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दंडी आश्रम में पुण्यतिथि पर श्रद्घांजलि सभा
Updated Tue, 13 Mar 2018 12:13 AM IST
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प्रभु का स्मरण करने से सभी दुखों का निवारण
मोरना।
हरिद्वार के भुमा-पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज ने कहा कि व्यक्ति की भावना ठीक होनी चाहिए। प्रभु का स्मरण करने से सभी दुखों का निवारण हो जाता है।
शुक्रताल में दंडी आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी विष्णु आश्रम जी महाराज की 14वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धांजलि वही है, जो महापुरुषों के आचरण के प्रति समर्पण का भाव रखे। धन्य है वो लोग, जिन्होंने अपने शरीर को त्याग कर संसार में अपनी सनातन संस्कृति को जिंदा रखा है। पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य दिव्यानंद तीर्थ के सानिध्य में स्वामी गुरुदत्त महाराज, स्वामी केश्वानंद महाराज, दंडी स्वामी महेश्वर आश्रम महाराज, स्वामी विनय स्वरूप महाराज, स्वामी गीतानंद गिरि, सर्वेश ब्रह्मचारी इलाहाबाद, स्वामी, आनंद अवस्थी आदि ने विचार रखे। संचालन केडी शर्मा ने किया। कथा आयोजन में मुख्य भूमिका निभा रहे पूनम राज व राजकुमार राज ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पादुका पूजन कर साधु व संतों को नकद दान, दक्षिणा देकर भोजन कराया। इस मौके पर मनोहर लाल शर्मा, विनोद शर्मा चेयरमैन, गोपाल, आचार्य गिरीश वशिष्ठ, उमाकांत द्विवेदी, गंगादत्त शर्मा, जगदीश वशिष्ठ आदि व्यवस्था बनाने सक्रिय रहे।
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मोरना।
हरिद्वार के भुमा-पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज ने कहा कि व्यक्ति की भावना ठीक होनी चाहिए। प्रभु का स्मरण करने से सभी दुखों का निवारण हो जाता है।
शुक्रताल में दंडी आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी विष्णु आश्रम जी महाराज की 14वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धांजलि वही है, जो महापुरुषों के आचरण के प्रति समर्पण का भाव रखे। धन्य है वो लोग, जिन्होंने अपने शरीर को त्याग कर संसार में अपनी सनातन संस्कृति को जिंदा रखा है। पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य दिव्यानंद तीर्थ के सानिध्य में स्वामी गुरुदत्त महाराज, स्वामी केश्वानंद महाराज, दंडी स्वामी महेश्वर आश्रम महाराज, स्वामी विनय स्वरूप महाराज, स्वामी गीतानंद गिरि, सर्वेश ब्रह्मचारी इलाहाबाद, स्वामी, आनंद अवस्थी आदि ने विचार रखे। संचालन केडी शर्मा ने किया। कथा आयोजन में मुख्य भूमिका निभा रहे पूनम राज व राजकुमार राज ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पादुका पूजन कर साधु व संतों को नकद दान, दक्षिणा देकर भोजन कराया। इस मौके पर मनोहर लाल शर्मा, विनोद शर्मा चेयरमैन, गोपाल, आचार्य गिरीश वशिष्ठ, उमाकांत द्विवेदी, गंगादत्त शर्मा, जगदीश वशिष्ठ आदि व्यवस्था बनाने सक्रिय रहे।
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