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फोरलाईन हाईवे पर जल्द शुरु होना पुन:निर्माण कार्य
Updated Thu, 28 Sep 2017 12:31 AM IST
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हाईवे पर जल्द शुरू होगा पुन: निर्माण कार्य
मुजफ्फरनगर। दिल्ली-दून नेशनल हाईवे-58 पर मुजफ्फरनगर से रुड़की के बीच निर्माण कार्य फिर से जल्द प्रारंभ होगा, जिससे हाईवे पर फोरलेनबनने से जहां यात्रा सुगम होगी। उत्तराखंड के सीएम ने दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर इस मार्ग के निर्माण की मांग। इस पर गडकरी ने जल्द फोरलेन हाईवे निर्माण कार्य को फिर से प्रारंभ करवाने का आश्वासन दिया है।
दिल्ली-दून नेशनल हाईवे मेरठ से लेकर देहरादून तक फोरलेन बनना प्रस्तावित है। तीन भागों में इसका निर्माण होना है। जिसमें पहला भाग मेरठ के परतापुर से लेकर मुजफ्फरनगर रामपुर चौराहे तक, दूसरे भाग में रामपुर चौराहे से लेकर रुड़की तक तथा तीसरे भाग में रुड़की से लेकर देहरादून तक फोरलेन हाईवे का निर्माण होना है। बीते नौ सालों से इस परियोजना पर कार्य चल रहा है। मेरठ परतापुर से लेकर मुजफ्फरनगर के रामपुर चौराहे तक फोरलेन हाईवे का निर्माण वर्ष 2012 में पूरा हो गया था। इसके बाद बीते चार वर्षों से रामपुर चौराहे से लेकर रुड़की तक फोरलेन हाईवे निर्माण का कार्य शुरू है।
नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने हाईवे निर्माण की जिम्मेदारी प्राइवेट कंपनी ऐरा को सौंप रखी है। बीते तीन वर्षों में फोरलाईन हाईवे का निर्माण करीब 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। हाईवे की पुलिया, ओवरब्रिज, बरला में टोल प्लाजा आदि का निर्माण हो चुका है। मगर पुरकाजी बाईपास को छोड़ कर मुजफ्फरनगर से लेकर रुड़की तक हाईवे फोरलेन नहीं हुआ है। कहीं पर एक साइड का हाईवे अधूरा है तो कहीं पर दूसरी साइड का हाईवे अधूरा है, जिस कारण तमाम यातायात वन वे होकर ही गुजरता है।
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गत एक वर्ष से तो फोरलेन हाईवे का निर्माण कार्य पूरी तरह से रुका पड़ा है। जबकि दिल्ली-देहरादून और चार धाम का का ये ही मुख्यमार्ग है। अपने तीन दिवसीय दिल्ली प्रवास के दौरान उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर इस हाईवे का निर्माण पूरा करवाने की मांग की, जिस पर गडकरी ने जल्द ही फिर से निर्माण कार्य शुरु करा कर इस फोरलाईन हाईवे को पूरा करवाने का आश्वासन दिया है।
हादसों का कारण बना है अधूरा निर्माण
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर-रुड़की के बीच नेशनल हाईवे का अधूरा निर्माण हादसों का कारण बना है। हाईवे पर यातायात वन वे होने के कारण अक्सर सड़क हादसे होते हैं। पुरकाजी, बरला, छपार, बढेड़ी, सिसौना ऐसे प्वाइंट है, जिन पर बीते एक वर्ष में हुए सड़क हादसो में पचास से अधिक यात्रियों की मौत हो चुकी है।
कई कारणों से बंद हुआ था काम
मुजफ्फरनगर। फोरलेन हाईवे निर्माण कर रही कंपनी ऐरा के साइट इंचार्ज राजीव कुमार का कहना है कि कई कारणों से एक साल से काम रुका है। एक तो खनन बंद है, दूसरे बरसात का मौसम है, तीसरा कारण छपार में कुछ मकान मालिकों को मुआवजा नहीं मिला। इसलिए उन्होंने मकान नहीं हटाए हैं। राजीव ने दो अक्तूबर के बाद हाईवे पर कार्य प्रारंभ करने की बात कही है।
