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कन्याओं को भोजन कराकर व्रत खोले
Updated Sat, 30 Sep 2017 01:20 AM IST
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कन्याओं को भोजन कराकर व्रत खोले
मुजफ्फरनगर। रामनवमी का पर्व शहर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता के मंदिरों में पहुंचकर कतारों में लगकर पूजा-अर्चना की और मां भगवती को भोग लगाया। अपने घरों पर कन्याओं को भोजन कराकर दान-दक्षिणा दी और व्रत को खोला।
शारदीय नवरात्र 21 सितंबर से शुरू हुए। श्रद्धालुओं ने घरों में मां भगवती की प्रतिमाओं की स्थापना कर व्रत किए। शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने मां भगवती के नौंवे स्वरूप की पूजा-अर्चना की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर मां भगवती को भोग लगाया। शहर के मंदिरों में सुबह से ही लंबी कतारें लगी थीं। राम मंदिरों में अधिक भीड़ रही। नवमी पर व्रत खोलने वाले श्रद्धालुओं ने अपने घर पर पकवान बनाए। मां भगवती की पूजा-अर्चना की और भोग लगाया। इसके बाद अपने घरों पर कन्याओं को भोजन कराया और दान-दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद लिया। कन्याओं को जिमाने के लिए श्रद्धालु इधर-उधर दौड़ते रहे। पॉश कालोनियों में एक साथ नौ कन्याएं एकत्र करना मुश्किल हो गया।
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मुजफ्फरनगर। रामनवमी का पर्व शहर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता के मंदिरों में पहुंचकर कतारों में लगकर पूजा-अर्चना की और मां भगवती को भोग लगाया। अपने घरों पर कन्याओं को भोजन कराकर दान-दक्षिणा दी और व्रत को खोला।
शारदीय नवरात्र 21 सितंबर से शुरू हुए। श्रद्धालुओं ने घरों में मां भगवती की प्रतिमाओं की स्थापना कर व्रत किए। शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने मां भगवती के नौंवे स्वरूप की पूजा-अर्चना की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर मां भगवती को भोग लगाया। शहर के मंदिरों में सुबह से ही लंबी कतारें लगी थीं। राम मंदिरों में अधिक भीड़ रही। नवमी पर व्रत खोलने वाले श्रद्धालुओं ने अपने घर पर पकवान बनाए। मां भगवती की पूजा-अर्चना की और भोग लगाया। इसके बाद अपने घरों पर कन्याओं को भोजन कराया और दान-दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद लिया। कन्याओं को जिमाने के लिए श्रद्धालु इधर-उधर दौड़ते रहे। पॉश कालोनियों में एक साथ नौ कन्याएं एकत्र करना मुश्किल हो गया।
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