया। सरकार की नीतियां किसान विरोधी है। विदेशी कंपनियों के देश में आने से किसानों, छोटे व्यापारियों, साप्ताहिक पैठ के दुकानदारों का बर्बाद होना तय है। ऐसे ही तमाम सवालों को लेकर लाखों किसान दिल्ली पहुंचेंगे।
संगठन संभालेगा यात्रा की जिम्मेदारी: राजू
खतौली। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता अनुशासन से क्रांति यात्रा को सफल बनाएंगे। हर ब्लाक पर व्यवस्था के पूरे इंतजाम है। मुजफ्फरनगर, शामली, बिजनौर, बागपत आदि जिलों में भाकियू ने गांव-गांव संपर्क कर संगठन को जिम्मेदारी सौंप दी है। सरकारें आती हैं, चली जाती है, मगर किसानों को सिर्फ घोषणाएं मिलती है। यात्रा से किसानों की आवाज सरकार के कानों तक पहुंचेगी।

चरथावल से जाएंगे दो हजार किसान
चरथावल। किसान क्रांति यात्रा को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं में उत्साह है। क्षेत्र से दो हजार किसान पदयात्रा में जाएंगे। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने दो बार न्यामू में पंचायत की। ब्लाक अध्यक्ष विकास शर्मा ने बताया कि रोनी हरजीपुर, मगनपुर, दूधली, बिरालसी, अकबरगढ, मथुरा, निरधना, दहचंद, कुल्हेडी, महाबलीपुर आदि गांव के किसान ट्रैक्टर ट्रालियों से यात्रा में शामिल होंगे।
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