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मुजफ्फरनगर। दिल्ली-दून नेशनल हाईवे-58 पर मुजफ्फरनगर से रुड़की के बीच निर्माण कार्य फिर से जल्द प्रारंभ होगा, जिससे हाईवे पर फोरलेनबनने से जहां यात्रा सुगम होगी। उत्तराखंड के सीएम ने दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर इस मार्ग के निर्माण की मांग। इस पर गडकरी ने जल्द फोरलेन हाईवे निर्माण कार्य को फिर से प्रारंभ करवाने का आश्वासन दिया है।
दिल्ली-दून नेशनल हाईवे मेरठ से लेकर देहरादून तक फोरलेन बनना प्रस्तावित है। तीन भागों में इसका निर्माण होना है। जिसमें पहला भाग मेरठ के परतापुर से लेकर मुजफ्फरनगर रामपुर चौराहे तक, दूसरे भाग में रामपुर चौराहे से लेकर रुड़की तक तथा तीसरे भाग में रुड़की से लेकर देहरादून तक फोरलेन हाईवे का निर्माण होना है। बीते नौ सालों से इस परियोजना पर कार्य चल रहा है। मेरठ परतापुर से लेकर मुजफ्फरनगर के रामपुर चौराहे तक फोरलेन हाईवे का निर्माण वर्ष 2012 में पूरा हो गया था। इसके बाद बीते चार वर्षों से रामपुर चौराहे से लेकर रुड़की तक फोरलेन हाईवे निर्माण का कार्य शुरू है।
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नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने हाईवे निर्माण की जिम्मेदारी प्राइवेट कंपनी ऐरा को सौंप रखी है। बीते तीन वर्षों में फोरलाईन हाईवे का निर्माण करीब 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। हाईवे की पुलिया, ओवरब्रिज, बरला में टोल प्लाजा आदि का निर्माण हो चुका है। मगर पुरकाजी बाईपास को छोड़ कर मुजफ्फरनगर से लेकर रुड़की तक हाईवे फोरलेन नहीं हुआ है। कहीं पर एक साइड का हाईवे अधूरा है तो कहीं पर दूसरी साइड का हाईवे अधूरा है, जिस कारण तमाम यातायात वन वे होकर ही गुजरता है।
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गत एक वर्ष से तो फोरलेन हाईवे का निर्माण कार्य पूरी तरह से रुका पड़ा है। जबकि दिल्ली-देहरादून और चार धाम का का ये ही मुख्यमार्ग है। अपने तीन दिवसीय दिल्ली प्रवास के दौरान उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर इस हाईवे का निर्माण पूरा करवाने की मांग की, जिस पर गडकरी ने जल्द ही फिर से निर्माण कार्य शुरु करा कर इस फोरलाईन हाईवे को पूरा करवाने का आश्वासन दिया है।
हादसों का कारण बना है अधूरा निर्माण
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर-रुड़की के बीच नेशनल हाईवे का अधूरा निर्माण हादसों का कारण बना है। हाईवे पर यातायात वन वे होने के कारण अक्सर सड़क हादसे होते हैं। पुरकाजी, बरला, छपार, बढेड़ी, सिसौना ऐसे प्वाइंट है, जिन पर बीते एक वर्ष में हुए सड़क हादसो में पचास से अधिक यात्रियों की मौत हो चुकी है।
कई कारणों से बंद हुआ था काम
मुजफ्फरनगर। फोरलेन हाईवे निर्माण कर रही कंपनी ऐरा के साइट इंचार्ज राजीव कुमार का कहना है कि कई कारणों से एक साल से काम रुका है। एक तो खनन बंद है, दूसरे बरसात का मौसम है, तीसरा कारण छपार में कुछ मकान मालिकों को मुआवजा नहीं मिला। इसलिए उन्होंने मकान नहीं हटाए हैं। राजीव ने दो अक्तूबर के बाद हाईवे पर कार्य प्रारंभ करने की बात कही है।